
Advocates attending the Shahnawaz Rana UP Bar Council election meeting in Ghaziabad, organized by Shah Times
बार काउंसिल चुनाव: गाजियाबाद में अधिवक्ताओं की बड़ी बैठक
शाहनवाज़ राना का गाजियाबाद दौरा, वकीलों से सीधा संवाद
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल चुनाव के तहत गाजियाबाद में वरिष्ठ और युवा अधिवक्ताओं की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में अधिवक्ता शाहनवाज़ राना ने अपने पिछले कार्यकाल और प्रस्तावों की जानकारी दी।
📍Ghaziabad ✍️ Asif Khan
गाजियाबाद में चुनावी गतिविधियां तेज
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के आगामी चुनाव को लेकर गाजियाबाद में चुनावी गतिविधियां तेज होती दिखाई दीं। इसी क्रम में पूर्व विधायक और पूर्व उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश बार काउंसिल एडवोकेट शाहनवाज़ राना की ओर से एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में गाजियाबाद के युवा अधिवक्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता और विभिन्न बार एसोसिएशन से जुड़े वकील शामिल हुए। आयोजन स्थल पर अधिवक्ताओं की बड़ी मौजूदगी दर्ज की गई।
बैठक का उद्देश्य
बैठक का मुख्य उद्देश्य अधिवक्ताओं से सीधे संवाद करना और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा करना रहा। आयोजन के दौरान अधिवक्ता शाहनवाज़ राना ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों और अधिवक्ताओं से जुड़े प्रस्तावों को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि किस प्रकार बार काउंसिल स्तर पर अधिवक्ताओं के लिए आर्थिक और प्रशासनिक मुद्दों पर काम किया गया।
शाहनवाज़ राना का संबोधन
अपने संबोधन में शाहनवाज़ राना ने कहा कि वह लंबे समय से अधिवक्ताओं से जुड़े मामलों को उठाते रहे हैं। उन्होंने पूर्व कार्यकाल का उल्लेख करते हुए बताया कि उपाध्यक्ष पद पर रहते हुए अधिवक्ताओं को दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि में बढ़ोतरी की गई थी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उस समय निर्धारित की गई राशि वर्तमान में भी लागू है।


















उन्होंने आगे कहा कि यदि उन्हें फिर से अवसर मिलता है, तो इस राशि में और बढ़ोतरी के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों पर भी बात रखी और बताया कि प्रैक्टिस के शुरुआती वर्षों में आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए कुछ प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
युवा अधिवक्ताओं पर फोकस
बैठक के दौरान युवा अधिवक्ताओं के मुद्दे प्रमुख रूप से चर्चा में रहे। शाहनवाज़ राना ने बताया कि प्रैक्टिस के पहले पांच वर्षों में युवा अधिवक्ताओं को आर्थिक स्थिरता देने के लिए मानदेय तय कराने से जुड़े प्रस्तावों पर पहले भी चर्चा की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जाते रहे हैं और आगे भी यह मुद्दा प्राथमिकता में रहेगा।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं की भागीदारी
इस बैठक में कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने मंच से अपने विचार साझा किए। वरिष्ठ अधिवक्ता अयूब अली ने कहा कि शाहनवाज़ राना के कार्यकाल में अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाया गया। उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि बार काउंसिल के चुनाव अधिवक्ताओं के भविष्य से जुड़े होते हैं और ऐसे में अनुभव और कामकाज को ध्यान में रखकर निर्णय लेना आवश्यक है।
राजकुमार शर्मा का वक्तव्य
बैठक को संबोधित करते हुए पांच बार के उपाध्यक्ष रह चुके राजकुमार शर्मा ने कहा कि बार काउंसिल के चुनाव में क्षेत्रीय और पेशेवर मुद्दों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने पश्चिम उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे संगठित होकर चुनाव प्रक्रिया में भाग लें।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की समस्याओं को बार काउंसिल के स्तर पर उठाने के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व की आवश्यकता होती है और इसके लिए अनुभव महत्वपूर्ण है।
अन्य वक्ताओं के विचार
बैठक के दौरान अधिवक्ता अब्दुल्ला ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद से बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की भागीदारी इस बात का संकेत है कि चुनाव को लेकर जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिवक्ताओं की एकजुटता बार काउंसिल के कामकाज को मजबूत बनाती है।
योगेश वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि बार काउंसिल चुनाव में सभी अधिवक्ताओं को मतदान प्रक्रिया में भाग लेना चाहिए ताकि प्रतिनिधित्व व्यापक हो सके।
लीगल समुदाय की मौजूदगी
बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता और शाह टाइम्स के लीगल एडवाइजर वीरेंद्र सिंह एडवोकेट भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों पर निरंतर चर्चा होती रही है और ऐसे आयोजनों से संवाद का अवसर मिलता है।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं की भागीदारी बार काउंसिल के चुनाव में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
आयोजन स्थल का माहौल
बैठक के दौरान आयोजन स्थल पर अनुशासित माहौल देखा गया। अधिवक्ताओं ने ध्यानपूर्वक वक्ताओं की बात सुनी और बैठक के अंत तक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित अधिवक्ताओं ने आपसी संवाद किया और चुनाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
चुनावी प्रक्रिया का संदर्भ
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव अधिवक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस चुनाव के माध्यम से चुने गए प्रतिनिधि अधिवक्ताओं से जुड़े मामलों को बार काउंसिल के स्तर पर उठाते हैं। ऐसे में विभिन्न जिलों में बैठकों और संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
गाजियाबाद में आयोजित यह बैठक भी इसी क्रम का हिस्सा रही, जहां अधिवक्ताओं ने चुनाव से जुड़े मुद्दों पर जानकारी साझा की।
आगे की गतिविधियां
बैठक के बाद आयोजकों की ओर से बताया गया कि आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी इसी तरह के संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अधिवक्ताओं तक जानकारी पहुंचाना और चुनावी प्रक्रिया से जोड़ना बताया गया।
बार काउंसिल चुनाव की तिथियों के नजदीक आते ही प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में इस तरह की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।





