
People celebrating New Year 2026 at major city landmarks across India and World– Shah Times
भारत में 2026 का स्वागत, पर्यटन स्थलों पर भारी रौनक
नए साल 2026 पर महानगरों से पहाड़ों तक उत्सव
भारत समेत दुनिया भर में नए साल 2026 का स्वागत उत्साह और सुरक्षा इंतजामों के बीच हुआ। महानगरों, पर्यटन स्थलों और धार्मिक केंद्रों पर बड़ी संख्या में लोग जुटे।
📍New Delhi ✍️ Asif Khan
भारत में 1 जनवरी 2026 की शुरुआत के साथ ही नए साल का जश्न दिखाई दिया। रात के 12 बजते ही कई शहरों में लोग सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और निजी आयोजनों में जुटे। राजधानी दिल्ली, आर्थिक राजधानी मुंबई, आईटी हब बेंगलुरु और अन्य बड़े शहरों में नए साल के स्वागत की तैयारियां पहले से की गई थीं। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया।
दिल्ली में प्रमुख केंद्रों पर भीड़
दिल्ली में नए साल का सबसे बड़ा जश्न कनॉट प्लेस और इंडिया गेट के आसपास देखा गया। शाम होते ही इन इलाकों में लोगों की संख्या बढ़ने लगी। ट्रैफिक पुलिस ने स्थिति को देखते हुए शाम से ही निगरानी शुरू कर दी थी। रात 7 बजे के बाद कुछ क्षेत्रों में वाहनों की एंट्री सीमित की गई, ताकि पैदल आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे। पुलिस और सिविल डिफेंस के जवान पूरे इलाके में तैनात रहे।
महानगरों में आयोजन और सुरक्षा
मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया, मरीन ड्राइव और जुहू बीच पर नए साल का जश्न देखने को मिला। शाम से ही लोग इन स्थानों पर पहुंचने लगे। प्रमुख क्लब, होटल और रेस्टोरेंट में pre-planned events आयोजित किए गए थे। पुलिस ने समुद्र किनारे और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया। CCTV monitoring और crowd control measures लागू किए गए।
NCR और आसपास के शहर
गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद में shopping malls, hotels और restaurants को नए साल की theme पर सजाया गया था। कई जगह live music और DJ events आयोजित हुए। परिवारों और युवाओं ने इन आयोजनों में हिस्सा लिया। स्थानीय प्रशासन ने traffic diversion और parking व्यवस्था के लिए दिशा-निर्देश जारी किए।
धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की मौजूदगी
नए साल की शुरुआत धार्मिक आस्था के साथ करने के लिए बड़ी संख्या में लोग विभिन्न तीर्थ स्थलों पर पहुंचे। उत्तर प्रदेश में काशी, अयोध्या, मथुरा और वृंदावन में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। हरिद्वार और ऋषिकेश में भी सुबह से ही लोग गंगा घाटों की ओर जाते नजर आए। प्रशासन ने सुरक्षा और crowd management के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए।
वैष्णो देवी और अन्य प्रमुख स्थल
जम्मू-कश्मीर में माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा। बढ़ती संख्या को देखते हुए shrine board ने registration प्रक्रिया में अस्थायी बदलाव किए। अन्य धार्मिक स्थलों पर भी medical facilities और volunteer services को सक्रिय रखा गया।
पहाड़ी पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों का रेला
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के hill stations नए साल पर पर्यटकों से भर गए। मनाली, शिमला, मसूरी, नैनीताल, देहरादून, गुलमर्ग और सोनमर्ग में होटल occupancy high रही। पर्यटकों के लिए local प्रशासन और tourism विभाग ने यातायात, parking और safety advisories जारी कीं। बर्फबारी वाले इलाकों में special patrol और emergency services तैनात रहीं।
होटल और पर्यटन उद्योग की तैयारियां
होटल, resort और guest houses में पहले से bookings देखी गईं। कई जगह cultural programs, music nights और dinner events आयोजित हुए। tourism stakeholders ने सुरक्षा और guest management पर जोर दिया। मौसम और road conditions को देखते हुए यात्रियों को travel advisory भी जारी की गई।
देश के अन्य शहरों में उत्सव
बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, जयपुर , मुजफ्फरनगर और लखनऊ समेत कई शहरों में नए साल का स्वागत शांतिपूर्ण तरीके से हुआ। public places पर पुलिस patrol बढ़ाई गई। कई जगह fireworks और community events आयोजित किए गए, जिन पर स्थानीय प्रशासन की निगरानी रही।
शीर्ष नेताओं की शुभकामनाएं
नए साल के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को 2026 की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने social media platform X पर संदेश साझा किया, जिसमें अच्छे स्वास्थ्य, समृद्धि और शांति की कामना की गई।
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भी नए साल पर शुभकामनाएं दीं और लोगों के लिए खुशहाली और सफलता की कामना की।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने letter जारी कर नए साल की बधाई दी और सामाजिक मूल्यों, अधिकारों और लोकतांत्रिक परंपराओं की बात कही।
वैश्विक स्तर पर नए साल का आगमन
भारत के अलावा दुनिया के कई हिस्सों में भी नए साल 2026 का स्वागत हुआ। सबसे पहले किरिबाती के किरीटीमाटी द्वीप और न्यूजीलैंड में नया साल शुरू हुआ। न्यूजीलैंड के चैथम आइलैंड में midnight celebrations देखी गईं।
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में हार्बर ब्रिज पर fireworks display हुआ, जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
एशिया के देशों में जश्न
चीन, सिंगापुर, जापान, साउथ कोरिया और नॉर्थ कोरिया में भी नए साल का स्वागत किया गया। सिंगापुर में fireworks और street celebrations आयोजित हुईं। जापान में पारंपरिक तरीके से मंदिरों में घंटियां बजाकर नए साल की शुरुआत की गई। इसे local tradition के अनुसार मनाया गया।
सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारी
देशभर में नए साल के दौरान law and order बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन सतर्क रहा। sensitive areas में अतिरिक्त बल, quick response teams और emergency services तैनात की गईं। traffic नियमों का पालन कराने के लिए checking drives भी चलाए गए।
नए साल की तारीख और परंपरा
नया साल 1 जनवरी को मनाया जाता है। इतिहास के अनुसार, 46 ईसा पूर्व में जूलियस सीजर द्वारा लागू Julian Calendar में वर्ष की गणना तय की गई थी। इसी के तहत 1 जनवरी को नए साल की शुरुआत मानी गई। समय के साथ यह परंपरा दुनिया के कई देशों में प्रचलित हुई।
शांतिपूर्ण आयोजन की रिपोर्ट
कुल मिलाकर, नए साल 2026 का स्वागत देशभर में शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से हुआ। प्रशासन, पुलिस और नागरिकों के सहयोग से अधिकांश स्थानों पर कार्यक्रम बिना किसी बड़ी घटना के संपन्न हुए।







