भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने धरती से लगभग 400 किलोमीटर ऊपर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक बैलेट के ज़रिये मतदान किया।
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन | 4 नवंबर 2026
By Mohd Haris
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के दौरान भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने धरती से लगभग 400 किलोमीटर ऊपर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अपना वोट डालकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लिया। उनके साथ मौजूद 2 अन्य अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों ने भी मतदान किया। अंतरिक्ष में रहकर वोट डालने की इस प्रक्रिया का वीडियो मेनन ने सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि किस तरह अंतरिक्ष स्टेशन से सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली के ज़रिये मतपत्र चुनाव अधिकारियों तक पहुंचाया गया।
अंतरिक्ष स्टेशन का निजी कमरा बना मतदान केंद्र
3 नवंबर 2026 को अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान हुआ। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर तैनात अनिल मेनन, जेसिका वॉटकिंस और ल्यूक डेलानी ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मेनन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन के भीतर अपना निजी कमरा दिखाया, जिसे उन्होंने मतदान के लिए इस्तेमाल किया था।
कमरे में मौजूद कंप्यूटर के माध्यम से उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मतपत्र भरा और उसे अमेरिका के टेक्सास राज्य की हैरिस काउंटी के चुनाव अधिकारियों तक पहुंचाया।
मेनन ने अपने संदेश में बताया कि अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद तीनों अमेरिकी क्रू सदस्यों को मतदान करने का अवसर मिला। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक बैलेट भरकर उसे सुरक्षित तरीके से चुनाव अधिकारियों को भेजा।
इस वीडियो ने लोगों का ध्यान इसलिए भी खींचा क्योंकि आम तौर पर मतदान की तस्वीरें ज़मीन पर बने पोलिंग बूथों से सामने आती हैं, जबकि इस मामले में मतदान पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे अंतरिक्ष स्टेशन से किया गया।
अंतरिक्ष से धरती तक कैसे पहुंचता है वोट?
अंतरिक्ष यात्रियों के लिए मतदान की विशेष इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था मौजूद है। इसमें मतदाता को डिजिटल बैलेट उपलब्ध कराया जाता है, जिसे अंतरिक्ष स्टेशन पर कंप्यूटर के माध्यम से भरा जाता है।
मतपत्र भरने के बाद उसे नासा के संचार नेटवर्क के ज़रिये धरती पर भेजा जाता है। इसके बाद संबंधित चुनाव अधिकारियों तक सुरक्षित तरीके से पहुंचाया जाता है।
इस प्रक्रिया में मतपत्र को एन्क्रिप्ट किया जाता है, ताकि मतदान की गोपनीयता बरकरार रहे और केवल अधिकृत पक्ष ही संबंधित जानकारी तक पहुंच सकें।
अनिल मेनन ने बताया कि उन्होंने अपना इलेक्ट्रॉनिक मतपत्र हैरिस काउंटी भेजा। टेक्सास की इसी काउंटी में ह्यूस्टन स्थित नासा का जॉनसन स्पेस सेंटर भी मौजूद है, जो मानव अंतरिक्ष अभियानों के संचालन में अहम भूमिका निभाता है।
यह व्यवस्था अंतरिक्ष यात्रियों को लंबी अवधि के मिशन के दौरान भी चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेने का अवसर देती है।
1997 से अंतरिक्ष में मतदान की व्यवस्था
अंतरिक्ष से मतदान की शुरुआत 2026 में नहीं हुई है। अमेरिका में इसकी व्यवस्था लगभग 3 दशक पहले विकसित की गई थी।
1997 में टेक्सास राज्य ने ऐसा क़ानून पारित किया, जिसने अंतरिक्ष मिशन पर मौजूद पात्र अंतरिक्ष यात्रियों के लिए मतदान का रास्ता खोला।
उसी वर्ष नासा के अंतरिक्ष यात्री डेविड वुल्फ ने रूस के मीर अंतरिक्ष स्टेशन से मतदान किया। वह अंतरिक्ष से वोट डालने वाले पहले अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री बने।
इसके बाद अंतरिक्ष अभियानों के दौरान मतदान की व्यवस्था अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक स्थापित प्रक्रिया बन गई।
अनिल मेनन और उनके साथियों का मतदान इसी व्यवस्था की निरंतरता है। हालांकि, आधुनिक संचार तकनीक ने इस प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कौन हैं भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन?
अनिल मेनन भारतीय मूल के अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री हैं और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा से जुड़े हुए हैं।
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक़, मेनन 14 जुलाई 2026 को रूसी सोयुज़ मिशन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे थे।
उनके साथ मतदान करने वाले जेसिका वॉटकिंस और ल्यूक डेलानी 1 अक्टूबर 2026 को स्पेसएक्स मिशन के माध्यम से अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे।
अंतरिक्ष स्टेशन पर वैज्ञानिक और तकनीकी ज़िम्मेदारियां निभाने के बीच इन यात्रियों ने अमेरिकी चुनाव में भी हिस्सा लिया।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से जुड़ा है मतदान
अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मध्यावधि चुनाव हुए। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा, सीनेट की संबंधित सीटों और कई राज्यों के प्रमुख पदों के लिए मतदान हुआ।
मध्यावधि चुनाव अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। इनके ज़रिये मतदाता राष्ट्रपति के 4 वर्षीय कार्यकाल के बीच कांग्रेस के प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं।
अंतरिक्ष यात्रियों के लिए विशेष मतदान व्यवस्था यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाई गई है कि अंतरिक्ष मिशन के कारण पात्र मतदाता अपने चुनावी अधिकार से वंचित न रहें।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।