बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ की घोषणा की है। अभियान में जनसेवा और सरकारी योजनाओं से जुड़ी गतिविधियां शामिल होंगी।
📍 नई दिल्ली
🗓️ 09 सितंबर 2026
✍️ Mohd Naved
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने महीनेभर चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की घोषणा की है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने 09 सितंबर को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अभियान प्रधानमंत्री के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलेगा।
इस अभियान का केंद्रीय संदर्भ 7 अक्टूबर 2026 है। बीजेपी के मुताबिक इसी दिन नरेंद्र मोदी को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ लिए 25 वर्ष पूरे होंगे। उनका प्रशासनिक सफर 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात से शुरू हुआ था।
बीजेपी की योजना के मुताबिक अभियान को देशभर में अलग-अलग सेवा और जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए संचालित किया जाएगा। इनमें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाना, सेवा गतिविधियां और जमीनी स्तर पर संपर्क जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
पार्टी की तैयारियों में रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंच बनाने जैसी गतिविधियां भी शामिल बताई गई हैं। गांधी जयंती के दौरान स्वच्छता अभियान को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।
नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद वे गुजरात की राजनीति में लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे और 2014 में पहली बार भारत के प्रधानमंत्री बने। 26 मई 2014 को उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
बीजेपी इस पूरे दौर को सार्वजनिक जीवन और प्रशासन में लगातार सक्रिय रहने की यात्रा के तौर पर पेश कर रही है। पार्टी के मौजूदा अभियान का नैरेटिव ‘जनसेवा से राष्ट्रसेवा’ के विचार के इर्द-गिर्द रखा गया है।
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री के 25 वर्ष के सफर को जनसेवा से राष्ट्रसेवा की ओर बढ़ती यात्रा के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि अभियान के जरिए मोदी के सार्वजनिक जीवन और उनकी सरकारों के काम को जनता तक पहुंचाया जाएगा।
नवीन ने प्रधानमंत्री के शासनकाल के संदर्भ में विभिन्न फैसलों और योजनाओं का उल्लेख करते हुए इसे लंबे प्रशासनिक अनुभव की यात्रा बताया। उनके बयान पार्टी के राजनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाते हैं और इन्हें बीजेपी के आधिकारिक नैरेटिव के रूप में देखा जाना चाहिए।
अभियान में केंद्र और राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े लोगों तक पहुंच बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। बीजेपी की विभिन्न राज्य इकाइयों ने सेवा शिविरों के जरिए पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की गतिविधियों की रूपरेखा बताई है।
इन कार्यक्रमों में आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना और पीएम सूर्य घर जैसी योजनाओं से जुड़ी जानकारी और सहायता शिविरों का उल्लेख सामने आया है। हालांकि अलग-अलग राज्यों में अभियान का स्वरूप स्थानीय संगठन के कार्यक्रमों के मुताबिक अलग हो सकता है।
बीजेपी की तैयारियों में सेवा गतिविधियों के साथ प्रदर्शनियों, जनसंपर्क कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों को भी शामिल किया गया है। पार्टी की राज्य इकाइयों ने ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘सेवा सेतु अभियान’, आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़े कार्यक्रम और विभिन्न प्रतियोगिताओं जैसी गतिविधियों की जानकारी दी है।
कुछ राज्यों में स्थानीय स्तर पर अलग कार्यक्रम भी तैयार किए गए हैं। गुजरात में बाइक रैलियों, प्रदर्शनियों और जनसंपर्क गतिविधियों की योजना सामने आई है, जबकि पश्चिम बंगाल में विज्ञान कार्यक्रमों और कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंच बनाने की तैयारी की गई है।
अभियान का समापन 17 अक्टूबर के आसपास बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम के साथ करने की तैयारी है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक करीब 1.25 लाख निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने की योजना बताई गई है। इसमें पंचायत स्तर से संसद तक के प्रतिनिधियों की भागीदारी प्रस्तावित है।
वंदे मातरम् के सभी 6 पदों के सामूहिक गायन से जुड़े कार्यक्रम की भी जानकारी सामने आई है। यह कार्यक्रम अभियान के राजनीतिक और सांस्कृतिक आयाम को भी सामने लाता है।
प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के प्रशासनिक सफर को लेकर यह अभियान बीजेपी के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों लिहाज से अहम है। पार्टी इसे सेवा गतिविधियों के जरिए जमीनी संपर्क बढ़ाने और मोदी सरकार की योजनाओं तथा उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के अवसर के रूप में देख रही है।
हालांकि किसी भी राजनीतिक अभियान में पार्टी की ओर से किए गए उपलब्धियों के दावों को स्वतंत्र तथ्य और राजनीतिक दावे के बीच अलग-अलग देखना जरूरी है। सेवा संकल्प अभियान बीजेपी की ओर से आयोजित कार्यक्रम है, इसलिए इसके जरिए प्रस्तुत राजनीतिक मूल्यांकन पार्टी के दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करेंगे।
7 अक्टूबर 2001 से 7 अक्टूबर 2026 तक का कालखंड नरेंद्र मोदी के प्रशासनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस अवधि में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल और 2014 से प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल शामिल है।
बीजेपी इस अवसर को केवल एक वर्षगांठ के तौर पर नहीं, बल्कि अपनी सरकारों की नीतियों और कार्यक्रमों को जनता के बीच रखने के अभियान के रूप में भी देख रही है। आगामी एक महीने में देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाली गतिविधियां इसी दिशा में पार्टी की रणनीति को स्पष्ट करेंगी।
17 सितं है।बर से अभियान शुरू होने के बाद राज्यों और संगठनात्मक इकाइयों की ओर से स्थानीय कार्यक्रमों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होंगे और 17 अक्टूबर तक चलने वाले कार्यक्रमों के जरिए बीजेपी इस पूरे सफर को जनसेवा के अपने राजनीतिक नैरेटिव से जोड़ेगी।
इस अभियान का वास्तविक असर इस बात से भी तय होगा कि सेवा कार्यक्रम कितनी व्यापकता से लागू होते हैं और सरकारी योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों तक उनकी पहुंच कितनी प्रभावी रहती है। फिलहाल स्पष्ट है कि बीजेपी ने प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के प्रशासनिक सफर को एक महीने लंबे राष्ट्रीय संगठनात्मक अभियान में बदलने की तैयारी कर ली
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।