बेन शेल्टन ने मॉन्ट्रियल में ब्रैंडन नाकाशिमा को 6-3, 7-6(4) से हराकर लगातार दूसरी बार कनाडियन ओपन खिताब जीता। इस जीत के साथ वह 21वीं सदी में लगातार कनाडा खिताब बचाने वाले चौथे पुरुष खिलाड़ी बने। उनसे पहले एंडी मरे, नोवाक जोकोविच और राफेल नडाल ऐसा कर चुके हैं।
मॉन्ट्रियल, कनाडा|14 अगस्त 2026|शाह टाइम्स
अमेरिकी टेनिस स्टार बेन शेल्टन ने मॉन्ट्रियल में नेशनल बैंक ओपन का खिताब लगातार दूसरी बार जीतकर इतिहास रच दिया। पांचवीं वरीयता प्राप्त शेल्टन ने ऑल-अमेरिकन फाइनल में ब्रैंडन नाकाशिमा को 6-3, 7-6(4) से हराया।
इस जीत के साथ शेल्टन ने अपना दूसरा मास्टर्स 1000 खिताब और करियर का सातवां एटीपी टूर खिताब हासिल किया। सबसे अहम बात यह रही कि उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में एक भी सेट नहीं गंवाया।
शेल्टन की यह उपलब्धि उन्हें टेनिस इतिहास के खास क्लब में ले गई है। एटीपी के मुताबिक, वह इस सदी में कनाडियन ओपन का खिताब लगातार बचाने वाले चौथे पुरुष खिलाड़ी हैं।
उनसे पहले एंडी मरे ने 2009 और 2010, नोवाक जोकोविच ने 2011 और 2012 तथा राफेल नडाल ने 2018 और 2019 में लगातार कनाडा खिताब जीता था।
इस रिकॉर्ड की खासियत इसलिए भी है क्योंकि कनाडियन ओपन अलग-अलग वर्षों में टोरंटो और मॉन्ट्रियल के बीच आयोजित होता है। शेल्टन ने 2025 में टोरंटो में खिताब जीता था और 2026 में मॉन्ट्रियल में इसे डिफेंड किया।
फाइनल में शेल्टन ने शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी। पहले सेट में दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआती गेमों में अपनी सर्विस बरकरार रखी, लेकिन 3-3 के बाद शेल्टन ने नाकाशिमा की दूसरी सर्विस पर दबाव बढ़ाया।
उन्होंने फोरहैंड रिटर्न विनर के जरिए ब्रेक हासिल किया और पहला सेट 6-3 से अपने नाम कर लिया। एटीपी के अनुसार, शेल्टन ने पूरे मैच में एक भी ब्रेक पॉइंट नहीं दिया।
दूसरे सेट में नाकाशिमा ने बेहतर प्रतिरोध किया। उन्होंने शेल्टन को टाईब्रेक तक खींचा, लेकिन निर्णायक क्षणों में शेल्टन ने फिर नियंत्रण हासिल कर लिया।
टाईब्रेक में शेल्टन ने बढ़त बनाई और शानदार फोरहैंड विनर के साथ मुकाबला खत्म किया। मैच एक घंटे 27 मिनट चला।
शेल्टन ने मॉन्ट्रियल में छह मैच खेले और सभी जीते। सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि किसी भी मुकाबले में उन्हें सेट नहीं गंवाना पड़ा।
उन्होंने क्वार्टरफाइनल में जाकुब मेन्सिक को 6-3, 6-1 से हराया। सेमीफाइनल में लर्नर टिएन के खिलाफ 6-2, 6-3 की जीत दर्ज की और फिर फाइनल में नाकाशिमा को मात दी।
यह प्रदर्शन उस समय आया जब शेल्टन का 2026 सीजन हर लिहाज़ से सीधा नहीं रहा था। रॉयटर्स के मुताबिक, वह विंबलडन में पहले दौर और फ्रेंच ओपन में दूसरे दौर से बाहर हुए थे। सीजन के शुरुआती चार मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट में भी उन्होंने केवल एक मैच जीता था।
कनाडियन हार्ड कोर्ट ने शेल्टन के खेल को नई धार दी। उनकी सर्विस, फोरहैंड और आक्रामक बेसलाइन गेम ने पूरे टूर्नामेंट में विपक्षी खिलाड़ियों पर दबाव बनाए रखा।
शेल्टन ने खुद अपनी जीत को मानसिक मजबूती और लंबे समय से किए जा रहे काम का नतीजा बताया। उनका कहना था कि इस सप्ताह उन्होंने जिस तरह प्रदर्शन किया, वह उनकी मानसिक दृढ़ता को दिखाता है।
