कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण सोमवार को मुजफ्फरनगर पहुंचे। उन्होंने शहर के प्रमुख धार्मिक स्थल शिव चौक पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और इसके बाद यात्रा से जुड़ी सुरक्षा एवं प्रशासनिक तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया। उनका यह दौरा यात्रा शुरू होने से पहले अंतिम तैयारियों की समीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
डीजीपी के साथ एडीजी मेरठ ज़ोन भानु भास्कर भी मौजूद रहे। शिव चौक पहुंचने पर डीआईजी सहारनपुर रेंज अभिषेक कुमार सिंह, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक देहात अक्षय संजय महाडीक सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
शिव चौक में पूजा-अर्चना के बाद डीजीपी ने कांवड़ यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बैरिकेडिंग, यातायात प्रबंधन, पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर किए गए सुरक्षा इंतज़ामों का अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। विशेष रूप से श्रद्धालुओं की आवाजाही, आपातकालीन प्रतिक्रिया और भीड़ प्रबंधन को लेकर तैयारियों की समीक्षा की गई।
दौरे के दौरान डीजीपी ने कांवड़ यात्रा कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सीसीटीवी मॉनिटरिंग सिस्टम, संचार व्यवस्था और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की प्रक्रिया का जायज़ा लिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए। किसी भी सूचना या आपात स्थिति पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखा जाए।
डीजीपी ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल सुरक्षा का विषय नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं को सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना भी प्रशासन की अहम ज़िम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रा मार्ग पर किसी प्रकार की अव्यवस्था या असुविधा उत्पन्न न होने पाए।
उन्होंने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिस का व्यवहार श्रद्धालुओं के प्रति सहयोगात्मक और संवेदनशील होना चाहिए। किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल पूरी तरह तैयार रहे।
निरीक्षण के दौरान डीजीपी ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य, यातायात, नगर निकाय और अन्य संबंधित विभाग लगातार संपर्क में रहें ताकि किसी भी परिस्थिति में त्वरित निर्णय लिया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने और ज़मीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा जारी रखने के निर्देश दिए।
हर वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार और अन्य धार्मिक स्थलों से गंगाजल लेकर शिव मंदिरों तक पहुंचते हैं। मुजफ्फरनगर इस यात्रा का महत्वपूर्ण मार्ग होने के कारण प्रशासन और पुलिस के लिए विशेष संवेदनशील ज़िला माना जाता है।
यात्रा के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, चिकित्सा सहायता, आपदा प्रतिक्रिया और संचार व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल रहता है।
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन, निर्बाध यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने की चुनौती रहेगी। इसके लिए तकनीकी निगरानी, त्वरित सूचना प्रणाली और विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
डीजीपी राजीव कृष्ण का यह दौरा इसी व्यापक तैयारी की समीक्षा का हिस्सा रहा, जिसमें अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि यात्रा के दौरान सुरक्षा, व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा, तीनों पर समान रूप से ध्यान दिया जाए। प्रशासन का उद्देश्य है कि कांवड़ यात्रा 2026 शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो तथा किसी भी परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।