बार-बार सिरदर्द तनाव, नींद की कमी, माइग्रेन, कैफीन, पानी की कमी या दवाओं के अधिक इस्तेमाल से हो सकता है। अचानक तेज दर्द और अन्य लक्षणों में तुरंत चिकित्सकीय मदद लें।
बार-बार सिर दर्द होना किन कारणों से होता है?
सिरदर्द एक आम समस्या है, लेकिन अगर यह बार-बार होने लगे तो इसके कारण को समझना जरूरी है। हर सिरदर्द माइग्रेन नहीं होता। तनाव और नींद की समस्या से होने वाला सिरदर्द, माइग्रेन और कुछ अन्य प्रकार के सिरदर्द अलग-अलग लक्षणों के साथ सामने आ सकते हैं। कभी-कभी जीवनशैली से जुड़े कारण सिरदर्द को बढ़ा सकते हैं, जबकि कुछ मामलों में बार-बार दर्द होने के पीछे ऐसी स्थिति हो सकती है जिसके लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी हो। इसलिए लगातार या बदलते हुए सिरदर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
तनाव और मानसिक दबाव
तनाव सिरदर्द के आम कारणों में शामिल है। तनाव से होने वाले सिरदर्द में अक्सर सिर के दोनों तरफ दबाव या कसाव जैसा महसूस हो सकता है। गर्दन और सिर के आसपास भी खिंचाव या संवेदनशीलता महसूस हो सकती है। काम का दबाव, लगातार चिंता, आराम की कमी और लंबे समय तक मानसिक तनाव कुछ लोगों में सिरदर्द की समस्या को बढ़ा सकते हैं। ऐसे में पर्याप्त आराम और तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश उपयोगी हो सकती है।
नींद पूरी न होना
नींद की दिनचर्या में गड़बड़ी भी सिरदर्द से जुड़ी हो सकती है। विशेषज्ञ स्रोतों के अनुसार नींद की समस्या और तनाव टेंशन-टाइप सिरदर्द के सामान्य कारणों में शामिल हैं। माइग्रेन के मामले में भी नींद की नियमितता महत्वपूर्ण हो सकती है। इसलिए रोजाना सोने और जागने के समय में बहुत अधिक बदलाव से बचना और पर्याप्त नींद लेना स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
माइग्रेन भी हो सकता है कारण
अगर सिरदर्द के साथ धड़कता हुआ दर्द, रोशनी या तेज आवाज से परेशानी, जी मिचलाना या उल्टी जैसे लक्षण हों तो यह माइग्रेन से जुड़ा हो सकता है। माइग्रेन का दर्द एक तरफ अधिक महसूस हो सकता है, हालांकि ऐसा हमेशा नहीं होता। माइग्रेन का दौरा व्यक्ति-दर-व्यक्ति अलग हो सकता है और कुछ लोगों में यह महीने में कई बार भी हो सकता है। बार-बार माइग्रेन होने पर चिकित्सक से सलाह लेकर सही निदान और उपचार योजना बनाना जरूरी है।
कैफीन की मात्रा में बदलाव
चाय, कॉफी और अन्य कैफीनयुक्त पेय पदार्थों का सेवन कुछ लोगों में सिरदर्द को प्रभावित कर सकता है। खासकर कैफीन की मात्रा में अचानक बदलाव या अत्यधिक सेवन कुछ लोगों में समस्या बढ़ा सकता है। इसलिए अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा है तो यह ध्यान देना उपयोगी हो सकता है कि दर्द किस समय होता है और उस दिन कैफीन का सेवन कितना किया गया था।
पानी और खान-पान की अनियमितता
माइग्रेन को प्रभावित करने वाले जीवनशैली कारकों में पानी का सेवन, खान-पान, नींद, व्यायाम और तनाव प्रबंधन भी शामिल हैं। इसलिए लंबे समय तक अपनी दिनचर्या और भोजन-पानी की आदतों को बिगाड़ना कुछ लोगों में सिरदर्द की समस्या को प्रभावित कर सकता है।
सिरदर्द बार-बार हो तो यह भी नोट किया जा सकता है कि दर्द से पहले भोजन, पानी, नींद या दिनचर्या में कोई खास बदलाव हुआ था या नहीं।
दर्द की दवाओं का बार-बार इस्तेमाल
सिरदर्द होने पर दर्द की दवा लेना आम बात है, लेकिन इन दवाओं का बहुत ज्यादा या बार-बार इस्तेमाल उल्टा सिरदर्द की आवृत्ति बढ़ा सकता है। इसे दवा-अधिक-उपयोग सिरदर्द कहा जाता है। अमेरिकन माइग्रेन फाउंडेशन के अनुसार, कुछ सामान्य दर्द निवारक दवाओं का महीने में १५ या उससे अधिक दिनों तक इस्तेमाल और कुछ अन्य तीव्र सिरदर्द की दवाओं का १० या उससे अधिक दिनों तक इस्तेमाल दवा-अधिक-उपयोग सिरदर्द से जुड़ा हो सकता है। इसलिए बार-बार सिरदर्द होने पर अपनी तरफ से लगातार दर्द की दवा लेते रहना उचित नहीं है। चिकित्सक से सलाह लेकर मूल कारण की पहचान करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
सिरदर्द की डायरी हो सकती है मददगार
अगर सिरदर्द लगातार हो रहा है तो उसकी एक डायरी बनाना उपयोगी हो सकता है। इसमें दर्द किस दिन हुआ, कितनी देर रहा, उसकी तीव्रता कितनी थी, उस समय कौन-से अन्य लक्षण थे और कौन-सी दवा ली गई—इन बातों को दर्ज किया जा सकता है। इससे चिकित्सक को समस्या का पैटर्न समझने में मदद मिल सकती है।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
हर सिरदर्द गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता। लेकिन कुछ परिस्थितियों में तुरंत चिकित्सकीय सहायता जरूरी है। अगर सिरदर्द अचानक बहुत तेज और असामान्य रूप से शुरू हो, सिर पर चोट के बाद हो, या उसके साथ बोलने में परेशानी, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन, देखने में परेशानी, भ्रम, दौरा, तेज बुखार या गर्दन में अकड़न जैसे लक्षण हों तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
इसी तरह सिरदर्द का पैटर्न अचानक बदल जाए, दर्द लगातार बढ़ता जाए या सामान्य उपायों से राहत न मिले तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
क्या करें?
बार-बार सिरदर्द की स्थिति में पर्याप्त नींद, नियमित दिनचर्या, संतुलित खान-पान, पर्याप्त पानी और तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश की जा सकती है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश करें कि सिरदर्द किन परिस्थितियों में शुरू होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लगातार होने वाले सिरदर्द को केवल दर्द की दवा से दबाने के बजाय उसके कारण को समझना चाहिए। यदि सिरदर्द सप्ताह में कई बार हो रहा है, गंभीर है या समय के साथ बढ़ रहा है तो चिकित्सक से परामर्श लेना बेहतर है।
निष्कर्ष
बार-बार सिरदर्द के पीछे तनाव और नींद की समस्या जैसे सामान्य कारण हो सकते हैं, लेकिन माइग्रेन और दवाओं के अधिक इस्तेमाल जैसी स्थितियां भी जिम्मेदार हो सकती हैं। अचानक या असामान्य तेज सिरदर्द तथा न्यूरोलॉजिकल लक्षणों को आपात संकेत मानकर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
Note:
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी व्यक्ति के सिरदर्द का कारण और उपचार चिकित्सकीय जांच के बाद ही निर्धारित किया जा सकता है।