
UPSC Civil Services Examination 2026 rules update Shah Times
यूपीएससी CSE 2026 नोटिफिकेशन जारी, सेवा में अधिकारियों पर सख्त नियम
संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन जारी किया है। सेवा में रहते दोबारा परीक्षा देने से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए गए हैं। UPSC CSE 2026 के नोटिफिकेशन में IAS, IFS और IPS अधिकारियों के लिए दोबारा परीक्षा देने के नियम सख्त किए गए हैं। डिजिटल सत्यापन और सेवा आवंटन प्रक्रिया में भी बदलाव हुआ है।
📍New Delhi ✍️ Asif Khan
नोटिफिकेशन जारी, नियमों में बदलाव
संघ लोक सेवा आयोग ने 4 फरवरी 2026 को सिविल सेवा परीक्षा के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया। इस बार नोटिफिकेशन में सर्विस एलोकेशन, अटेंप्ट्स और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े कई नए नियम शामिल किए गए हैं। आयोग के मुताबिक, इन बदलावों का उद्देश्य प्रक्रिया को स्पष्ट, पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।
नोटिफिकेशन जारी होते ही उम्मीदवारों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा सेवा में रहते हुए दोबारा परीक्षा देने के नियमों को लेकर रही। आयोग ने साफ किया है कि अब कार्यरत IAS और IFS अधिकारी CSE 2026 में शामिल नहीं हो सकेंगे।
IAS और IFS अधिकारियों पर रोक
नए नियमों के अनुसार, जो उम्मीदवार पहले ही भारतीय प्रशासनिक सेवा या भारतीय विदेश सेवा में चयनित होकर सेवा का सदस्य बन चुके हैं, वे सिविल सेवा परीक्षा 2026 में बैठने के लिए योग्य नहीं होंगे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा के बाद, लेकिन मुख्य परीक्षा से पहले IAS या IFS में नियुक्त हो जाता है और सेवा का सदस्य बना रहता है, तो उसे मुख्य परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यह व्यवस्था उन उम्मीदवारों पर भी लागू होगी, जिनकी नियुक्ति मुख्य परीक्षा शुरू होने के बाद लेकिन परिणाम घोषित होने से पहले हो जाती है। ऐसे मामलों में, CSE 2026 के परिणाम के आधार पर किसी भी सेवा या पद पर नियुक्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।
IPS के लिए अलग और स्पष्ट नियम
भारतीय पुलिस सेवा को लेकर आयोग ने अलग नियम निर्धारित किए हैं। नोटिफिकेशन के अनुसार, यदि किसी उम्मीदवार का चयन पहले ही IPS में हो चुका है, तो वह CSE 2026 के माध्यम से दोबारा IPS का विकल्प नहीं चुन सकता।
हालांकि, ऐसे उम्मीदवार अन्य सेवाओं के लिए परीक्षा में शामिल हो सकते हैं, बशर्ते वे पात्रता शर्तों को पूरा करते हों और संबंधित नियमों का पालन करें। आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि IPS में दोबारा चयन का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा।
सेवा में रहते एक ही मौका
UPSC ने सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने की व्यवस्था को सीमित कर दिया है। नोटिफिकेशन के अनुसार, जो उम्मीदवार CSE 2025 या उससे पहले की परीक्षा के आधार पर किसी भी सेवा में आ चुके हैं, उन्हें अपने बचे हुए अटेंप्ट्स का उपयोग करने के लिए 2026 या 2027 में से केवल एक बार परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।
इस दौरान उम्मीदवार को अपनी सेवा से इस्तीफा देने की आवश्यकता नहीं होगी, बशर्ते वह अन्य सभी पात्रता शर्तों को पूरा करता हो। हालांकि, CSE 2028 या उसके बाद की परीक्षा में शामिल होने के लिए संबंधित उम्मीदवार को वर्तमान सेवा से इस्तीफा देना अनिवार्य होगा।
ग्रुप ए सेवाओं से जुड़े नए प्रावधान
नोटिफिकेशन में ग्रुप ए सेवाओं से जुड़े उम्मीदवारों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई उम्मीदवार CSE 2026 के आधार पर किसी ग्रुप ए सेवा में चयनित होता है और फिर दोबारा परीक्षा देना चाहता है, तो उसे संबंधित विभाग से ट्रेनिंग में शामिल न होने की औपचारिक छूट लेनी होगी।
यदि उम्मीदवार न तो ट्रेनिंग में शामिल होता है और न ही छूट प्राप्त करता है, तो उसका CSE 2026 का आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। आयोग के अनुसार, ट्रेनिंग से छूट केवल एक बार ही दी जाएगी।
फाउंडेशन कोर्स और ट्रेनिंग नियम
चयनित उम्मीदवारों के लिए फाउंडेशन कोर्स में शामिल होना अनिवार्य रखा गया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक, यदि कोई उम्मीदवार CSE 2026 के आधार पर अलॉट की गई सेवा के लिए ट्रेनिंग में शामिल नहीं होता और संबंधित प्राधिकरण से छूट भी नहीं लेता, तो उसकी सेवा आवंटन स्वतः रद्द मानी जाएगी।
यदि कोई उम्मीदवार CSE 2027 में सफल होता है, तो उसे दोनों में से किसी एक सेवा को चुनना होगा। चुनी गई सेवा के अलावा अन्य सभी सेवा आवंटन रद्द कर दिए जाएंगे।
दोनों चयन रद्द होने की स्थिति
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई उम्मीदवार CSE 2026 या CSE 2027 के आधार पर अलॉट की गई सेवा के लिए ट्रेनिंग में शामिल नहीं होता, तो दोनों परीक्षाओं के आधार पर मिला चयन रद्द कर दिया जाएगा। यह नियम प्रक्रिया में अनुशासन बनाए रखने के लिए लागू किया गया है।
डिजिटल सुरक्षा और पहचान सत्यापन
परीक्षा में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए UPSC ने डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। नोटिफिकेशन के अनुसार, अब AI आधारित फेशियल रिकॉग्निशन और आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया गया है।
उम्मीदवारों को एक नए चार-चरणीय ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा, जो पूरी तरह आधार से जुड़ा होगा। आयोग के मुताबिक, इससे पहचान सत्यापन की प्रक्रिया सरल और सुरक्षित होगी।
पात्रता से जुड़ी शैक्षणिक योग्यता
भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास भारत की किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में बैचलर डिग्री होना जरूरी है।
भारतीय वन सेवा के उम्मीदवारों के लिए विशेष विषयों में स्नातक डिग्री अनिवार्य की गई है। इनमें एग्रीकल्चर, एनिमल हसबेंडरी, बॉटनी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, स्टैटिस्टिक्स, जूलॉजी और वेटरनरी साइंस शामिल हैं।
आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तारीख
UPSC CSE 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 4 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। योग्य उम्मीदवार 24 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल आयोग के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।
नोटिफिकेशन के अनुसार, इस भर्ती अभियान के तहत विभिन्न सिविल सेवाओं में लगभग 933 पदों को भरा जाएगा। इनमें से 33 पद बेंचमार्क दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रखे गए हैं।
आयोग का उद्देश्य
आयोग ने नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया है कि नए नियमों का उद्देश्य सेवा आवंटन प्रक्रिया को व्यवस्थित करना और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना है। डिजिटल उपायों के जरिए पहचान सत्यापन और परीक्षा की विश्वसनीयता को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन से पहले पूरे नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें और पात्रता शर्तों की जांच करें।




