
Shah Times: Saharanpur advocates welcome Shah Nawaz Rana during UP Bar Council election meeting.
यूपी बार काउंसिल चुनाव: सहारनपुर में शाहनवाज़ राना का स्वागत
अधिवक्ता सम्मेलन में शाहनवाज़ राना, प्रथम वरीयता की अपील
सहारनपुर में यूपी बार काउंसिल चुनाव को लेकर आयोजित बैठक में शाहनवाज़ राना को अधिवक्ताओं का समर्थन मिला। अधिवक्ताओं ने प्रथम वरीयता वोट देने का भरोसा जताया।
📍 Saharanpur ✍️Asif Khan
सिटी पैलेस में आयोजित हुआ अधिवक्ता सम्मेलन
सहारनपुर के अंबाला रोड स्थित सिटी पैलेस में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्य पद के चुनाव को लेकर एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में पूर्व विधायक और बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के पूर्व उपाध्यक्ष शाहनवाज़ राना एडवोकेट पहुंचे। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे, जिन्होंने फूलमालाओं से उनका स्वागत किया।
सम्मेलन का माहौल पूरी तरह औपचारिक और व्यवस्थित रहा। अधिवक्ताओं ने बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और चुनाव से जुड़े विषयों पर सवाल रखे। कार्यक्रम की शुरुआत परिचय और स्वागत से हुई, जिसके बाद शाहनवाज़ राना ने अधिवक्ताओं से सीधा संवाद किया।
वरीयता वोट को लेकर अपील
बैठक के दौरान शाहनवाज़ राना ने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे उन्हें क्रमांक 266 पर प्रथम वरीयता का वोट दें। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें समर्थन मिलता है तो अधिवक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा। इस दौरान उन्होंने चुनावी प्रक्रिया, प्रतिनिधित्व और अधिवक्ता हितों से जुड़े बिंदुओं का उल्लेख किया।





















अधिवक्ताओं ने उनसे उनकी प्राथमिकताएं पूछीं और यह भी जानना चाहा कि चुनाव जीतने के बाद उनके लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। सवाल-जवाब का यह दौर शांत और व्यवस्थित तरीके से चला।
स्थानीय स्तर पर काम कराने का आश्वासन
शाहनवाज़ राना ने अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि उन्हें चुना जाता है तो सहारनपुर के अधिवक्ताओं को किसी भी काम के लिए इलाहाबाद जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि संबंधित कार्य सहारनपुर में ही बैठकर पूरे किए जा सकेंगे और इसके लिए केवल एक फोन कॉल पर्याप्त होगी।
इस बयान के बाद सम्मेलन में मौजूद अधिवक्ताओं ने तालियां बजाईं। अधिवक्ताओं ने इस भरोसे को सकारात्मक रूप से लिया और बैठक में समर्थन की बात कही।
पश्चिम और पूर्व के बीच प्रतिनिधित्व का मुद्दा
सम्मेलन में पश्चिम और पूर्व उत्तर प्रदेश के बीच प्रतिनिधित्व को लेकर चल रही स्थिति पर भी चर्चा हुई। शाहनवाज़ राना ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पश्चिम और पूर्व के बीच संतुलन का मुद्दा लंबे समय से सामने आता रहा है। पश्चिम क्षेत्र के अधिवक्ताओं को कई बार अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन यह मांग अब तक पूरी नहीं हो पाई है। इस विषय पर अधिवक्ताओं ने भी अपनी बात रखी और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर चर्चा की।
युवा अधिवक्ताओं से संवाद
बैठक के दौरान युवा अधिवक्ताओं ने भी अपने सवाल रखे। शाहनवाज़ राना ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि युवा अधिवक्ताओं के सामने आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को बार काउंसिल के स्तर पर उठाया जाएगा।
युवा अधिवक्ताओं ने करियर, प्रोफेशनल सपोर्ट और प्रक्रियाओं से जुड़े सवाल पूछे, जिनका उत्तर बैठक में दिया गया।
अधिवक्ताओं और प्रतिनिधियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। मौ-अली, नवाजिश जैदी, रौनक अली, मुशीर खान, नकुड़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक शर्मा, अशोक पोसवाल ने शाहनवाज़ राना के समर्थन में प्रथम वरीयता वोट देने की अपील की।
इसके अलावा दूल्हे मियां, वरिष्ठ पत्रकार और डीपीसी चेयरमैन जावेद साबरी, विनोद, मनव्वर खान, मनव्वर अली खान, एम एस हसन, पूर्व डीजीसी अनवर अली, महताब अली खान, साजिद, रूमन लांबा, रागिनी, जरीन, इंतखाब आजाद, आमिर खान, अहसान अंसारी, जमीर अहमद, मंजर काजमी, शादान, जुबैर अली, राव खालिद, अंशु समीर, खालिद खान, राव मौ-खालिद, अमीर सिद्दीकी, शाह आलम, बाबर वसीम, जुल्फकार अली, मौ-शाहनवाज, जमाल नासिर, मुस्तकीम अंसारी, वसीम अहमद, राजेश गुप्ता, प्रवेश सैनी, अहतेशाम खान, अहतेशाम कुरैशी, महताब अली, फैसल चौहान, मौ-फैसल, जितेंद्र चौहान, अनुज गुप्ता, अब्दुल रहमान, राव नौशाद, अभिषेक, सागर, विकास, मुर्तजा, राव इकबाल, शाहजमां, शाहनवाज, शादान सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।
पत्रकारों में जिया अब्बास जैदी, अबूबकर शिब्ली, अनिल कुछाडिया, इकबाल खान, डॉ ताहिर मलिक, सत्तार शेख, नदीम निजामी, दिलशाद राणा, अबूजर कुरैशी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
संचालन और समापन
कार्यक्रम का संचालन जमाल साबरी ने किया। सम्मेलन के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक का समापन हुआ। अधिवक्ताओं ने आपसी संवाद भी किया और चुनाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा जारी रखी।




