दलेर मेहंदी से माफी मांगने के दावे को सुबोध उनियाल ने खारिज किया
कुंजापुरी मेले के विवाद में नया मोड़, मीका सिंह की टीम और मंत्री के बयान अलग
क्या दलेर मेहंदी से मांगी गई माफी? जानिए दोनों पक्षों का दावा.
कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी के कार्यक्रम से जुड़े विवाद में माफी पर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। मीका सिंह की टीम के दावे को मंत्री सुबोध उनियाल ने खारिज किया है।
📍 टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड | 🗓️ 27 अक्टूबर 2026 | ✍️Himani panwar
माफी के सवाल पर क्या बोले मंत्री?
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने गायक दलेर मेहंदी से माफी मांगने की बात से इनकार किया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उनके माफी मांगने का सवाल नहीं उठता। उनका बयान मीका सिंह की टीम के उस दावे के बाद आया है, जिसमें फोन पर माफी की बात कही गई थी।
मीका सिंह की टीम का क्या दावा?
दलेर मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह की टीम ने पहले जारी बयान में दावा किया था कि सुबोध उनियाल ने फोन पर दलेर मेहंदी से माफी मांगी। टीम ने कलाकारों की गरिमा और सम्मान की बात भी कही थी।
मंत्री के ताज़ा इनकार के बाद माफी को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग हैं। बातचीत की सामग्री की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है।
कुंजापुरी मेले में क्या हुआ था?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद 18 अक्टूबर 2026 को टिहरी गढ़वाल के कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान शुरू हुआ। मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर गायक की प्रस्तुति रोकी और उनकी हालत तथा रिकॉर्डेड आवाज़ के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए।
मंत्री ने शराब पीने और लिप-सिंक करने का आरोप लगाया था। मीका सिंह ने शराब से जुड़े आरोप को गलत बताया और अपने भाई का पक्ष रखा। उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अहम तथ्य
• कार्यक्रम: कुंजापुरी मेला, टिहरी गढ़वाल।
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• घटना की तारीख: 18 अक्टूबर 2026।
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• विवाद से जुड़े पक्ष: गायक दलेर मेहंदी और मंत्री सुबोध उनियाल।
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• मीका सिंह की टीम का दावा: मंत्री ने फोन पर माफी मांगी।
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• मंत्री का रुख: माफी मांगने की बात से इनकार।
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• आरोपों की स्थिति: शराब पीने और लिप-सिंक के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बयान और प्रतिक्रिया
मंत्री सुबोध उनियाल ने इंटरव्यू में माफी की बात खारिज की। दूसरी ओर, मीका सिंह की टीम के पहले बयान में फोन पर माफी का दावा और कलाकारों के सम्मान की बात कही गई थी। दोनों बयानों के बीच अंतर को देखते हुए माफी को स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं कहा जा सकता।
पृष्ठभूमि
मंच पर हुई घटना के बाद मीका सिंह ने अपने भाई का बचाव किया और मंत्री से माफी की मांग की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, विवाद के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भी मीका सिंह से फोन पर बातचीत हुई थी।
आगे क्या?
अब नजर दोनों पक्षों की आगे की प्रतिक्रिया पर रहेगी। फोन पर हुई बातचीत को लेकर कोई संयुक्त बयान या स्वतंत्र पुष्ट जानकारी सामने आती है तो माफी के सवाल पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कुंजापुरी मेले की घटना के बाद माफी को लेकर सामने आए दावे एक-दूसरे से अलग हैं। फिलहाल मंत्री का इनकार और मीका सिंह की टीम का पहले का दावा, दोनों दर्ज हैं।
यह मामला सार्वजनिक मंच पर कलाकार के साथ व्यवहार और कार्यक्रम के संचालन से जुड़े सवाल उठाता है। साथ ही, फोन पर हुई निजी बातचीत के बारे में परस्पर विरोधी बयानों को तथ्य मानने से पहले स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। गायक के खिलाफ लगाए गए आरोप भी आरोप के तौर पर ही पेश किए जाने चाहिए।