बांग्लादेश ने भारत से अनुरोध किया है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारतीय क्षेत्र का उपयोग सार्वजनिक राजनीतिक बयान या ऐसी गतिविधियों के लिए न करें, जिनसे बांग्लादेश में अस्थिरता बढ़ सकती है। इस मुद्दे पर ढाका में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बैठक हुई। भारत ने बांग्लादेश की चिंताओं पर उचित ध्यान देने का आश्वासन दिया।
📍 Location: नई दिल्ली
📰 Date: 4 अगस्त 2026
✍️ Byline: Apurva Choudhary
भारत से शेख हसीना के संभावित संबोधन पर बांग्लादेश की आपत्ति, कूटनीतिक स्तर पर हुई चर्चा
शेख हसीना के संभावित संबोधन से पहले बढ़ी कूटनीतिक हलचल
बांग्लादेश ने भारत से आग्रह किया है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारतीय क्षेत्र से सार्वजनिक राजनीतिक बयान देने की अनुमति न दी जाए। ढाका का कहना है कि ऐसी गतिविधियां दोनों देशों के हाल के वर्षों में बेहतर हुए संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं।
यह मुद्दा ढाका स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर और भारत के नवनियुक्त उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के बीच हुई बैठक में प्रमुखता से उठा।
क्या कहा बांग्लादेश ने?
बांग्लादेशी अधिकारियों के अनुसार, भारत से अपेक्षा की गई है कि उसकी भूमि का उपयोग किसी भी ऐसे राजनीतिक संबोधन या गतिविधि के लिए न हो जिससे बांग्लादेश के भीतर अस्थिरता या तनाव पैदा होने की आशंका हो।
ढाका ने विशेष रूप से अवामी लीग से जुड़े लोगों की संभावित राजनीतिक गतिविधियों पर भी चिंता व्यक्त की।
भारत का जवाब
बैठक के दौरान भारतीय पक्ष ने बांग्लादेश की चिंताओं को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भारत ने कहा कि इस मामले पर उचित ध्यान दिया जाएगा और संबंधित तथ्यों की समीक्षा की जाएगी।
हालांकि, भारत की ओर से शेख हसीना के संभावित कार्यक्रम को लेकर कोई अलग सार्वजनिक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
द्विपक्षीय संबंधों पर भी हुई चर्चा
बैठक केवल इस मुद्दे तक सीमित नहीं रही। दोनों देशों ने व्यापार, विकास, आपसी सहयोग और लंबित द्विपक्षीय विषयों पर भी चर्चा की।
दोनों पक्षों ने आपसी सम्मान, विश्वास और निरंतर संवाद के माध्यम से संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
निर्वासन और प्रत्यर्पण का मामला
शेख हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद भारत आई थीं। इसके बाद बांग्लादेश ने कई बार उनके प्रत्यर्पण की मांग की है।
भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि प्रत्यर्पण संबंधी अनुरोधों की समीक्षा भारतीय कानून और स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार की जा रही है।
राजनीतिक और कानूनी पृष्ठभूमि
बांग्लादेश में शेख हसीना के खिलाफ कई कानूनी मामले दर्ज हैं। वहीं उनके समर्थकों का कहना है कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक परिस्थितियों से जुड़ी है। इन दावों और आरोपों पर विभिन्न पक्षों की अलग-अलग राय है, इसलिए मामले के कई पहलू अभी भी संवेदनशील बने हुए हैं।
आगे क्या?
यदि शेख हसीना निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सार्वजनिक रूप से संबोधित करती हैं, तो उसकी प्रतिक्रिया पर भारत और बांग्लादेश दोनों की नजर रहेगी। आने वाले दिनों में दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों और राजनीतिक संवाद पर इस घटनाक्रम का असर पड़ सकता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।