
सर्दियों में सरसों का साग हमारी हेल्थ के लिए होता है बेहद फायदेमंद?

सर्दियां शुरू होते ही बाजार में हरी सब्जियों के ढेर लग जाते हैं। यह हरी सब्जियां जितनी खाने में स्वादिष्ट होती है, उतनी ही हमारी सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती हैं। इन्हीं में से एक है सरसों के साग। जी हां हम बात कर रहे हैं सरसों के साग की। जो सर्दियों में हर घर में बनाया जाता है। जिसकी खुशबू हर रसोई घर से आती है। बहुत कम लोग ही ऐसे होंगे जो सरसों के साग को खाना पसंद नहीं करते होंगे। लेकिन यह खाने में जितना स्वादिष्ट होता है उतना ही सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। तो चलिए आज हम आपको बताने वाले हैं कि सरसों के साग का सेवन करने से हमारी हेल्थ पर क्या असर पड़ता है।
ठंड आते ही बाजार में हरी पत्तेदार सब्जियों और साग की मांग बढ़ जाती है। मैथी, पालक तो लोग खूब खाते हैं, लेकिन सरसों का साग कम ही लोग खरीदते हैं। जबकि ये साग शरीर को अंदर से गर्म रखती है, और कई सारी स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों को दूर करने में मददगार साबित होती हैं। आयुर्वेद के अनुसार यह शरीर की आंतरिक गर्मी को बनाए रखता है।
सरसों का साग खाने के फायदे।
पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद
सरसों का साग पाचन शक्ति को बढ़ाता है और शरीर में आंतरिक गर्माहट बनाए रखता है, जिससे सर्दी-जुकाम और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।
आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंद
सरसों का साग आंखों की रोशनी, हड्डियों की मजबूती के लिए फायदेमंद माना जाता है।
बॉडी डिटॉक्स होना
सरसों के साग में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और ग्लूकोसाइनोलेट्स शरीर को डिटॉक्स करने और कोशिकाओं की रक्षा करने में मदद करते हैं।
ब्लड सर्कुलेशन
आयुर्वेद में इसे बल्य और रसायन माना गया है, जो रक्त संचार सुधारता है, मानसिक सुस्ती दूर करता है और स्फूर्ति देता है।
सरसों का साग बनाने का तरीका।
सरसों का साग बनाने का तरीका आसान है। ऐसे बनाएं कि इसके पोषक तत्व बरकरार रहें। सरसों के पत्तों में थोड़ा बथुआ या पालक मिलाएं। ज्यादा उबालने से बचें और धीमी आंच पर पकाएं। तड़के में देशी घी, लहसुन, अदरक और हींग, जीरा का इस्तेमाल कर सकते हैं। मक्की की रोटी के साथ इसे खाना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि संयोजन पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाता है और स्वाद को दोगुना कर देता है।




