उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बीजेपी ने नई सोशल मीडिया टीम घोषित की है। सुभाष यदुवंश को प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी बनाया गया है।
📍 लखनऊ
🗓️ 18 सितंबर 2026
✍️ wasi siddiqui
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में अपने डिजिटल संगठन को नया ढांचा देते हुए सोशल मीडिया टीम का ऐलान किया है। पार्टी ने सुभाष यदुवंश को प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। उनके साथ 6 सह संयोजक और 3 सदस्यों को भी टीम में शामिल किया गया है।
यह नियुक्ति ऐसे वक्त हुई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर प्रमुख राजनीतिक दल संगठनात्मक और जनसंपर्क गतिविधियां तेज कर रहे हैं। बीजेपी की नई टीम की भूमिका पार्टी के कार्यक्रमों, अभियानों और संगठन से जुड़े संदेशों को डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने की होगी।
सुभाष यदुवंश को मिली अहम जिम्मेदारी
बीजेपी ने सुभाष यदुवंश को प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी बनाया है। वह उत्तर प्रदेश बीजेपी में प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और फिलहाल विधान परिषद सदस्य हैं। पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उन्हें विधान परिषद सदस्य और प्रदेश महामंत्री के तौर पर दर्ज किया गया है।
सुभाष यदुवंश इससे पहले भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, वह 2022 में विधान परिषद सदस्य चुने गए थे और 2023 में उन्हें प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी मिली थी।
टीम में 6 सह संयोजक और 3 सदस्य
बीजेपी ने प्रदेश सोशल मीडिया संगठन के लिए सुभाष यदुवंश के साथ 6 सह संयोजक और 3 सदस्यों की नियुक्ति की है। इस नई व्यवस्था का मकसद प्रदेश स्तर पर पार्टी की डिजिटल गतिविधियों को संगठित करना और सोशल मीडिया अभियानों को आगे बढ़ाना बताया गया है।
इस टीम की जिम्मेदारी पार्टी के कार्यक्रमों और अभियानों की डिजिटल पहुंच बढ़ाने से जुड़ी होगी। हालांकि उपलब्ध रिपोर्ट में टीम के सभी पदाधिकारियों के नाम और उनके अलग-अलग कार्यक्षेत्रों का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है।
2027 चुनाव से पहले डिजिटल मोर्चे पर फोकस
उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। चुनावी तैयारी के मद्देनज़र बीजेपी संगठन के विभिन्न स्तरों पर नियुक्तियां और बैठकें कर रही है। हालिया रिपोर्टों में पार्टी के बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने और स्थानीय नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाने की कवायद का भी उल्लेख है।
टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी उत्तर प्रदेश में जमीनी संगठन के साथ सोशल मीडिया पहुंच को भी मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है। पार्टी की गतिविधियों को डिजिटल माध्यमों के जरिए ज्यादा प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
सोशल मीडिया क्यों अहम है
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में राजनीतिक दलों के लिए सोशल मीडिया जनसंपर्क का अहम माध्यम बन चुका है। पार्टियां अपने कार्यक्रमों, नेताओं के वक्तव्यों और नीतिगत दावों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे मतदाताओं तक पहुंचाती हैं।
हाल के वर्षों में चुनावी राजनीति में डिजिटल प्रचार की भूमिका बढ़ी है। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों की ऑनलाइन गतिविधियां भी लगातार बढ़ रही हैं।
इसी संदर्भ में बीजेपी की नई सोशल मीडिया टीम को संगठन के डिजिटल संदेश को एकीकृत करने की जिम्मेदारी मिलेगी।
डिजिटल प्रचार के साथ चुनौती भी
सोशल मीडिया संगठन के सामने केवल पार्टी के संदेश को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की चुनौती नहीं होती। तथ्यात्मकता, आधिकारिक सूचना की स्पष्ट पहचान और भ्रामक सामग्री से निपटना भी डिजिटल राजनीतिक संचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक विज्ञापन और सोशल मीडिया गतिविधियों पर हाल के दिनों में भी ध्यान बढ़ा है। द प्रिंट की एक रिपोर्ट में मेटा की विज्ञापन लाइब्रेरी के आंकड़ों के आधार पर उत्तर प्रदेश से जुड़े राजनीतिक विज्ञापनों में बीजेपी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन वाले कुछ अनाम पेजों के खर्च का विश्लेषण किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी ने इन पेजों से दूरी बताई थी। यह मामला पार्टी की आधिकारिक सोशल मीडिया टीम से अलग संदर्भ में था।
इस अंतर को समझना जरूरी है। आधिकारिक पार्टी सोशल मीडिया संगठन और अनाम डिजिटल पेज एक ही व्यवस्था नहीं हैं।
आगे क्या होगा
नई टीम के गठन के बाद प्रदेश बीजेपी के डिजिटल अभियानों को अधिक संगठित रूप देने की संभावना है। सुभाष यदुवंश के संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए उनकी भूमिका प्रदेश स्तर पर सोशल मीडिया गतिविधियों के समन्वय से जुड़ी होगी।
2027 विधानसभा चुनाव तक राजनीतिक दलों की डिजिटल रणनीतियां और अधिक सक्रिय होने की उम्मीद है। बीजेपी के लिए नई सोशल मीडिया टीम संगठन, अभियान और डिजिटल जनसंपर्क के बीच तालमेल स्थापित करने का एक हिस्सा है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी नियुक्तियों और टीम की संरचना तक सीमित है। नई टीम किस तरह के अभियान चलाएगी, किन मुद्दों को प्राथमिकता देगी और उसका प्रदेश स्तर पर संचालन किस प्रारूप में होगा, इसका विस्तृत खाका आगे सामने आना बाकी है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।