
Shah Times image of Shahnawaz Rana with advocates in Bareilly
बरेली कचहरी परिसर में शाहनवाज राना का भव्य स्वागत, दिखी एकजुटता
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चुनाव में दावेदारी पेश कर रहे शाहनवाज राना का बरेली में अधिवक्ताओं ने भव्य स्वागत किया। कचहरी परिसर में बैठक, जनसंपर्क और लंच कार्यक्रम के दौरान समर्थन और उत्साह साफ दिखा।
📍 Bareilly ✍️ Irfan Muneem
बरेली आगमन और कचहरी में माहौल
बरेली शहर बुधवार की सुबह उस वक्त चुनावी रंग में नजर आया जब बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चुनाव में मजबूती से अपनी दावेदारी पेश कर रहे पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता शाहनवाज़ राना कचहरी परिसर पहुंचे। उनके पहुंचते ही अधिवक्ता साथियों ने जोरदार स्वागत किया। फूल मालाएं, नारों की गूंज और आपसी मुलाकातों से पूरा परिसर एकजुटता और उत्साह से भरा दिखा। इस दौरान लॉयर्स, बार मेंबर और यंग एडवोकेट्स बड़ी तादाद में मौजूद रहे, जिनमें महिलाओं की भी शिरकत देखी गई।
चुनावी संदर्भ और उपस्थिति
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के इस चुनाव में प्रदेश भर के अधिवक्ताओं की निगाहें प्रत्याशियों की गतिविधियों पर टिकी हैं। इसी क्रम में बरेली का यह दौरा अहम माना जा रहा था। शाहनवाज़ राना के साथ वरिष्ठ और युवा अधिवक्ताओं का काफिला मौजूद रहा। कचहरी के अलग अलग हिस्सों में मुलाकातें, छोटे छोटे संवाद और सीट दर सीट जनसंपर्क चलता रहा, जिससे चुनावी माहौल और सक्रिय हो गया।
बैठक में उठे मुद्दे
बरेली पहुंचते ही शाहनवाज़ राना ने अधिवक्ताओं के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में प्रोफेशन से जुड़े मसलों, बार काउंसिल की भूमिका, ज्यूडिशियल सिस्टम में अधिवक्ताओं के हितों की हिफाजत और संगठन को और मजबूत बनाने पर बातचीत हुई। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि एडवोकेट्स न्याय व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा जरूरी है। इस बातचीत में मौजूद अधिवक्ताओं ने अपने अपने सवाल रखे और रोजमर्रा की पेश आने वाली दिक्कतों का जिक्र किया।
संवाद और अपील
शाहनवाज़ राना ने अधिवक्ताओं से सीधे संवाद करते हुए समर्थन और सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि बार काउंसिल में प्रभावी प्रतिनिधित्व के लिए संगठित समर्थन जरूरी है। इसी दौरान उन्होंने अपने चुनाव चिन्ह और क्रमांक का उल्लेख करते हुए प्रथम वरीयता के मत की अपील की। कचहरी परिसर में उनकी यह अपील कई अधिवक्ताओं तक सीधे पहुंची।










सीट दर सीट जनसंपर्क
बैठक के बाद शाहनवाज़ राना कचहरी परिसर में सीट दर सीट गए। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अधिवक्ताओं से मुलाकात की, हालचाल जाना और चुनावी समर्थन मांगा। इस दौरान वरिष्ठ वकीलों के साथ साथ युवा एडवोकेट्स ने भी उनसे बातचीत की। कई जगहों पर छोटे समूहों में चर्चा हुई, जिसमें केस मैनेजमेंट, लाइब्रेरी सुविधाएं, कोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और वेलफेयर स्कीम्स जैसे विषय सामने आए।
समर्थन और भरोसा
कचहरी परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं ने शाहनवाज़ राना को समर्थन का भरोसा दिया। इस दौरान कई अधिवक्ताओं ने कहा कि बार काउंसिल में मजबूत आवाज जरूरी है। डॉ राना के चेहरे पर आत्मविश्वास साफ नजर आया और वे अधिवक्ताओं के स्नेह से गदगद दिखे। पूरा माहौल एकजुटता और चुनावी सक्रियता का था।
समय और कार्यक्रम
