
Shah Times infographic showing healthy aging tips and lifestyle guidance
उम्र बढ़ना: प्राकृतिक प्रक्रिया और स्वास्थ्य उपाय
स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए जरूरी कदम
जीवन को लंबा और ऊर्जावान बनाने के तरीके
उम्र बढ़ना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। सही जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच से लंबा और सक्रिय जीवन संभव है।
📍अहमदाबाद
✍️ डॉ. संजय अग्रवाल
उम्र बढ़ना क्या है?
उम्र बढ़ना एक प्राकृतिक, क्रमिक और अपरिवर्तनीय प्रक्रिया है। यह प्रारंभिक वयस्कता से ही शुरू हो जाती है। समय के साथ शरीर की कोशिकाएँ, ऊतक और अंग अपनी कार्यक्षमता में धीरे-धीरे कमी अनुभव करते हैं।
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर की विभिन्न क्रियाओं में गिरावट आती है और कई उम्र-संबंधी रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इनमें शामिल हैं:
न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग
हृदय रोग
मेटाबोलिक विकार
अस्थि और मांसपेशी संबंधी रोग
प्रतिरक्षा तंत्र की कमजोरी
क्रोनोलॉजिकल एज केवल वर्षों की गणना पर आधारित होती है, जबकि बायोलॉजिकल एज वास्तविक जैविक परिवर्तन दिखाती है। मानसिक अवस्था पर आधारित मनोवैज्ञानिक आयु यह बताती है कि व्यक्ति खुद को कितना युवा महसूस करता है।
उम्र बढ़ने के कारण
उम्र बढ़ने के पीछे कई आंतरिक और बाहरी कारण हैं।
आंतरिक कारण:
हार्मोन स्तर में बदलाव
प्रतिरक्षा प्रणाली की कमजोरी
फ्री रैडिकल्स से होने वाली क्षति
सूजन
बाहरी कारण:
अस्वस्थ जीवनशैली
मानसिक तनाव
धूप और प्रदूषण का अधिक संपर्क
नशे का सेवन
स्वस्थ वृद्धावस्था क्या है?
स्वस्थ वृद्धावस्था का उद्देश्य उम्र बढ़ने के नकारात्मक प्रभावों को कम करना या देर से आने देना है। इसका लक्ष्य है:
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना
उम्र-संबंधी रोगों से बचाव
सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन जीना
American Academy of Anti-Aging Medicine के अनुसार, स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए जरूरी आदतें:
शारीरिक, सामाजिक और मानसिक रूप से सक्रिय रहना
संतुलित और पौष्टिक आहार लेना
धूम्रपान और अत्यधिक शराब से बचना
पर्याप्त नींद लेना
तनाव से दूर रहना
नियमित स्वास्थ्य जांच कराना
धूप से बचाव हेतु सनग्लासेस, सनस्क्रीन और टोपी का उपयोग
एंटी-एजिंग मेडिसिन क्या है?
एंटी-एजिंग मेडिसिन एक वैज्ञानिक क्षेत्र है, जो जीवनकाल बढ़ाने और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने पर केंद्रित है। यह शरीर की सुंदरता, कार्यक्षमता और ऊर्जा को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है।
यह विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा तकनीक का उपयोग करके उम्र-संबंधी विकारों की:
प्रारंभिक पहचान
रोकथाम
उपचार
संभावित सुधार
पर काम करता है।
एंटी-एजिंग दवाएँ और प्राकृतिक तत्व
हाल के शोध बताते हैं कि कुछ दवाएँ और प्राकृतिक तत्व शरीर के विभिन्न तंत्रों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
दवाएँ:
मेटफॉर्मिन, मेलाटोनिन, रैपामाइसिन
निकोटिनामाइड मोनोन्यूक्लियोटाइड
एस्पिरिन, स्टैटिन्स
को-एंजाइम Q10, अल्फा-केटोग्लूटरेट
प्राकृतिक तत्व:
क्वेरसेटिन, केम्पफेरोल, करक्यूमिन
मायरीसेटिन, एंथोसायनिन्स, कैटेचिन्स
एस्टैक्सैंथिन, रेस्वेराट्रॉल, जिनसेंग
नैनो-प्रौद्योगिकी और स्टेम सेल थेरेपी के विकास के साथ भविष्य में मानव समाज अधिक दीर्घायु और ऊर्जावान हो सकता है।
निष्कर्ष
उम्र बढ़ना प्राकृतिक है, लेकिन स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहना संभव है। सही जीवनशैली, संतुलित आहार, सकारात्मक सोच और आधुनिक चिकित्सा के सहयोग से न केवल लंबा जीवन जी सकते हैं, बल्कि उसे गुणवत्ता से भी भर सकते हैं।
युवा दिखना ही नहीं, युवा महसूस करना ही असली एंटी-एजिंग है। ✨

डॉ. संजय अग्रवाल
वैज्ञानिक सलाहकार
एल्कोमेक्स जीबीएन फार्मा ग्रुप यूएसए
www.drsanjayagrawal.in




