
कश्मीरी कहवा क्या है, इसका सेवन करने से कौन सी बीमारियां ठीक होती है?

कश्मीर की वादियों में ठंड सिर्फ मौसम में ही नहीं, बल्कि जीवनशैली में भी रची-बसी है। जी हां बिल्कुल सही सुना आपने। दरअसल इसी ठंड से राहत और मेहमाननवाज़ी की पहचान है कश्मीर कहवा। यह एक पारंपरिक हर्बल पेय, जो स्वाद, खुशबू और सेहत तीनों का मेल है। आज यह कहवा केवल कश्मीर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश–विदेश में पसंद किया जाने लगा है। आइए जानते हैं कश्मीर कहवा के बारे में?
क्या है कश्मीर कहवा?
कश्मीर कहवा हरी चाय (ग्रीन टी) के आधार पर तैयार किया जाता है। इसमें आमतौर पर केसर, इलायची, दालचीनी, लौंग और बादाम डाले जाते हैं। कुछ घरों में गुलाब की पंखुड़ियाँ या शहद भी मिलाया जाता है। इसे पारंपरिक रूप से समोवर में परोसा जाता है और खास मौकों पर मेहमानों को पेश किया जाता है।
स्वाद के साथ-साथ हेल्थ के लिए भी फायदेमंद?
कहवा को कश्मीर में सिर्फ पेय नहीं, बल्कि एक स्वास्थ्यवर्धक आदत माना जाता है। हालांकि इसे किसी बीमारी का पक्का इलाज कहना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है, फिर भी इसके नियमित और संतुलित सेवन से कई शारीरिक समस्याओं में सहायक लाभ बताए जाते हैं।
पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद
कहवा में मौजूद मसाले पाचन को बेहतर करने में मदद कर सकते हैं। भारी भोजन के बाद इसे पीना कश्मीर में आम है।
सर्दी-जुकाम से राहत मिलना
इलायची, दालचीनी और केसर जैसे तत्व शरीर को गर्माहट देते हैं, जिससे ठंड के मौसम में सर्दी-जुकाम के लक्षणों में आराम मिल सकता है।
तनाव और थकान में कमी
ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और कहवा की सुगंध मानसिक सुकून देने में सहायक मानी जाती है, जिससे तनाव कम महसूस हो सकता है।
दिल और मेटाबॉलिज़्म के लिए लाभदायक
कहवा में चीनी कम या न के बराबर होती है। ग्रीन टी आधारित होने के कारण यह मेटाबॉलिज़्म को सपोर्ट कर सकती है और हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक मानी जाती है।
ध्यान रखने योग्य बातें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी पेय या घरेलू नुस्खे को दवा का विकल्प नहीं समझना चाहिए। अगर किसी को गंभीर बीमारी है, तो डॉक्टर की सलाह सर्वोपरि है। अत्यधिक मात्रा में कहवा पीना भी उचित नहीं।
निष्कर्ष
कश्मीर कहवा कश्मीरी संस्कृति की खुशबू लिए एक ऐसा पेय है, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत को भी सहारा देता है। यह न तो चमत्कारी इलाज है और न ही दवा, लेकिन संतुलित सेवन में यह जीवनशैली को बेहतर बनाने में भूमिका निभा सकता है। बदलते समय में जब लोग प्राकृतिक और पारंपरिक विकल्पों की ओर लौट रहे हैं, कश्मीर कहवा एक सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है।