उनका यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि इस खिताब से पहले सीजन में उनका प्रदर्शन उतना स्थिर नहीं रहा था।
2025 में टोरंटो में पहला मास्टर्स 1000 खिताब जीतना शेल्टन के करियर का बड़ा मोड़ था। एक साल बाद उसी कनाडियन टूर्नामेंट का खिताब अलग शहर में डिफेंड करना उनके खेल में आई निरंतरता का संकेत है।
मॉन्ट्रियल की जीत के बाद शेल्टन के एटीपी टूर खिताबों की संख्या सात हो गई है। 2026 में वह डलास, म्यूनिख और स्टुटगार्ट में भी खिताब जीत चुके हैं।
फाइनल हारने के बावजूद ब्रैंडन नाकाशिमा के लिए मॉन्ट्रियल अभियान करियर की महत्वपूर्ण पेशरफ़्त रहा। उन्होंने पहली बार किसी मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई।
फाइनल तक पहुंचने के बाद नाकाशिमा की रैंकिंग करियर की सर्वश्रेष्ठ नंबर 22 तक पहुंचने वाली थी।
इस तरह मॉन्ट्रियल का फाइनल अमेरिकी पुरुष टेनिस के लिए दो अलग-अलग संकेत लेकर आया। शेल्टन ने शीर्ष स्तर पर अपनी दावेदारी मजबूत की, जबकि नाकाशिमा ने भी बड़े मंच पर वापसी का संकेत दिया।
मॉन्ट्रियल फाइनल 2003 के बाद पहला ऑल-अमेरिकन एटीपी मास्टर्स 1000 फाइनल था। इससे पहले एंडी रोडिक ने सिनसिनाटी में मार्डी फिश को हराया था।
अमेरिकी पुरुष टेनिस लंबे समय से ग्रैंड स्लैम स्तर पर एक नए पुरुष एकल चैंपियन का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2003 में रोडिक की यूएस ओपन जीत के बाद से अमेरिका का कोई पुरुष खिलाड़ी उस ग्रैंड स्लैम में एकल चैंपियन नहीं बना है।
ऐसे में शेल्टन की मॉन्ट्रियल जीत को आगामी यूएस ओपन से पहले अमेरिकी टेनिस के लिए सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
शेल्टन ने मॉन्ट्रियल में एक और खास उपलब्धि हासिल की। वह 2016 में नोवाक जोकोविच के बाद कनाडियन ओपन जीतने वाले पहले ऐसे खिलाड़ी बने जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में कोई सेट नहीं गंवाया।
वह 2019 में राफेल नडाल के बाद कनाडियन ओपन खिताब सफलतापूर्वक डिफेंड करने वाले पहले खिलाड़ी भी हैं।
इन दोनों आंकड़ों से शेल्टन के अभियान की मजबूती का अंदाज़ा मिलता है।
मॉन्ट्रियल खिताब के तुरंत बाद शेल्टन का ध्यान अगले बड़े टूर्नामेंट पर है। एटीपी डेटा के अनुसार, वह 2026 सिनसिनाटी टूर्नामेंट में भी प्रवेश कर चुके हैं।
इसके बाद सीजन का बड़ा लक्ष्य यूएस ओपन होगा। मॉन्ट्रियल में मिली लय और आत्मविश्वास शेल्टन के लिए महत्वपूर्ण होंगे, लेकिन हार्ड कोर्ट पर लगातार प्रदर्शन को ग्रैंड स्लैम में दोहराना अगली बड़ी परीक्षा होगी।
मॉन्ट्रियल ने इतना जरूर साबित किया है कि शेल्टन बड़े टूर्नामेंट में दबाव झेलने और खिताब डिफेंड करने की क्षमता रखते हैं।
बेन शेल्टन ने मॉन्ट्रियल में केवल एक और मास्टर्स 1000 खिताब नहीं जीता। उन्होंने कनाडियन ओपन के इतिहास में अपना नाम एंडी मरे, नोवाक जोकोविच और राफेल नडाल जैसे दिग्गजों के साथ दर्ज कराया।
6-3, 7-6(4) की जीत, छह मैचों में एक भी सेट नहीं गंवाना और लगातार दूसरी बार कनाडियन खिताब जीतना उनके अभियान की बड़ी खासियत रही।
अब असली सवाल यह है कि मॉन्ट्रियल की यह शानदार लय यूएस ओपन तक कितनी कायम रहती है। फिलहाल शेल्टन ने अमेरिकी पुरुष टेनिस की नई पीढ़ी के सबसे मजबूत दावेदारों में अपनी जगह और पुख्ता कर दी है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।