बागपत में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर श्रद्धालुओं की पिकअप कैंटर की टक्कर के बाद डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में 13 लोगों की मौत और 23 घायल हुए।
Location: बागपत, उत्तर प्रदेश
Date: 8 सितंबर 2026
By:Wasi Siddiqui
बागपत में दर्दनाक सड़क हादसा
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर हुआ सड़क हादसा कई परिवारों के लिए मातम में बदल गया। बड़ागांव के पास श्रद्धालुओं से भरी पिकअप दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में अब तक 13 श्रद्धालुओं की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 23 लोग घायल बताए गए हैं।
शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों और घायलों की संख्या अलग-अलग सामने आई थी। हादसे के बाद उपचार के दौरान कई घायलों की मौत हुई, जिसके चलते मृतकों की संख्या बढ़ी। इसलिए शुरुआती चार मौतों वाली सूचना को अंतिम आंकड़ा नहीं माना जा सकता।
कैसे हुआ हादसा
रिपोर्टों के मुताबिक श्रद्धालु राजस्थान के हनुमानगढ़ स्थित गोगामेड़ी के बागड़ धाम से दर्शन के बाद बदायूं लौट रहे थे। बड़ागांव के पास उनकी पिकअप की एक कैंटर से टक्कर हुई। इसके बाद पिकअप अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई और पलट गई।
हादसा देर रात करीब डेढ़ बजे होने की जानकारी सामने आई है। टक्कर के बाद वाहन में सवार यात्रियों को गंभीर चोटें आईं। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहगीरों तथा पुलिस की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया।
13 श्रद्धालुओं की मौत
हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार मृतकों में एक बच्ची और एक किशोर भी शामिल हैं। कुछ मृतक एक ही परिवार से जुड़े बताए गए हैं।
एनडीटीवी की 8 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक मृतकों में बदायूं के अल्लापुर चमारी गांव के सात लोग शामिल हैं। हादसे के शिकार लोग राजस्थान के गोगामेड़ी में जाहरवीर बाबा के दर्शन के बाद अपने घर लौट रहे थे।
मृतकों की पहचान और शवों को परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया प्रशासन की निगरानी में चल रही है। इस बीच कई परिवार अपने लोगों की जानकारी और उपचार को लेकर अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं।
घायलों का इलाज जारी
हादसे में घायल यात्रियों को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और बागपत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर स्थिति वाले घायलों को बेहतर उपचार के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज और दिल्ली के जीटीबी अस्पताल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
अस्पतालों में चिकित्सकीय टीमें घायलों के इलाज में जुटी हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने घायलों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता का ऐलान किया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और हर संभव मदद उपलब्ध कराने को कहा गया है।
सरकार की ओर से राहत और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई जारी है।
श्रद्धालु कहां से लौट रहे थे
रिपोर्टों के अनुसार श्रद्धालुओं का समूह राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के गोगामेड़ी स्थित बागड़ धाम गया था। दर्शन के बाद वे बदायूं जिले के अपने गांवों की ओर लौट रहे थे। हादसे में बदायूं के कई गांवों के लोग प्रभावित हुए हैं।
इस यात्रा में शामिल लोगों के परिवार अब अस्पतालों और प्रशासन से लगातार संपर्क कर रहे हैं। हादसे ने बदायूं और बागपत दोनों इलाकों में गहरा शोक पैदा किया है।
जांच में सामने आएगा हादसे का पूरा कारण
प्रारंभिक रिपोर्टों में कैंटर की टक्कर और उसके बाद पिकअप के अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने की बात सामने आई है। हादसे की परिस्थितियों और वाहनों की स्थिति की जांच पुलिस तथा प्रशासन कर रहे हैं।
सड़क दुर्घटना के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। तेज रफ्तार, वाहन की स्थिति, चालक की सतर्कता और एक्सप्रेसवे पर यातायात परिस्थितियों जैसे पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।
एक्सप्रेसवे सुरक्षा पर फिर सवाल
यह हादसा एक्सप्रेसवे पर रात के समय यातायात सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। श्रद्धालुओं और यात्रियों से भरे वाहनों की सुरक्षित आवाजाही के लिए चालक की सतर्कता, वाहन की फिटनेस और यातायात नियमों का पालन अहम है।
हादसे के बाद राहत और बचाव व्यवस्था ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में भूमिका निभाई। लेकिन ऐसी दुर्घटनाओं में नुकसान कम करने के लिए दुर्घटना से पहले की सुरक्षा व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
शुरुआती आंकड़ों से अंतिम स्थिति तक
हादसे के तुरंत बाद सामने आई खबरों में चार लोगों की मौत और बड़ी संख्या में घायलों की जानकारी थी। बाद में अस्पतालों में उपचार के दौरान कई घायलों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा बढ़ता गया।
8 सितंबर की उपलब्ध रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 13 तक पहुंचने की जानकारी दी गई है। घायलों की संख्या अलग-अलग रिपोर्टों में 19 से 23 के बीच बताई गई है, इसलिए इस रिपोर्ट में प्रशासन और ताजा पुष्ट जानकारी के अनुरूप 23 घायलों का आंकड़ा दिया जा रहा है।
आगे क्या होगा
पुलिस हादसे की परिस्थितियों की जांच करेगी। मृतकों की पहचान और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। गंभीर रूप से घायल यात्रियों का उपचार जारी रहेगा।
सबसे अहम सवाल अब हादसे की वजह और जिम्मेदारी से जुड़ा है। यदि जांच में किसी वाहन चालक की लापरवाही या यातायात नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
बागपत का यह हादसा एक बार फिर बताता है कि लंबी दूरी की रात की यात्रा में यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना जरूरी है। फिलहाल परिवारों की चिंता घायलों के इलाज और मृतकों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पर केंद्रित है। प्रशासन के सामने राहत, उपचार, पहचान और जांच, चारों मोर्चों पर तेजी से कार्रवाई की चुनौती है।