टेनेसी में क्रिस्टा पाइक की घातक इंजेक्शन से फांसी की कोशिश नाकाम रही। 2 पेंटोबार्बिटल खुराक के बाद भी वह जीवित रहीं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
नैशविल, टेनेसी, अमेरिका | 30 सितंबर 2026
By Mohd Haris
अमेरिकी राज्य टेनेसी में क्रिस्टा पाइक को घातक इंजेक्शन के जरिए फांसी देने की कोशिश नाकाम हो गई। 50 वर्षीय पाइक को 30 सितंबर 2026 की शाम रिवरबेंड मैक्सिमम सिक्योरिटी इंस्टीट्यूशन में पेंटोबार्बिटल की 2 खुराक दी गईं, लेकिन प्रक्रिया के बाद भी वह जीवित रहीं। उन्हें जेल से एक बाहरी अस्पताल ले जाया गया।
यह मामला इसलिए भी असाधारण है क्योंकि पाइक टेनेसी में करीब 200 वर्षों में फांसी पाने वाली पहली महिला बनने वाली थीं। लेकिन घातक इंजेक्शन प्रक्रिया सफल नहीं हुई। राज्य के अधिकारियों ने कहा कि विभाग ने निर्धारित कानूनी फांसी प्रक्रिया का पालन किया।
मीडिया गवाहों और पाइक की कानूनी टीम के मुताबिक, फांसी कक्ष में पेंटोबार्बिटल की 2 खुराक दी गईं। इसके बावजूद पाइक के जीवित होने के संकेत बने रहे।
गवाहों ने बताया कि दूसरी खुराक के 40 मिनट से ज्यादा समय बाद भी उनकी सांस और खर्राटे सुनाई दे रहे थे। वकीलों ने अदालत में आपातकालीन याचिका दाखिल करते हुए कहा कि उनका दिल धड़क रहा था और वह जीवित थीं।
इसके बाद फांसी कक्ष से मीडिया गवाहों को बाहर कर दिया गया। कुछ समय बाद पाइक को चिकित्सा सुविधा के लिए जेल से बाहर ले जाया गया।
टेनेसी सुधार विभाग ने कहा कि अधिकारियों ने राज्य के अटॉर्नी जनरल कार्यालय से अनुमोदित स्थापित फांसी प्रक्रिया के हर चरण का पालन किया।
विभाग के अनुसार इस्तेमाल किया गया घातक इंजेक्शन रसायन पहले भी प्रभावी रहा है और निर्धारित प्रक्रिया से आगे कोई अतिरिक्त कदम नहीं था।
इसके बाद टेनेसी के गवर्नर बिल ली ने बाकी निर्धारित फांसियों को वर्ष के अंत तक रोक दिया और स्वतंत्र तीसरे पक्ष की समीक्षा का आदेश दिया। समीक्षा का उद्देश्य यह पता लगाना है कि फांसी प्रक्रिया में वास्तव में क्या हुआ।
क्रिस्टा पाइक को 1995 में 19 वर्षीय कोलीन स्लेमर की हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी। उस समय पाइक की उम्र 18 वर्ष थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पाइक और उसके तत्कालीन प्रेमी तदारील शिप ने स्लेमर को नॉक्सविल के जॉब कॉर्प्स परिसर के पास एक सुनसान इलाके में ले जाकर उसकी हत्या की थी। मामले में पाइक को मौत की सजा मिली, जबकि शिप को उम्र कम होने के कारण आजीवन कारावास की सजा मिली।
पाइक ने अपनी दोषसिद्धि को स्वीकार किया है। उनके वकीलों ने लंबे समय से उनकी उम्र, मानसिक स्वास्थ्य और बचपन में कथित गंभीर यौन शोषण को मौत की सजा के खिलाफ कानूनी दलील का हिस्सा बनाया है।
पाइक की फांसी 30 सितंबर को सुबह निर्धारित थी। लेकिन फांसी शुरू होने से करीब 1 घंटे पहले सिक्स्थ सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने 2-1 के फैसले में अस्थायी रोक लगा दी।
अदालत पाइक के उन दावों की समीक्षा करना चाहती थी जिनमें उन्होंने कहा था कि उनके बचपन में हुए यौन शोषण को मौत की सजा के दौरान पर्याप्त रूप से नहीं देखा गया।
