
हमारी सेहत के लिए गोंद कैसे होता है फायदेमंद, आइए जानते हैं?

भारतीय रसोई में सदियों से इस्तेमाल होने वाला गोंद हमेशा से चर्चा में रहा है। सर्दियों में बनने वाले लड्डुओं से लेकर डिलीवरी के बाद दी जाने वाली पौष्टिक खुराक तक, गोंद को आयुर्वेद और लोक-परंपराओं में खास स्थान मिला है। आधुनिक पोषण विज्ञान भी इसके कई फायदों की पुष्टि करता है।
औषधीय गोंद एक प्रकार का प्राकृतिक रेजिन है जो विभिन्न पेड़-पौधों से निकलता है, जिसे सदियों से आयुर्वेद और हर्बल दवाओं में इस्तेमाल किया जा रहा है। यह शरीर की कई समस्याओं में लाभकारी है और इसका सही इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है। अलग-अलग गोंद अलग-अलग बीमारियों में काम आते हैं और शरीर की कमजोरी, पाचन, हड्डियों की ताकत, त्वचा और इम्यूनिटी सुधारने में मदद करते हैं।
क्या है गोंद?
गोंद पेड़ों से निकलने वाला प्राकृतिक रेज़िन होता है, जो अलग-अलग पेड़ों से प्राप्त होता है। जिसे साफ़ कर खाने योग्य बनाया जाता है। बाजार में यह छोटे पारदर्शी दानों के रूप में मिलता है। आम तौर पर इसे घी में भूनकर इस्तेमाल किया जाता है।
कैसे फायदेमंद होता है गोंद
ऊर्जा और ताकत का बेहतर स्रोत
गोंद में प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट और कैल्शियम जैसे खनिज पाए जाते हैं, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में मदद करते हैं। यही कारण है कि सर्दियों में गोंद के लड्डू शरीर को गरमाहट और ताकत देते हैं।
हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक
कैल्शियम और मैग्नीशियम की मौजूदगी हड्डियों और जोड़ों को मज़बूत बनाती है। बढ़ती उम्र में होने वाले जोड़ों के दर्द और कमजोरी में गोंद लाभकारी माना जाता है।
पाचन तंत्र के लिए लाभकारी
भूना हुआ गोंद पाचन को बेहतर करता है। यह आंतों की गतिविधि को संतुलित रखने में सहायक है और कब्ज़ जैसी समस्याओं से राहत दिला सकता है।
महिलाओं के लिए विशेष उपयोगी
परंपरागत तौर पर प्रसूति के बाद महिलाओं को गोंद दिया जाता है, क्योंकि यह कमजोरी दूर करने, शरीर की रिकवरी और दूध उत्पादन में सहायक माना जाता है। मासिक धर्म के दौरान होने वाली थकान में भी यह मददगार हो सकता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ाने में सहायक।
गोंद में मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करने में भूमिका निभाते हैं, जिससे मौसमी बीमारियों से बचाव में मदद मिलती है।
सेवन में बरतें सावधानी।
हालांकि गोंद फायदेमंद है, लेकिन इसका अति सेवन नुकसानदेह हो सकता है। अधिक मात्रा में लेने से अपच, वजन बढ़ना या गर्मी की समस्या हो सकती है। गर्भवती महिलाएं या किसी बीमारी से ग्रस्त लोग सेवन से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।
निष्कर्ष
गोंद एक सस्ता, सुलभ और परंपरागत पोषण-पूरक है, जो सही मात्रा में लेने पर सेहत के लिए कई तरह से लाभकारी सिद्ध हो सकता है। बदलते लाइफस्टाइल और खान-पान से होने वाली बीमारियों के चलते लोग एक बार फिर प्राक़तिक उपाय अपना रहें हैं।




