हमारी हेल्थ के लिए किसी वरदान से कम नहीं है करेले के जूस का सेवन करना?

करेला भले ही स्वाद में कड़वा हो, लेकिन आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान दोनों में इसे सेहत का खज़ाना माना गया है। हाल के वर्षों में फिटनेस प्रेमियों और मधुमेह रोगियों के बीच करेले के जूस की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। सवाल है—क्या सचमुच यह जूस हमारी सेहत के लिए वरदान है, या इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं?
ब्लड शुगर कंट्रोल करने में सहायक
करेले में मौजूद चारेंटिन (Charantin) और पॉलिपेप्टाइड-पी जैसे तत्व शरीर में इंसुलिन की तरह काम कर सकते हैं। यही कारण है कि मधुमेह के रोगियों को सीमित मात्रा में करेले का जूस लेने की सलाह दी जाती है। यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मददगार साबित हो सकता है। हालांकि, जो लोग पहले से शुगर की दवा ले रहे हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना इसका सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि शुगर अत्यधिक कम भी हो सकती है।
पाचन तंत्र को मजबूत बनाना
करेले में फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है, जो पाचन को बेहतर बनाता है। यह कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं में राहत दे सकता है। सुबह खाली पेट इसका सेवन पाचन क्रिया को सक्रिय करने में सहायक माना जाता है।
वजन कम करने में सहायक
कम कैलोरी और अधिक फाइबर होने के कारण करेले का जूस वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है। यह लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास देता है और अनावश्यक भूख को कम करता है।
स्किन के लिए फायदेमंद
करेले में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन-C पाए जाते हैं, जो शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद करते हैं। इससे त्वचा पर निखार आ सकता है और मुंहासों की समस्या में सुधार देखा गया है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक
इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। मौसमी संक्रमण से बचाव में भी यह लाभकारी माना जाता है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
- अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से पेट दर्द, दस्त या उल्टी जैसी समस्या हो सकती है।
- गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।
- लो ब्लड शुगर वाले व्यक्तियों को सावधानी बरतनी चाहिए।




