
Delhi-NCR submerged as Yamuna river overflows, houses and relief camps inundated, thousands displaced.
दिल्ली-एनसीआर, पंजाब-हिमाचल में बारिश-बाढ़ से तबाही
दिल्ली समेत उत्तरी भारत बारिश से बेहाल, हालात नाज़ुक
उत्तरी भारत में बारिश-बाढ़ का कहर, दिल्ली-एनसीआर जलमग्न। पंजाब-हिमाचल में गाँव डूबे, मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया।मौसम विभाग ने 6 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया।
दिल्ली-एनसीआर में जलसंकट: बारिश-बाढ़ का दोहरा ख़तरा
पिछले कई दिनों से दिल्ली-एनसीआर में आसमान से बरस रही बारिश ने हालात नाज़ुक बना दिए हैं। यमुना नदी अपने ख़तरनाक स्तर (danger mark) से करीब 2 मीटर ऊपर बह रही है। शहर के निचले हिस्से जलमग्न हैं, राहत शिविरों तक पानी पहुँच चुका है। इंडियन मेटेरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने अगले 72 घंटे तक heavy rainfall with strong winds की चेतावनी दी है।
यमुना का रौद्र रूप: रिलीफ कैंप तक पहुँचा पानी
यमुना के किनारे बसे खादर, गढ़ी मांडू, पुराना उस्मानपुर, बदरपुर खादर, मोनेस्ट्री और यमुना बाजार में हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
अब तक 15,000 से अधिक लोग रिलीफ कैंप्स में शरण ले चुके हैं।
कई लोग तिरपाल डालकर सड़कों और डिवाइडर पर गुज़ारा कर रहे हैं।
राहत शिविरों में food packets और basic medicines की कमी की शिकायत मिल रही है।
एक ग्रामीण ओमवीर और व्यापारी संतोष शर्मा लापता हैं। NDRF और बोट क्लब की टीमों ने सौ से ज़्यादा लोगों को रेस्क्यू किया है।
दिल्ली में जलभराव और जाम की मार
रिंग रोड से लेकर कश्मीरी गेट बस अड्डा तक पानी भर चुका है।
गाड़ियाँ crawl mode में फँसी हुईं।
बच्चों को थर्मोकोल की नावों पर बैठाकर निकाला गया।
कई इमारतें जलमग्न और सड़कें नदी में तब्दील।
बेला रोड और सिविल लाइंस में तो हालात इतने ख़राब हुए कि गाड़ियाँ पूरी तरह डूब गईं।
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पंजाब और हिमाचल: हालात और भी गंभीर
सिर्फ दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि पंजाब और हिमाचल में भी बारिश का क़हर जारी है।
पंजाब में अब तक 37 मौतें, 1400 से अधिक गाँव बाढ़ की चपेट में।
हिमाचल के मंडी और कुल्लू में landslides से कई लोगों की जान गई।
झूसी बाँध के टूटने का ख़तरा गहराया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज पंजाब का दौरा करेंगे।
33 नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर
केंद्रीय जल आयोग (CWC) की रिपोर्ट के मुताबिक़:
यूपी: 9 नदियाँ
बिहार: 7 नदियाँ
असम: 7 नदियाँ
उत्तराखंड, ओडिशा, तेलंगाना: 2-2 नदियाँ
दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल: 1-1 नदी
इनमें से 21 नदियाँ गंभीर बाढ़ की स्थिति में हैं।
दिल्ली का मौसम और AQI
अधिकतम तापमान: 33°C
न्यूनतम तापमान: 24°C
AQI (Air Quality Index): 57, यानी satisfactory
IMD ने साफ कहा है कि next 3 hours में तेज़ आंधी-बारिश का अलर्ट है।
Counterpoints: प्रशासन बनाम जनता
प्रशासन का दावा है कि राहत और रेस्क्यू ऑपरेशन्स तेज़ी से चल रहे हैं।
लेकिन ज़मीनी हक़ीक़त कुछ और कह रही है—
शिविरों की संख्या कम
स्वच्छ पानी की कमी
मेडिकल हेल्प सीमित
लोगों का आरोप: “सरकार ने देर से चेतावनी दी, अब जान पर बन आई है।”
Analysis: जलवायु परिवर्तन की चेतावनी
यह स्थिति केवल seasonal flood नहीं है बल्कि climate crisis की एक चेतावनी है।
ग्लोबल वार्मिंग से मॉनसून पैटर्न बदल रहा है।
शहरीकरण (urbanisation) ने जलनिकासी सिस्टम को कमज़ोर बना दिया।
नदियों के floodplains पर बस्तियाँ और constructions बढ़े।
Conclusion: आगे की राह
दिल्ली-एनसीआर और उत्तरी भारत के लिए यह हालात केवल मौसम की मार नहीं बल्कि systemic failure का नतीजा हैं।
सरकार को early warning systems को मज़बूत करना होगा।
sustainable urban planning ज़रूरी है।
जनता को भी awareness और preparedness बढ़ानी होगी।
यमुना का ये रूप हमें याद दिलाता है कि कुदरत से खिलवाड़ की क़ीमत हमेशा भारी पड़ती है।






