10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, राकेश टिकैत ने किया BKU के समर्थन का ऐलान
CJP के प्रदर्शन के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन, जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन देने का आह्वान
राकेश टिकैत का वीडियो संदेश, दिल्ली नहीं पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं से जिलों में प्रदर्शन की अपील
मुज़फ्फरनगर / नई दिल्ली/ Mohd Naved
10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP के प्रदर्शन को भारतीय किसान यूनियन (BKU) ने अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सोशल मीडिया के लिए रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो संदेश में किसानों, युवाओं और कार्यकर्ताओं से प्रदर्शन में भागीदारी की अपील की है।
टिकैत ने कहा कि जो कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचना चाहते हैं, वे वहां प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल हों। वहीं, जो लोग दिल्ली नहीं जा सकेंगे, वे अपने-अपने जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपें।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, राकेश टिकैत ने पुणे की यात्रा के दौरान ट्रेन में अपना वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया। इसमें उन्होंने 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन का ज़िक्र करते हुए भारतीय किसान यूनियन की ओर से समर्थन की घोषणा की।
वीडियो में टिकैत ने कहा कि CJP और दूसरे संगठनों के साथ विभिन्न राजनीतिक दल भी अपने-अपने स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "हमारा भारतीय किसान यूनियन का समर्थन उस प्रोटेस्ट को है।"
https://www.instagram.com/reel/DeRDCMsTsie/?vrfl=eDFldXIwbG9rbnFr
राकेश टिकैत ने अपने संदेश में कहा कि संगठन ने कार्यकर्ताओं के लिए 2 विकल्प रखे हैं।
दिल्ली जाने के इच्छुक युवा और अन्य कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। दूसरी ओर, जो कार्यकर्ता दिल्ली नहीं जाना चाहते या नहीं पहुंच पाएंगे, वे अपने जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर सकते हैं।
टिकैत ने जिला प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने की बात कही। उनके मुताबिक, इस व्यवस्था से अलग-अलग जिलों के कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में अपनी भागीदारी दर्ज करा सकेंगे।
अपने वीडियो संदेश में टिकैत ने बिहार के हालिया दौरे का भी ज़िक्र किया। उन्होंने दावा किया कि बिहार में भी कई राजनीतिक दल प्रदर्शन के समर्थन में सामने आए हैं।
उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर की रात वह पुणे में युवाओं के एक विरोध कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
इसके बाद 10 अक्टूबर को वह स्वयं भी किसी जिला मुख्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन में भागीदारी करेंगे। हालांकि, उन्होंने वीडियो में उस जिले का नाम स्पष्ट नहीं किया जहां वह कार्यक्रम में शामिल होंगे।
टिकैत ने अपने संदेश में दावा किया कि विभिन्न संगठन और राजनीतिक दल प्रदर्शन से जुड़ रहे हैं। उन्होंने आने वाले समय में समर्थन बढ़ने की उम्मीद भी जताई।
हालांकि, प्रदर्शन में शामिल होने वाले सभी संगठनों, राजनीतिक दलों और उनके आधिकारिक कार्यक्रमों की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।
भारतीय किसान यूनियन के समर्थन की घोषणा के बाद 10 अक्टूबर के प्रस्तावित दिल्ली प्रदर्शन और जिला मुख्यालयों पर होने वाले कार्यक्रमों पर ध्यान रहेगा।
यह स्पष्ट होना बाकी है कि कितने जिलों में प्रदर्शन आयोजित होंगे, कितने कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचेंगे और प्रशासन की ओर से कार्यक्रम के संबंध में क्या व्यवस्थाएं की गई हैं।
राकेश टिकैत की घोषणा का अहम पहलू भारतीय किसान यूनियन की ओर से प्रस्तावित प्रदर्शन को समर्थन देना और जिला स्तर पर भागीदारी का विकल्प रखना है।
इस रणनीति से दिल्ली न पहुंच पाने वाले कार्यकर्ताओं को स्थानीय स्तर पर अपना पक्ष दर्ज कराने का रास्ता मिलता है। हालांकि, समर्थन की घोषणा और वास्तविक प्रदर्शन में भागीदारी अलग-अलग तथ्य हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर इस घटनाक्रम का आकलन करते समय 3 सवाल महत्वपूर्ण होंगे। CJP की प्रमुख मांगें क्या हैं? प्रदर्शन में किन संगठनों की आधिकारिक भागीदारी होगी? और राष्ट्रपति के नाम दिए जाने वाले ज्ञापनों में किन मुद्दों को उठाया जाएगा?
उपलब्ध बयान में इन सवालों का पूरा विवरण नहीं है। इसलिए प्रदर्शन के उद्देश्य, उसके संभावित राजनीतिक असर या व्यापक जनसमर्थन को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष से बचना ज़रूरी है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।