दिल्ली के 6 स्कूलों को बम की धमकी, ईमेल के बाद पुलिस और बम दस्ते की जांच
Harish Qureshi
•
2026-09-21 15:55:16
दिल्ली के कम से कम 6 स्कूलों को सोमवार सुबह बम धमकी वाले ईमेल मिले। पुलिस ने स्कूल खाली कराकर एंटी-सैबोटाज जांच शुरू की। शुरुआती तलाशी में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
नई दिल्ली, दिल्ली | 21 सितंबर 2026
By Mohd Haris
दिल्ली के कई स्कूलों को धमकी भरे ईमेल
दिल्ली में सोमवार सुबह कई स्कूलों को बम धमकी वाले ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कम से कम 6 स्कूल इस धमकी से प्रभावित हुए हैं। पुलिस ने तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया और परिसरों की तलाशी शुरू कराई।
मदर इंटरनेशनल स्कूल, नेवी चिल्ड्रन स्कूल और बाल भारती पब्लिक स्कूल समेत कई संस्थानों को धमकी मिलने की पुष्टि हुई है। पुलिस के मुताबिक मामले की जांच जारी है।
चाणक्यपुरी से रोहिणी तक सुरक्षा जांच
चाणक्यपुरी इलाके में संस्कृति स्कूल, द ब्रिटिश स्कूल और नेवी चिल्ड्रन स्कूल को सुबह करीब 9:30 बजे धमकी वाले ईमेल मिलने की जानकारी सामने आई। स्कूल प्रशासन ने पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।
इसके बाद मदर इंटरनेशनल स्कूल, हौज खास और रोहिणी सेक्टर 14 स्थित बाल भारती पब्लिक स्कूल को लेकर भी धमकी की सूचना सामने आई। दमकल विभाग को इन घटनाओं के संबंध में कई कॉल मिले।
स्कूल खाली कराए गए
धमकी मिलने के बाद संबंधित परिसरों में एहतियाती सुरक्षा कार्रवाई की गई। पुलिस टीमों के साथ बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल टीम और प्रशिक्षित खोजी कुत्तों को लगाया गया।
अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती तलाशी में किसी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस ने फिलहाल इन ईमेल को संभावित फर्जी धमकी के तौर पर भी जांच के दायरे में रखा है।
ईमेल की जांच में जुटी साइबर टीम
अब जांच का अहम हिस्सा धमकी वाले ईमेल के स्रोत का पता लगाना है। दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ईमेल से जुड़े डिजिटल सुरागों की जांच कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदेश किस खाते या डिजिटल नेटवर्क से भेजे गए और क्या अलग-अलग संस्थानों को मिले ईमेल के पीछे एक ही स्रोत है।
पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
दिल्ली में स्कूलों और दूसरे संस्थानों को बम धमकी वाले ईमेल मिलने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। 15 सितंबर को कई प्रमुख स्कूलों को पंजाबी भाषा में धमकी वाले ईमेल मिले थे। सुरक्षा जांच के बाद उन धमकियों को फर्जी पाया गया था।
उस मामले में एयर फोर्स बाल भारती स्कूल, कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल, सरदार पटेल विद्यालय और द ब्रिटिश स्कूल समेत कई संस्थानों में सुरक्षा तलाशी की गई थी।
सिविक सेंटर भी पहले रहा है निशाने पर
दिल्ली में धमकी वाले ईमेल का सिलसिला केवल स्कूलों तक सीमित नहीं रहा है। जून में दिल्ली के मेयर कार्यालय को भी बम धमकी वाला ईमेल मिला था। इसके बाद डॉ. एसपी मुखर्जी सिविक सेंटर में व्यापक सुरक्षा जांच की गई थी। उस मामले में भी कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली थी और ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए जांच शुरू की गई थी।
इस पृष्ठभूमि में मौजूदा धमकियों की जांच सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम है। खासकर इसलिए क्योंकि अलग-अलग सार्वजनिक संस्थानों को डिजिटल माध्यम से धमकी देने का पैटर्न पहले भी सामने आया है।
फर्जी धमकी की पुष्टि से पहले जांच जरूरी
पिछली कुछ घटनाओं में धमकी के बाद कोई विस्फोटक नहीं मिला और संदेश फर्जी साबित हुए। लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी ऐसे ईमेल को शुरुआत में गंभीरता से लेती हैं।
मौजूदा मामले में भी शुरुआती तलाशी में संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। फिर भी पुलिस की जांच पूरी होने और ईमेल के स्रोत का पता चलने तक इसे अंतिम रूप से फर्जी घोषित करना उचित नहीं होगा।
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
धमकियों के बाद संबंधित स्कूलों के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई है। पुलिस और अन्य एजेंसियां परिसरों की जांच के साथ-साथ भीड़ और अभिभावकों की आवाजाही को भी नियंत्रित कर रही हैं।
स्कूल प्रशासन को भी निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
जांच का अगला चरण
अब जांच एजेंसियों की प्राथमिकता ईमेल भेजने वाले की पहचान और धमकी के पीछे के मकसद का पता लगाना है। पुलिस यह भी जांचेगी कि क्या अलग-अलग स्कूलों को भेजे गए संदेशों का कोई साझा डिजिटल स्रोत है।
फिलहाल किसी स्कूल से विस्फोटक सामग्री मिलने की सूचना नहीं है। सुरक्षा जांच जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
दिल्ली में साइबर आधारित धमकियों की चुनौती
ऐसे मामलों में धमकी का वास्तविक खतरा और डिजिटल अफवाह, दोनों पहलुओं की जांच जरूरी होती है। सितंबर में ही दिल्ली समेत कई इलाकों में फर्जी बम धमकी नेटवर्क को लेकर अलग जांच भी सामने आई थी। रॉयटर्स के अनुसार गुजरात पुलिस ने एक ऐसे नेटवर्क का पता लगाया था, जिसमें 5 लाख से अधिक फर्जी जीमेल खातों के इस्तेमाल की बात सामने आई।
मौजूदा स्कूल धमकी मामले को उस नेटवर्क से जोड़ने के लिए फिलहाल कोई पुष्ट तथ्य उपलब्ध नहीं है। दोनों घटनाओं के बीच संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
आगे क्या होगा
दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां धमकी वाले ईमेल की तकनीकी जांच कर रही हैं। शुरुआती तलाशी में कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली है, लेकिन ईमेल के स्रोत और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान अभी बाकी है।
मौजूदा घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि सुरक्षा एजेंसियों ने किसी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया और तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया। अब जांच का केंद्र ईमेल के डिजिटल स्रोत, धमकी की विश्वसनीयता और जिम्मेदार व्यक्ति या समूह की पहचान पर है।
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Harish Qureshi
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।