
Agra police investigation scene regarding student assault case Shah Times
किरावली प्रकरण में पुलिस कार्रवाई, जांच जारी
नाबालिग छात्र से मारपीट आरोप, मेडिकल रिपोर्ट विवाद
आगरा के थाना किरावली क्षेत्र में एक नाबालिग छात्र से पुलिस चौकी पर कथित मारपीट का मामला सामने आया है। परिजनों ने छात्र का हाथ टूटने का आरोप लगाया, जबकि मेडिकल रिपोर्ट में फ्रैक्चर की पुष्टि नहीं हुई। प्रारंभिक जांच के बाद दो उप निरीक्षकों को निलंबित किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
📍आगरा ✍️ राजेश तौमर
आगरा कमिश्नरेट के थाना किरावली क्षेत्र के गांव नानपुर से एक मामला सामने आया है, जिसमें दसवीं कक्षा के एक नाबालिग छात्र को चौकी पर बुलाकर मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। यह वाकया 18 फरवरी 2026 को दो किशोरों के बीच हुई कहासुनी के बाद शुरू हुआ। दोनों पक्षों ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 फरवरी की शाम गांव के दो किशोरों के बीच मामूली विवाद हुआ। परिवार के सदस्यों ने बताया कि उसी दिन पुलिस को सूचना दी गई थी और फोन पर समझाइश देकर मामला शांत कराया गया था। उस समय किसी औपचारिक गिरफ्तारी या हिरासत की कार्रवाई नहीं हुई थी।
चौकी पर बुलाने का आरोप
परिजनों के अनुसार, 20 फरवरी को चौकी पर तैनात दो उप निरीक्षक गांव पहुंचे और दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए चौकी आने को कहा। छात्र परीक्षा देकर घर लौटा ही था कि उसे भी चौकी ले जाया गया। परिवार का कहना है कि चौकी में छात्र के साथ मारपीट की गई।
परिजनों का आरोप है कि मामले को समाप्त करने के एवज में धनराशि की मांग की गई। इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। छात्र को उसी दिन शाम को घर भेज दिया गया।
स्वास्थ्य स्थिति और मेडिकल परीक्षण
परिवार ने बताया कि छात्र को रात में हाथ में दर्द की शिकायत रही। अगले दिन चिकित्सक को दिखाने पर एक्स-रे कराया गया। परिजनों का दावा है कि हाथ में फ्रैक्चर पाया गया। वहीं पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि चिकित्सकीय रिपोर्ट और एक्स-रे के अनुसार किसी प्रकार का फ्रैक्चर नहीं मिला।
पुलिस उपायुक्त पश्चिमी क्षेत्र के अनुसार बच्चे का मेडिकल परीक्षण कराया गया था। रिपोर्ट में गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई है। मेडिकल दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया का हिस्सा हैं और विस्तृत जांच जारी है।
परीक्षा पर प्रभाव
छात्र इस समय दसवीं की बोर्ड परीक्षा दे रहा है। परिजनों ने चिंता व्यक्त की है कि हाथ में चोट के कारण परीक्षा देना कठिन हो सकता है। हालांकि शिक्षा विभाग की ओर से अब तक इस संबंध में कोई औपचारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
शिकायत और प्रशासनिक कार्रवाई
शनिवार को परिजन शिकायत लेकर पुलिस उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। उस समय वीआईपी ड्यूटी के कारण वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी। बाद में मामला सार्वजनिक होने पर सहायक पुलिस आयुक्त अछनेरा को जांच सौंपी गई।
प्रारंभिक जांच में प्रक्रिया संबंधी त्रुटि पाई गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार न्याय के नैसर्गिक सिद्धांतों के तहत किशोर को चौकी पर बैठाना उचित नहीं था। इसी आधार पर दोनों उप निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस का आधिकारिक बयान
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 18 फरवरी को दो किशोरों के बीच मारपीट का मामला था। 20 फरवरी को दोनों पक्ष चौकी पर आए थे और आपसी सहमति से विवाद समाप्त किया गया था। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या किसी प्रकार की अनावश्यक बल प्रयोग की स्थिति बनी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मानवाधिकार और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाता है। यदि किसी भी स्तर पर उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व घटनाओं की पृष्ठभूमि
क्षेत्र में पूर्व में भी पुलिस पूछताछ के दौरान कथित बल प्रयोग की घटनाएं चर्चा में रही हैं। हालांकि प्रत्येक मामले की जांच अलग-अलग आधार पर की जा रही है। वर्तमान प्रकरण में भी विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
जांच की वर्तमान स्थिति
सहायक पुलिस आयुक्त अछनेरा द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए गए हैं। छात्र और उसके परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट, एक्स-रे और अन्य दस्तावेजों को जांच में शामिल किया गया है।
प्रशासन ने कहा है कि यदि मारपीट की पुष्टि होती है तो परिजनों की तहरीर के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों उप निरीक्षक निलंबित हैं और विभागीय जांच जारी है।
समुदाय की प्रतिक्रिया
गांव में इस घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की पारदर्शी जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।