सुबह करीब ग्यारह बजे बरेली पहुंचे शाहनवाज़ राना ने शहर के अलग अलग हिस्सों से आए अधिवक्ताओं से मुलाकात की। कचहरी परिसर में कार्यक्रम तय शेड्यूल के अनुसार चला। बैठक, जनसंपर्क और अंत में अधिवक्ताओं के सम्मान में लंच का आयोजन किया गया। इस लंच में सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए, जहां आपसी बातचीत और नेटवर्किंग भी देखने को मिली।
लंच कार्यक्रम में सहभागिता
लंच के दौरान अधिवक्ताओं ने शाहनवाज़ राना से अनौपचारिक बातचीत की। कई लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और चुनाव को लेकर चर्चा की। इस आयोजन में वरिष्ठ अधिवक्ता इमारत हुसैन अंसारी, वसी अहमद, मुश्ताक, नसीमुल्लाह, संजीव शंखधर, बालमुकुंद गंगवार, अनिल अग्रवाल, शशिकांत तिवारी, मो इरफान मुनीम, मुमताज अली, मयूर तलवार, ऋषभ मिश्रा, जफरूद्दीन मंसूरी, आदर्श दिवाकर, मुनीब हुसैन जैदी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और समर्थक मौजूद रहे।
संगठन और प्रतिनिधित्व
बार काउंसिल के चुनाव में संगठनात्मक मजबूती एक अहम फैक्टर मानी जाती है। बरेली के इस कार्यक्रम में यह साफ दिखा कि अधिवक्ताओं के बीच आपसी तालमेल और संवाद कितना सक्रिय है। शाहनवाज़ राना ने बार काउंसिल के प्लेटफॉर्म से अधिवक्ताओं के हितों को आगे बढ़ाने की बात दोहराई।
कचहरी परिसर की तस्वीर
दिन भर कचहरी परिसर में चुनावी हलचल बनी रही। बैनर, पोस्टर और बातचीत के जरिए प्रत्याशियों का परिचय और अपीलें जारी रहीं। शाहनवाज़ राना के आने से यह गतिविधि और तेज हो गई। अलग अलग चैम्बर्स के बाहर समूहों में चर्चा, वोटिंग प्रोसेस पर बातचीत और बार काउंसिल की जिम्मेदारियों को लेकर सवाल जवाब का दौर चलता रहा।
अधिवक्ताओं की भागीदारी
इस पूरे कार्यक्रम में युवा और सीनियर दोनों वर्गों की भागीदारी दिखी। कई जूनियर एडवोकेट्स ने बार काउंसिल में ट्रेनिंग, वेलफेयर और लाइब्रेरी से जुड़ी उम्मीदें साझा कीं। सीनियर अधिवक्ताओं ने प्रतिनिधित्व और प्रोफेशनल एथिक्स पर बात की। यह संवाद चुनावी प्रक्रिया में अधिवक्ताओं की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है।
मतदान की अपील
शाहनवाज़ राना ने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे उन्हें क्रमांक दो सौ छियासठ पर प्रथम वरीयता का मत दें। उन्होंने कहा कि मौका मिलने पर वे अधिवक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाएंगे। यह अपील उनके जनसंपर्क अभियान का अहम हिस्सा रही।
बरेली और जनपद स्तर पर असर
बरेली सहित पूरे जनपद के अधिवक्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक बनाया। आसपास के क्षेत्रों से आए वकीलों ने भी कचहरी परिसर में भाग लिया। इससे यह साफ हुआ कि चुनावी गतिविधि केवल शहर तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे जिले में फैल चुकी है।
मीडिया और सूचना
कार्यक्रम के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने भी गतिविधियों को कवर किया। फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए गए, जिससे चुनावी माहौल की तस्वीर बाहर तक पहुंची। यह कवरेज बार काउंसिल चुनाव की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जानकारी के प्रसार को दिखाता है।
दिन का समापन
शाम की ओर कार्यक्रम का औपचारिक हिस्सा समाप्त हुआ। अधिवक्ताओं ने एक दूसरे से विदा ली और अगले चरण की तैयारी पर चर्चा करते हुए कचहरी परिसर से निकले। शाहनवाज़ राना ने सभी अधिवक्ता साथियों का आभार जताया और उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
चुनावी प्रक्रिया की निरंतरता
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चुनाव में आगे भी ऐसे कार्यक्रम और जनसंपर्क गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। बरेली का यह कार्यक्रम उसी कड़ी का हिस्सा रहा, जहां संवाद, समर्थन और संगठनात्मक गतिविधियां एक साथ नजर आईं।






