शुक्रवार, 16 October 2026
🔔 Google पर Shah Times की खबरें पाने के लिए क्लिक करें
EDITION:
Uttar Pradesh

सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट में 7.4 करोड़ के नकली नोटों का आरोप, SIT जांच शुरू

Mohammad Naved • 2026-09-01 12:28:47
सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट में 7.4 करोड़ के नकली नोटों का आरोप, SIT जांच शुरू

📍 सहारनपुर, उत्तर प्रदेश

🗓️ 1 सितंबर 2026

✍️ Mohd Naved

सहारनपुर के पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट में असली नोटों की जगह नकली नोट रखे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। जांच में करीब 7.4 करोड़ रुपये की असली करेंसी कथित तौर पर नकली नोटों से बदले जाने की बात सामने आई है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विशेष जांच दल गठित किया है। नकली नोटों की अंतिम रकम की गिनती अभी जारी है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले अंतिम आंकड़ा तय मानना उचित नहीं होगा।

मामला कैसे सामने आया

मामले की शुरुआती कड़ी उस समय सामने आई, जब पंजाब नेशनल बैंक की ओर से रिजर्व बैंक को भेजी गई नकदी में 4.36 लाख रुपये की कमी पाई गई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक यह नकदी 10 अगस्त को रिजर्व बैंक भेजी गई थी। कमी सामने आने के बाद करेंसी चेस्ट के कामकाज और नकदी के रिकॉर्ड की विस्तृत जांच शुरू हुई।

रिजर्व बैंक की ओर से विस्तृत ऑडिट के बाद करेंसी चेस्ट में बड़ी मात्रा में संदिग्ध और नकली नोट मिलने की बात सामने आई। जांच का फोकस अब इस बात पर है कि असली नोट कहां गए, नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और इस पूरी प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही।

7.4 करोड़ रुपये की करेंसी पर सवाल

जांच से जुड़ी मौजूदा रिपोर्टिंग में करीब 7.4 करोड़ रुपये की असली करेंसी को नकली नोटों से बदले जाने की बात कही गई है। इसे अभी जांच में सामने आया कथित वित्तीय फर्जीवाड़ा माना जा रहा है। बैंक की ओर से नकली करेंसी की अंतिम मात्रा की पुष्टि अभी नहीं की गई है, क्योंकि नोटों की गिनती और मिलान की प्रक्रिया जारी है।

इस अंतर को समझना जरूरी है। 4.36 लाख रुपये की कमी वह शुरुआती नकदी विसंगति थी, जिसने विस्तृत जांच का रास्ता खोला। करीब 7.4 करोड़ रुपये का आंकड़ा करेंसी चेस्ट में असली और नकली नोटों की कथित अदला-बदली से जुड़ा है। दोनों आंकड़ों को एक ही रकम मानना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा।

FIR में बैंक अधिकारियों के नाम

पुलिस ने सहारनपुर के सदर थाने में पंजाब नेशनल बैंक के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्राथमिकी में वरिष्ठ मंडलीय प्रबंधक रवि कुमार तथा करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा और अमित कुमार के नाम शामिल हैं। इन नामों का शामिल होना आरोप सिद्ध होने के बराबर नहीं है। संबंधित लोगों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

मामले में विशाल कुमार नाम के हाउसकीपर के खिलाफ अलग से नकदी कमी से जुड़ी शिकायत दर्ज होने की भी जानकारी सामने आई है। बैंक और पुलिस इस प्रकरण को करेंसी चेस्ट में सामने आए बड़े मामले से अलग कोण से देख रहे हैं। उसकी भूमिका और दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

SIT के सामने बड़ी चुनौती

सहारनपुर के पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया गया है। टीम का मुख्य मकसद करेंसी चेस्ट में नकली नोटों के पहुंचने की प्रक्रिया और असली नोटों के कथित तौर पर गायब होने की कड़ी को जोड़ना है।

जांच टीम बैंक के लेनदेन रिकॉर्ड, ऑडिट लेजर और करेंसी चेस्ट के सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि नकदी की आवाजाही कब हुई, किस स्तर पर रिकॉर्ड में अंतर पैदा हुआ और करेंसी चेस्ट तक पहुंच रखने वाले लोगों में से किनकी गतिविधियां जांच के दायरे में आती हैं।

जांच में रिकॉर्ड और सीसीटीवी अहम

करेंसी चेस्ट जैसे सुरक्षित बैंकिंग परिसर में नकदी का प्रवेश और निकासी निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत होता है। ऐसे में जांच एजेंसियों के लिए दस्तावेजी रिकॉर्ड महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकते हैं। नकदी की गिनती, पैकेटों की पहचान, बैंक रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज का आपसी मिलान यह समझने में मदद करेगा कि कथित बदलाव किस चरण में हुआ।

जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि नकली नोट कितने समय तक करेंसी चेस्ट में मौजूद रहे। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश होगी कि असली नोटों की कथित अदला-बदली एक बार में हुई या अलग-अलग मौकों पर।

बैंकिंग व्यवस्था पर असर

करेंसी चेस्ट बैंकिंग व्यवस्था की अहम कड़ी होते हैं। अलग-अलग शाखाओं से आने वाली नकदी का सुरक्षित भंडारण, मिलान और आगे प्रेषण इसी व्यवस्था के जरिए होता है। ऐसे स्थान पर नकली नोटों का पाया जाना बैंक के आंतरिक नियंत्रण, नकदी प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है।

फिर भी किसी संस्थागत व्यवस्था पर अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है। मौजूदा स्थिति में यह कहना जल्दबाजी होगी कि सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर और किस वजह से चूक हुई।

अंतिम रकम अभी तय नहीं

इस मामले में सबसे अहम तथ्य यह है कि नकली करेंसी की अंतिम मात्रा अभी सत्यापन के दौर में है। पंजाब नेशनल बैंक की अधिकारी निशा सिंह के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि जांच जारी है और गिनती पूरी होने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

इसलिए 7.4 करोड़ रुपये को फिलहाल जांच में सामने आए कथित करेंसी स्वैप की रकम के रूप में देखना अधिक सटीक है। जांच पूरी होने पर यह आंकड़ा बदल सकता है। इसी तरह नामजद लोगों की कानूनी स्थिति भी जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया से तय होगी।

पुलिस की अगली कार्रवाई

सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक के अनुसार विशेष जांच दल गठित किया गया है और मामले में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। पुलिस नकदी की गिनती, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। कथित तौर पर गायब असली करेंसी की बरामदगी और मामले में शामिल लोगों की पहचान जांच के प्रमुख लक्ष्य हैं।

आने वाले चरण में बैंक के आंतरिक रिकॉर्ड, कर्मचारियों की भूमिका, नकदी की आवाजाही और सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत समीक्षा अहम होगी। जांच से यह भी स्पष्ट होगा कि नकली नोट करेंसी चेस्ट में किस स्रोत से पहुंचे और असली नोटों का कथित तौर पर क्या हुआ।

क्या सामने आएगा आगे

सहारनपुर का यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि शुरुआत एक अपेक्षाकृत छोटी नकदी कमी से हुई और जांच आगे बढ़ने पर कहीं बड़ी रकम से जुड़े कथित करेंसी बदलाव का मामला सामने आया। अभी जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि करेंसी चेस्ट जैसी सुरक्षित व्यवस्था में यह कथित अदला-बदली कैसे हुई।

फिलहाल प्राथमिकी, ऑडिट और एसआईटी जांच के आधार पर तथ्यों को जोड़ा जा रहा है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। अंतिम निष्कर्ष साक्ष्यों, बैंक रिकॉर्ड और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर ही सामने आएगा।

इस मामले की अगली अहम कड़ी नकली नोटों की अंतिम गिनती, असली करेंसी की बरामदगी और जांच में सामने आने वाली जिम्मेदारियों से जुड़ी होगी।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Mohammad Naved

Mohammad Naved

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

यूपी सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 14 आईएएस और 34 पीसीएस अफसरों के तबादले

2026-09-14 11:12:51

सहारनपुर कलक्ट्रेट की मस्जिद ध्वस्त, अखिलेश-मायावती ने उठाए सवाल,इकरा हसन हाउस अरेस्ट

2026-09-05 15:57:44

मुजफ्फरनगर: शारदेन स्कूल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम, छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन ठगी से बचाव की जानकारी

2026-10-15 16:40:58

मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन में ग्राम प्रहरियों का सम्मान, CM योगी की ₹5 लाख कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की घोषणा का प्रसारण

2026-10-13 15:22:12

यूपी में महिला उद्यमियों की बढ़ी भागीदारी, 50% से अधिक स्टार्टअप्स की कमान महिलाओं के पास होने का योगी का दावा

2026-10-12 13:28:10

मुजफ्फरनगर: हनुमानपुरी में जलभराव से परेशान लोगों ने लगाया जाम, स्थायी समाधान की मांग

2026-10-12 13:03:38

मुजफ्फरनगर में सपा सांसद हरेंद्र मलिक के आवास पर पुलिस की निगरानी, जंतर-मंतर जाने की थी तैयारी

2026-10-12 12:15:07

योगी सरकार का बड़ा फैसला, जेवर एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर रखने को मंज़ूरी

2026-10-09 14:05:53

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर
▶ YouTube Channel 📸 Instagram Reels