
आखिर किन लोगों के लिए फायदेमंद होती है अर्जुन की छाल?

सदियों से आयुर्वेद में सदाबहार वृक्ष अर्जुन को औषधि के रुप में ही इस्तेमाल किया गया है। आम तौर पर अर्जून की छाल और रस का औषधि के रुप में इस्तेमाल किया जाता है। अर्जून के पेड़ की छाल को बहुत सी बीमारियों में इस्तेमाल किया जाता है इस बात को कोई नहीं नकार सकता। दरअसल इस पेड़ की छाल हृदय संबंधी बीमारियों , क्षय रोग यानि टीबी जैसे बीमारी के अलावा सामान्य कान दर्द, सूजन, बुखार के उपचार के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
आजकल की भागदौड़ में हम अपने दिल का ख्याल रखना अक्सर भूल जाते हैं। ऐसे में खराब लाइफस्टाइल कम उम्र में ही हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा देता है। युवाओं में भी दिल के रोगों के बढ़ते मामले डरा रहे हैं। ऐसे में हर कोई आयुर्वेदिक नुस्खों और आहार की बात करता है कि कैसे आप अपने दिल को सेहतमंद बना सकते हैं। जब भी दिल की सेहत की बात होती तो एक आयुर्वेदिक रामबाण का हमेश जिक्र होता है, जिसका नाम है ‘अर्जुन छाल। तो चलिए आज हम आपको अर्जुन की छाल के फायदे के बारे में बताने वाले हैं।
अर्जुन की छाल के फायदे
हार्ट के लिए फायदेमंद
डॉक्टर्स के अनुसार अर्जुन की छाल दिल की पंपिंग क्षमता को बढ़ाती है। जिनका दिल कमजोर है या धड़कन बहुत तेज हो जाती है, उनके लिए यह टॉनिक है।
हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करना
अगर आपका ब्लड प्रेशर ऊपर-नीचे होता रहता है, तो अर्जुन की छाल की चाय जादू कर सकती है। यह नसों को रिलैक्स करती है जिससे बीपी नॉर्मल रहता है।
कोलेस्ट्रॉल के लिए फायदेमंद
डॉ. कहते हैं, कि नसों में जमा गंदगी को साफ करने में अर्जुन की छाल का कोई तोड़ नहीं है। इसयह बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करती है।
हड्डियों को जोड़ना
यह बहुत कम लोग जानते हैं कि अगर हड्डी टूट जाए, तो अर्जुन की छाल का काढ़ा और दूध पीने से हड्डी जल्दी जुड़ती है।
चेहरे की झाइयां और मुंहासे कम होना
सिर्फ पीने के लिए ही नहीं, लगाने के लिए भी यह बेस्ट है। अर्जुन की छाल के पाउडर को शहद में मिलाकर चेहरे पर लगाने से ‘पिगमेंटेशन’ और मुहांसे दूर होते हैं।
शुगर लेवल कंट्रोल करना
डायबिटिज के मरीजों के लिए यह फायदेमंद है क्योंकि यह लिवर की कार्यक्षमता बढ़ाकर शुगर को नियंत्रित करने में मदद करती है।
एसिडिटी और अल्सर
आपको बता दें कि अर्जुन की छाल स्वभाव में ठंडी होती है। इसलिए अगर किसी को पेट में जलन या अल्सर है, तो यह ठंडक पहुंचाने में सहायक होती है।
पेशाब की रुकावट
जिन्हें पेशाब रुक-रुक कर आता है या जलन होती है, उनके लिए इसका काढ़ा बहुत राहत देता है।
खांसी और कफ में आरामदायक
अगर अर्जुन की छाल को गुड़ के साथ लिया जाए, तो यह पुरानी खांसी और फेफड़ों की कमजोरी को भी ठीक कर सकती है।
एंटी-ऑक्सीडेंट का खजाना
यह हमारे शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाती है, यानी यह आपको जल्दी बूढ़ा होने से रोकती है और एनर्जी देती है। इसलिए आपको अर्जुन की छाल का सेवन अवश्य करना चाहिए।






