शुक्रवार, 23 October 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
🔔 Google पर Shah Times की खबरें पाने के लिए क्लिक करें
EDITION:
BREAKING
Advertisement Advertisement
India

मुजफ्फरनगर में 2013 दंगों की बरसी पर विवादित होर्डिंग, राजनीतिक हलचल तेज

Asif Khan • 2026-09-07 21:40:22
मुजफ्फरनगर में 2013 दंगों की बरसी पर विवादित होर्डिंग, राजनीतिक हलचल तेज

मुजफ्फरनगर में 2013 दंगों की बरसी पर विवादित होर्डिंग लगाए गए। संदेश के साथ अखिलेश यादव की तस्वीर ने सियासी बहस बढ़ाई, लेकिन लगाने वाले की आधिकारिक पहचान सामने नहीं आई है।


📍 Muzaffarnagar 🗓️ 7 Sept 2026 ✍️  Asif Khan 


2013 की हिंसा की बरसी पर मुजफ्फरनगर में लगे विवादित होर्डिंग



मुजफ्फरनगर में 2013 की सांप्रदायिक हिंसा की बरसी के दिन कुछ विवादित होर्डिंग सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। रोडवेज बस स्टैंड के पास लगाए गए इन होर्डिंग पर बड़े अक्षरों में लिखा गया है— ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे।’ इनके साथ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की एक तस्वीर भी लगाई गई है।

होर्डिंग रातों-रात लगाए जाने की बात सामने आई है। इनके सामने आने के बाद आसपास के इलाकों में चर्चा शुरू हो गई और स्थानीय लोगों के बीच इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

होर्डिंग पर क्या लिखा है?

होर्डिंग पर 2013 की हिंसा की याद से जुड़ा संदेश प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। संदेश के साथ अखिलेश यादव की तस्वीर होने के कारण इसे राजनीतिक संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

हालांकि, इन होर्डिंग को किस व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक समूह ने लगवाया, इसकी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इन्हें लगाने के लिए संबंधित प्रशासन से अनुमति ली गई थी या नहीं।

1013043723.jpg

स्थानीय लोगों ने जताई चिंता

स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने कहा कि 2013 की हिंसा की बरसी पर इस तरह के संदेश वाले होर्डिंग लगाए जाने से उस दौर की घटनाओं की याद फिर ताजा हो रही है। एक चश्मदीद के मुताबिक, ऐसे संदेश लोगों के बीच डर या तनाव पैदा कर सकते हैं।

हालांकि, इन होर्डिंग का उद्देश्य क्या था और इन्हें लगाने के पीछे वास्तविक मंशा क्या रही, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

7 सितंबर 2013 के बाद बढ़ी थी हिंसा

मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में 2013 में हुई सांप्रदायिक हिंसा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक गंभीर घटनाक्रम रही। 7 सितंबर 2013 को नंगला मंदौड़ में हुई पंचायत के बाद हिंसा का दौर तेज हुआ था।

इस हिंसा में 60 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए थे। घटनाओं का असर मुजफ्फरनगर के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी देखने को मिला था।

1013043736.jpg


चुनावी माहौल में बढ़ा राजनीतिक संदर्भ

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2013 की हिंसा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आया है। ऐसे माहौल में अखिलेश यादव की तस्वीर और हिंसा की बरसी से जुड़े संदेश वाले होर्डिंग को राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

फिर भी, जब तक होर्डिंग लगाने वाले व्यक्ति या संगठन की पहचान और उद्देश्य की आधिकारिक पुष्टि नहीं होती, तब तक इसे किसी खास राजनीतिक दल या समूह से जोड़कर निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर

फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि होर्डिंग किसने लगाए, क्या इनके लिए अनुमति ली गई थी और स्थानीय प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही इन सवालों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

2013 की हिंसा की बरसी पर सामने आए ये होर्डिंग इस बात की याद भी दिलाते हैं कि सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों की रिपोर्टिंग में तथ्यों की पुष्टि और सामाजिक संवेदनशीलता दोनों बेहद जरूरी हैं।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Asif Khan

Asif Khan

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

यूपी विधानसभा चुनाव 2027: बीजेपी और सपा के बीच जातीय समीकरण और धार्मिक मुद्दों पर सियासी मुकाबला

2026-10-14 06:57:37

हापुड़ से मोदी के चुनावी अभियान की शुरुआत की चर्चा, पश्चिमी यूपी पर BJP का फोकस क्यों?

2026-10-12 11:40:33

यूपी 2027 में किस एजेंडे पर होगा मुकाबला? विकास, पीडीए और गठबंधन का सियासी इम्तिहान

2026-10-05 11:23:28

यूपी चुनाव 2027: राहुल गांधी की नई टीम से PDA की सियासत को मिला नया विस्तार

2026-10-03 13:43:43

यूपी चुनाव 2027: नैरेटिव की जंग तेज, योगी और अखिलेश के मुद्दों से तय होगी सियासी पिच

2026-09-23 14:00:51

यूपी चुनाव 2027 पर ओवैसी का बड़ा दावा, AIMIM की रणनीति से सपा और भाजपा के सामने नई चुनौती

2026-09-22 12:50:26

ओवैसी का यूपी में नया सियासी दांव, जयंत की तारीफ और अखिलेश पर हमला, गठबंधन के संकेत से बढ़ी हलचल

2026-09-21 12:38:27

यूपी चुनाव 2027: पीडीए के बीच सनातन की सियासत, अखिलेश की रणनीति में दिख रहा बदलाव

2026-09-15 16:24:47

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर