हिंदू संघर्ष समिति के मुताबिक, पदाधिकारियों ने सीएमओ से मुलाकात कर सील किए गए अस्पतालों का पंजीकरण रद्द करने की मांग की। सीलिंग के आदेश और विभाग का आधिकारिक पक्ष अभी उपलब्ध नहीं हैं।
📍 जिला चिकित्सालय,
🗓️ 29/10/2026
✍️ Mohd Naved
सीएमओ से मुलाकात कर रखी मांग
हिंदू संघर्ष समिति की ओर से उपलब्ध कराए गए विवरण के मुताबिक, समिति के नेतृत्व में विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी जिला चिकित्सालय पहुंचे और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अस्पतालों का पंजीकरण तत्काल निरस्त करने की मांग की।
सीलिंग को अपनी मुहिम का नतीजा बताया
समिति ने दावा किया कि उसकी मुहिम के बाद अस्पतालों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई हुई है। उपलब्ध बयान में कार्रवाई करने वाले विभाग का उल्लेख ‘एमडीए’ के तौर पर किया गया है। हालांकि, विभाग का पूरा नाम, कार्रवाई का आधार और सीलिंग आदेश उपलब्ध नहीं हैं।
इसलिए संगठन के दावे से यह स्पष्ट नहीं होता कि कार्रवाई पूरे अस्पतालों पर हुई या उनके कुछ हिस्सों पर। अस्पतालों की संख्या और नाम भी बयान में नहीं दिए गए हैं।
मरीजों की सुरक्षा पर सवाल उठाए
समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि संबंधित अस्पतालों में आम लोगों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने इन संस्थानों को ‘फर्जी’ बताते हुए पंजीकरण निरस्त करने की मांग की। अस्पतालों के खिलाफ ये संगठन के आरोप हैं। इनके समर्थन में जांच रिपोर्ट या पंजीकरण संबंधी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे पदाधिकारी
उपलब्ध विवरण के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल में समिति संयोजक नरेंद्र पवार, अरुण प्रताप, शैंकी शर्मा, आशीष शर्मा, सुरेंद्र मित्तल, चेतन देव आर्य, राहुल सैनी, पंडित धर्मेंद्र शास्त्री और विकास त्यागी शामिल रहे।
विभाग और अस्पतालों का पक्ष बाकी
इस मुलाकात पर सीएमओ की प्रतिक्रिया उपलब्ध विवरण में शामिल नहीं है। संबंधित अस्पताल प्रबंधन का पक्ष भी उपलब्ध नहीं है। पंजीकरण निरस्त करने का कोई आधिकारिक आदेश सामने नहीं आया है।
आगे की स्थिति स्पष्ट करने के लिए सीलिंग आदेश, संबंधित विभाग की पुष्टि और अस्पतालों के पंजीकरण का रिकॉर्ड ज़रूरी है। इन दस्तावेजों के बिना पंजीकरण रद्द होने या आरोप सिद्ध होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।