दिल्ली के स्कूलों में एच1एन1 अलर्ट
बीमार बच्चे स्कूल न जाएं, एडवाइजरी जारी
एच1एन1 बढ़ा तो स्कूलों ने बढ़ाई सतर्कता
स्थान: नई दिल्ली | तारीख: 25 अगस्त 2026 | By Mohd Naved
दिल्ली में मौसमी फ्लू और एच1एन1 संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच स्कूलों ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। अभिभावकों से कहा गया है कि बच्चों में बुखार या फ्लू जैसे लक्षण दिखें तो उन्हें स्कूल न भेजें और कक्षा अध्यापक को इसकी सूचना दें।
राष्ट्रीय राजधानी में एच1एन1 मामलों में इज़ाफे के बीच दिल्ली के कई स्कूलों ने अभिभावकों के लिए स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में फ्लू जैसे लक्षण वाले बच्चों को घर पर रखने और उनकी तबीयत बिगड़ने या लक्षण सामने आने पर स्कूल को सूचित करने पर जोर दिया गया है।
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने भी एच1एन1 को लेकर आम लोगों के लिए जानकारी और एहतियाती निर्देश जारी किए हैं। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर इस संबंध में सूचना 20 अगस्त 2026 को अपडेट की गई थी।
स्कूलों की ओर से जारी सलाह का मुख्य मकसद संक्रमण के प्रसार को सीमित करना है। विद्यार्थियों को भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने, चेहरे को बार-बार न छूने और हाथों की साफ-सफाई बनाए रखने की हिदायत दी गई है।
अभिभावकों से खास तौर पर कहा गया है कि अगर बच्चे में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे स्कूल भेजने से परहेज करें। बच्चे की तबीयत स्कूल में खराब होती है तो कक्षा अध्यापक को जानकारी देने की भी सलाह दी गई है।
उपलब्ध ताज़ा रिपोर्टों के मुताबिक दिल्ली में इस साल एच1एन1 के मामले 1,777 से अधिक पहुंच चुके हैं। इसके साथ ही इन्फ्लुएंजा के अन्य मामलों को लेकर भी स्वास्थ्य तंत्र सतर्क है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों जैसे संवेदनशील समूहों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। फ्लू जैसे लक्षणों के दौरान भीड़ से दूरी और श्वसन स्वच्छता संक्रमण की कड़ी को कमजोर करने में अहम मानी जा रही है।
बच्चे को बुखार, खांसी, गले में खराश या दूसरे फ्लू जैसे लक्षण हों तो उसे स्कूल भेजने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है। स्कूल को समय पर सूचना देने से दूसरे विद्यार्थियों और शिक्षकों में संक्रमण फैलने का जोखिम कम करने में मदद मिलती है।
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने एच1एन1 को लेकर अलग से आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराई है। इसका उद्देश्य बीमारी से जुड़े लक्षणों और बचाव संबंधी जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना है।
फिलहाल उपलब्ध विश्वसनीय जानकारी में दिल्ली के सभी स्कूलों को एच1एन1 के कारण बंद करने का कोई सामान्य आदेश सामने नहीं आया है। मौजूदा कदम मुख्य तौर पर एहतियाती स्वास्थ्य सलाह और लक्षण वाले बच्चों को स्कूल से दूर रखने पर केंद्रित हैं।
कुछ अभिभावकों की ओर से परीक्षाओं को लेकर भी चिंता जताई गई है। दिल्ली पेरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष अपराजिता गौतम ने एनडीटीवी से बातचीत में बढ़ते मामलों के बीच अगले महीने प्रस्तावित परीक्षाओं को लेकर प्रशासन से विचार करने की मांग की है। यह मांग है, कोई घोषित परीक्षा स्थगन नहीं।
अभी मुख्य फोकस संक्रमण की निगरानी, स्कूलों में स्वास्थ्य जागरूकता और लक्षण वाले विद्यार्थियों को घर पर रखने पर है। अगर संक्रमण का स्तर आगे बढ़ता है तो शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की ओर से अतिरिक्त निर्देश जारी किए जाने की स्थिति पर नजर रखनी होगी।
मौजूदा स्थिति में सबसे अहम संदेश यही है कि फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए और बीमार बच्चे को स्कूल भेजने से बचा जाए। इससे विद्यार्थियों के साथ-साथ पूरे स्कूल समुदाय के लिए संक्रमण का जोखिम कम रखने में मदद मिलेगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।