बीटरूट का जूस क्यों बन रहा है हेल्थ ड्रिंक, जानिए इसके फायदे
रोज़ बीटरूट का जूस पीने से शरीर में क्या बदलाव आते हैं?
बीटरूट का जूस: दिल, खून और स्टैमिना के लिए कितना फायदेमंद?
बीटरूट का जूस हाल के वर्षों में हेल्थ ड्रिंक के रूप में लोकप्रिय हुआ है। इसमें मौजूद प्राकृतिक नाइट्रेट, फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट शरीर के कई कार्यों में भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि इसके लाभ व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति, खानपान और जीवनशैली पर भी निर्भर करते हैं। विशेषज्ञ संतुलित सेवन और चिकित्सकीय सलाह को महत्वपूर्ण मानते हैं।
📍 Location: नई दिल्ली
📰 Date: 6 अगस्त 2026
✍️ Neelam Saini
बीटरूट का जूस पीने से हमारी सेहत पर क्या असर होता है, जानिए फायदे
बीटरूट का जूस क्यों बना चर्चा का विषय
पिछले कुछ वर्षों में बीटरूट का जूस हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है। फिटनेस एक्सपर्ट, न्यूट्रिशनिस्ट और स्पोर्ट्स प्रोफेशनल इसे संतुलित आहार का हिस्सा मानते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह इसमें मौजूद प्राकृतिक नाइट्रेट, फोलेट, पोटैशियम, विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट हैं। हालांकि यह समझना भी जरूरी है कि कोई भी एक खाद्य पदार्थ अकेले संपूर्ण स्वास्थ्य की गारंटी नहीं देता। बीटरूट का जूस तभी अधिक लाभकारी माना जाता है, जब इसे संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम के साथ शामिल किया जाए।
बीटरूट में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं
बीटरूट में प्राकृतिक नाइट्रेट, फोलेट, मैंगनीज, पोटैशियम, आयरन, विटामिन-सी और विभिन्न प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें बेटालेन नामक प्राकृतिक पिगमेंट मौजूद होता है, जो इसे गहरा लाल रंग देता है और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है। यही पोषक तत्व इसे सामान्य सब्जियों की तुलना में एक अलग पहचान देते हैं। हालांकि इसके पोषण लाभ व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और सेवन की मात्रा पर भी निर्भर करते हैं।
ब्लड प्रेशर पर क्या पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार बीटरूट में मौजूद प्राकृतिक नाइट्रेट शरीर में जाकर नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल सकता है। यह रक्त वाहिकाओं को फैलाने में मदद कर सकता है, जिससे कुछ लोगों में ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में सहायता मिल सकती है। हालांकि यदि कोई व्यक्ति पहले से ब्लड प्रेशर की दवा ले रहा है, तो नियमित रूप से अधिक मात्रा में बीटरूट जूस पीने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना उचित माना जाता है।
स्टैमिना और एक्सरसाइज में कैसे हो सकता है लाभ
कई रिसर्च में यह देखा गया है कि प्राकृतिक नाइट्रेट शरीर में ऑक्सीजन के उपयोग की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। इसी कारण कई खिलाड़ी और फिटनेस प्रेमी वर्कआउट से पहले सीमित मात्रा में बीटरूट जूस का सेवन करते हैं। फिर भी यह किसी चमत्कारी पेय की तरह काम नहीं करता। बेहतर प्रदर्शन के लिए नियमित अभ्यास, संतुलित भोजन और पर्याप्त आराम भी उतने ही जरूरी हैं।
खून की सेहत के लिए कितना उपयोगी
अक्सर यह माना जाता है कि बीटरूट का जूस खून तेजी से बढ़ा देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह दावा पूरी तरह सही नहीं है। हालांकि इसमें फोलेट और कुछ मात्रा में आयरन मौजूद होता है, जो शरीर में सामान्य रक्त निर्माण की प्रक्रिया का समर्थन कर सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति में एनीमिया है, तो केवल बीटरूट जूस पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर द्वारा सुझाए गए उपचार और संतुलित आहार का पालन करना अधिक आवश्यक है।
दिल की सेहत के लिए संभावित फायदे
बीटरूट में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और प्राकृतिक नाइट्रेट हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं। संतुलित आहार का हिस्सा बनने पर यह रक्त संचार को बेहतर बनाने में सहयोग कर सकता है। हालांकि हृदय रोगों की रोकथाम केवल एक खाद्य पदार्थ से संभव नहीं है। धूम्रपान से दूरी, नियमित व्यायाम, नियंत्रित वजन और स्वस्थ जीवनशैली सबसे महत्वपूर्ण कारक बने रहते हैं।
पाचन तंत्र पर इसका प्रभाव
यदि बीटरूट को जूस की बजाय साबुत या सलाद के रूप में खाया जाए तो उसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। वहीं जूस बनाने की प्रक्रिया में फाइबर की मात्रा कम हो जाती है। इसलिए यदि उद्देश्य पाचन सुधारना है, तो केवल जूस की बजाय साबुत बीटरूट का सेवन अधिक लाभकारी हो सकता है।
क्या यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
बीटरूट में मौजूद विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को सहयोग दे सकते हैं। हालांकि यह कहना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं होगा कि केवल बीटरूट का जूस पीने से इम्यूनिटी बहुत अधिक बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत प्रतिरक्षा के लिए विविध और संतुलित आहार सबसे महत्वपूर्ण होता है।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी
बीटरूट का जूस सभी लोगों के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं होता। जिन लोगों को किडनी स्टोन की समस्या रही है, उन्हें इसके सेवन की मात्रा के बारे में डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेनी चाहिए क्योंकि इसमें ऑक्सालेट पाया जाता है। कुछ लोगों में बीटरूट खाने या जूस पीने के बाद पेशाब या मल का रंग गुलाबी या लाल दिखाई दे सकता है। अधिकांश मामलों में यह सामान्य स्थिति होती है, लेकिन यदि अन्य लक्षण भी हों तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
क्या रोज़ पीना सही है
पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी खाद्य पदार्थ का अत्यधिक सेवन उचित नहीं माना जाता। बीटरूट जूस भी संतुलित मात्रा में और विविध आहार के हिस्से के रूप में लेना बेहतर विकल्प है। यदि किसी व्यक्ति को मधुमेह, लो ब्लड प्रेशर, किडनी संबंधी बीमारी या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य लेनी चाहिए।
निष्कर्ष
बीटरूट का जूस पोषक तत्वों से भरपूर एक स्वास्थ्यवर्धक पेय माना जाता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक नाइट्रेट, फोलेट, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट ब्लड प्रेशर, रक्त संचार, स्टैमिना और सामान्य स्वास्थ्य को सहयोग देने में भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि इसे किसी बीमारी का इलाज या चमत्कारी उपाय मानना उचित नहीं होगा। सबसे बेहतर परिणाम संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और चिकित्सकीय सलाह के साथ ही प्राप्त किए जा सकते हैं।