टेनेसी सरकार ने इस रोक को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने बाद में रोक हटाते हुए फांसी आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी। इसके बाद राज्य ने उसी दिन शाम फांसी प्रक्रिया शुरू की।
फांसी के दौरान ही पाइक के वकीलों ने आपातकालीन याचिकाएं दाखिल कीं। उनका कहना था कि घातक इंजेक्शन के बाद भी पाइक जीवित थीं और इस स्थिति में फांसी रोकना जरूरी है।
अब बड़ा कानूनी सवाल यह है कि राज्य आगे क्या कदम उठाएगा और क्या अदालत इस फांसी प्रयास को दोबारा जारी करने की अनुमति देगी।
इसके साथ फांसी प्रक्रिया की समीक्षा भी महत्वपूर्ण होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, टेनेसी की प्रक्रिया में पहली दवा की खुराक के बाद कैदी के मृत न होने पर दूसरी सिरिंज के इस्तेमाल का प्रावधान है, लेकिन दूसरी खुराक के बाद भी व्यक्ति जीवित रहने की स्थिति के लिए स्पष्ट प्रक्रिया नहीं बताई गई थी।
यह टेनेसी में 2026 के दौरान फांसी से जुड़ी दूसरी गंभीर समस्या है।
मई 2026 में टोनी कैरदर्स की घातक इंजेक्शन से फांसी को इसलिए रोकना पड़ा था क्योंकि फांसी दल लंबे समय तक उपयुक्त नस में अंतःशिरा मार्ग स्थापित नहीं कर सका था।
लेकिन क्रिस्टा पाइक का मामला अलग है। इस बार घातक इंजेक्शन की दवाएं देने के बाद भी व्यक्ति के जीवित रहने का मामला सामने आया है। डेथ पेनल्टी इन्फॉर्मेशन सेंटर की प्रमुख रॉबिन एम. माहेर ने इसे असाधारण घटना बताया है।
टेनेसी में किसी महिला को फांसी देने का यह प्रयास करीब 200 वर्षों में पहली बार हुआ था। पाइक फिलहाल राज्य की मृत्युदंड सूची में मौजूद एकमात्र महिला कैदी हैं।
अमेरिका में भी महिला फांसियां बेहद दुर्लभ रही हैं। डेथ पेनल्टी इन्फॉर्मेशन सेंटर के आंकड़ों के अनुसार 1976 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मृत्युदंड बहाल किए जाने के बाद से अमेरिका में 18 महिलाओं को फांसी दी गई है।
इसलिए पाइक की फांसी पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी और सामाजिक बहस का विषय बनी हुई थी।
इस घटना के बाद जांच के कई अहम पहलू सामने हैं। इनमें इस्तेमाल की गई दवा, फांसी प्रक्रिया, चिकित्सकीय प्रक्रिया और दूसरी खुराक के बाद अधिकारियों की कार्रवाई शामिल है।
टेनेसी सरकार की तीसरे पक्ष की समीक्षा इन सवालों पर महत्वपूर्ण जानकारी देगी। फिलहाल राज्य का कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया, जबकि पाइक की कानूनी टीम फांसी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्तियां उठा रही है।
पुष्ट जानकारी के अनुसार 30 सितंबर 2026 को टेनेसी ने क्रिस्टा पाइक को घातक इंजेक्शन देने की कोशिश की। उन्हें पेंटोबार्बिटल की 2 खुराक दी गईं। वह जीवित रहीं और बाद में अस्पताल ले जाया गया।
गवर्नर बिल ली ने शेष फांसियों को वर्ष के अंत तक रोककर स्वतंत्र समीक्षा का आदेश दिया है। अब पाइक के स्वास्थ्य, फांसी प्रक्रिया की समीक्षा और अदालतों में चलने वाली कानूनी कार्रवाई इस मामले की अगली दिशा तय करेगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।