
आप इस तरह से घर पर आसानी से उगा सकते हैं सौंठ?

सौंठ यानी सूखी अदरक, भारतीय रसोई और आयुर्वेद दोनों में अहम स्थान रखती है। सर्दी-जुकाम से लेकर मसालेदार व्यंजनों तक, सौंठ का उपयोग व्यापक है। अच्छी बात यह है कि इसे घर पर उगाना न केवल संभव है, बल्कि बेहद आसान भी है। थोड़ी सी जगह, सही मिट्टी और नियमित देखभाल से आप अपनी रसोई के लिए ताज़ी अदरक उगा सकते हैं, जिसे सुखाकर सौंठ बनाया जा सकता है।
सही बीज (अदरक की गांठ) का चयन
सौंठ उगाने के लिए बाजार से ताज़ी, मोटी और स्वस्थ अदरक की गांठें चुनें। ध्यान रखें कि उनमें “आंखें” (छोटे अंकुर बिंदु) स्पष्ट दिखाई दें। बहुत अधिक सूखी या सिकुड़ी हुई गांठ न लें।
मिट्टी और गमले की तैयारी
अदरक को भुरभुरी, जैविक पदार्थों से भरपूर और जल निकास वाली मिट्टी पसंद है। मिट्टी मिश्रण: 40% बगीचे की मिट्टी + 40% गोबर की खाद या कंपोस्ट + 20% रेत। गमला कम से कम 12 इंच गहरा और चौड़ा। लें ताकि गांठें फैल सकें।
रोपण की विधि
अदरक की गांठ को 2–3 इंच गहराई पर मिट्टी में दबाएं। अंकुर वाला हिस्सा ऊपर की ओर रखें। हल्की सिंचाई करें। रोपण का सबसे उपयुक्त समय फरवरी से अप्रैल के बीच होता है, हालांकि हल्के गर्म मौसम में इसे कभी भी लगाया जा सकता है।
देखभाल और सिंचाई का ध्यान रखें।
मिट्टी नम रखें, लेकिन पानी जमा न होने दें। पौधे को आंशिक धूप (फिल्टर्ड सनलाइट) में रखें। हर 20–25 दिन में जैविक खाद डालें। लगभग 7–8 महीनों में अदरक की फसल तैयार हो जाती है।
सौंठ बनाने की प्रक्रिया।
जब पौधे की पत्तियां पीली पड़ने लगें, तो समझिए फसल तैयार है। अदरक को निकालकर अच्छी तरह धो लें। 2–3 दिन धूप में सुखाएं। पूरी तरह सूखने पर यह सौंठ बन जाती है।
इसे एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें।
सौंठ के फायदे
घर की उगाई सौंठ रसायन-मुक्त होती है। यह पाचन सुधारने, प्रतिरक्षा बढ़ाने और सर्दी-खांसी में राहत देने में सहायक मानी जाती है।
निष्कर्ष
सौंठ उगाना केवल एक बागवानी गतिविधि नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर एक छोटा कदम है। सीमित जगह में भी इसे आसानी से उगाया जा सकता है। यदि आप घर की रसोई में शुद्ध और ताज़ा मसाले चाहते हैं, तो इस मौसम में अदरक लगाकर सौंठ बनाने की शुरुआत अवश्य करें।





