
आप भी इस तरह आसानी से घर पर उगा सकते हैं शुद्ध और फ्रेश हल्दी?

हल्दी भारतीय किचन का एक अहम हिस्सा है। हल्दी सिर्फ भारतीय खाना बनाने का मसाला नहीं है, बल्कि इसे आयुर्वेद में औषधीय गुणों वाला एक चमत्कारिक पौधा माना गया है। इसके एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर की सेहत को बेहतर बनाते हैं। हालांकि बाजार में हल्दी आसानी से मिल जाती है, लेकिन आजकल नकली या मिलावटी हल्दी की समस्या आम हो गई है। इससे न सिर्फ स्वाद प्रभावित होता है, बल्कि सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है. इसी वजह से लोग अब घर पर ही हल्दी उगाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। घर पर उगाई हुई हल्दी पूरी तरह से केमिकल फ्री और ताजी होती है। अच्छी खबर यह है कि हल्दी का पौधा उगाना इतना मुश्किल नहीं है। चलिए आज हम आपको बताते हैं कि घर पर हल्दी कैसे उगाएं?
हल्दी के गुना के बारे में जो सभी जानते हैं यह किसी को बताने की जरूरत नहीं है। हल्दी न सिर्फ एक साधारण सा मसाला है बल्कि आयुर्वेद में इसे एक पावरफुल मेडिसिन भी बताया गया है। वैसे तो आप हल्दी मार्केट से भी खरीद सकते हैं लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि अनजाने में मिलावटी हल्दी खरीद लाते हैं। नकली या मिलावटी हल्दी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आजकल कुछ लोग इसे घर पर उगाना भी पसंद कर रहे हैं। हल्दी के पौधे के बारे में अगर आपको बताएं तो इसे उगाना काफी ज्यादा आसान आसान होता है। हल्दी के पौधे को उगाने के लिए न ज्यादा बड़ी जगह की जरूरत पड़ती है और न ही ज्यादा केयर की। आज हम आपको कुछ ऐसे आसान स्टेप्स बताने जा रहे हैं जिन्हें जब आप सही तरीके से फॉलो करेंगे तो कुछ ही महीने में घर पर उगी हुई फ्रेश हल्दी का इस्तेमाल कर पाएंगे।
घर पर कैसे उगाएं हल्दी।
घर पर हल्दी उगाना बेहद आसान है। इसके लिए आपको ज्यादा जगह की भी जरूरत नहीं है। यदि आपके पास जगह की कमी है तो आप गमले में भी हल्दी उगा सकते हैं। इसके लिए आप गमले को तीन-चौथाई मिट्टी से भरें। फिर हल्दी के राइजोम को करीब 5 सेंटीमीटर नीचे रखें, ध्यान रहे आंखें ऊपर की ओर रहें।हल्की मिट्टी डालकर धीरे-धीरे पानी दें। गमले को गर्म और हल्की धूप वाली जगह रखें। 4-8 हफ्तों के अंदर नई कोंपलें नज़र आने लगती हैं।
कब काटे हल्दी की फ़सल
आपकी मेहनत का फल लगभग 8–10 महीने बाद मिलता है। जब पत्तियां सूखने लगें, तब राइजोम पूरी तरह तैयार होते हैं।गमले को धीरे-से पलटें और हल्दी के गुच्छों को निकालें। इन्हें एक हफ्ते तक छांव में सुखाने के बाद इस्तेमाल किया जा सकता है।चाहें तो कुछ टुकड़ों को दोबारा गमले में लगाकर नई खेती शुरू कर सकते हैं।







