आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के श्री सिटी में फार्मास्युटिकल यूनिट का पानी का बॉयलर फटने से 4 कर्मचारियों की मौत हो गई। हादसे के कारण की जांच जारी है।
श्री सिटी, तिरुपति, आंध्र प्रदेश | 3 अक्टूबर 2026
BY MOHD HARIS
श्री सिटी में फैक्ट्री ब्लास्ट से हड़कंप
आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के श्री सिटी औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार सुबह एक निजी फार्मास्युटिकल यूनिट में बॉयलर फटने से बड़ा औद्योगिक हादसा हुआ। धमाके के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचा।
उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार हादसे में 4 कर्मचारियों की मौत हुई है। शुरुआती घटनाक्रम में 2 लोगों की मौके पर मौत हुई, जबकि 2 अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ा। एक गंभीर रूप से घायल कर्मचारी का इलाज जारी बताया गया है।
कहां और कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा तिरुपति जिले के सत्यवेडु मंडल स्थित श्री सिटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन में हुआ।
फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में पानी के बॉयलर में विस्फोट हुआ। धमाके के बाद परिसर में आग और नुकसान की स्थिति बनी। घटनास्थल पर पुलिस, फायर सर्विस और राहत-बचाव टीमें पहुंचीं।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक घटना के समय फैक्ट्री में कर्मचारी मौजूद थे। हादसे के बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
4 कर्मचारियों की मौत
हादसे में 4 कर्मचारियों की मौत की पुष्टि हुई है।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 2 कर्मचारियों की मौत घटनास्थल पर हुई, जबकि 2 अन्य घायल अवस्था में अस्पताल ले जाए गए थे और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
घायलों की संख्या को लेकर शुरुआती सूचनाओं में अंतर सामने आया है। इसलिए अंतिम सरकारी आंकड़ा सामने आने तक घायलों की संख्या को निश्चित मानना उचित नहीं होगा।
बॉयलर फटने के बाद राहत-बचाव अभियान
विस्फोट की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फायर सर्विस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं।
बचावकर्मियों ने प्रभावित हिस्से का निरीक्षण किया और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने का काम किया। धमाके के बाद फैक्ट्री के एक हिस्से को नुकसान पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है।
फिलहाल प्राथमिकता घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना और प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित करना है।
हादसे का कारण अभी स्पष्ट नहीं
बॉयलर विस्फोट के पीछे तकनीकी खराबी, दबाव में बदलाव, रखरखाव से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विस्फोट किस वजह से हुआ और क्या सुरक्षा मानकों के पालन में कोई कमी थी।
इस स्तर पर किसी व्यक्ति या कंपनी को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हादसे पर दुख जताया है।
उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को भी कहा है।
श्री सिटी क्यों महत्वपूर्ण है?
श्री सिटी आंध्र प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। यह नेशनल हाईवे 16 के आसपास स्थित बड़ा मल्टी-प्रोडक्ट स्पेशल इकोनॉमिक जोन है।
यहां विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां काम करती हैं, जिनमें फार्मास्युटिकल और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी शामिल हैं।
ऐसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा प्रोटोकॉल, बॉयलर इंस्पेक्शन, फायर सेफ्टी और नियमित मेंटेनेंस महत्वपूर्ण होते हैं। ताजा हादसे के बाद इन पहलुओं की जांच स्वाभाविक रूप से प्रशासनिक जांच का हिस्सा बनेगी।
औद्योगिक सुरक्षा पर फिर सवाल
फैक्ट्री में बॉयलर जैसे उच्च तापमान और दबाव वाले उपकरणों का इस्तेमाल होता है। इन उपकरणों में तकनीकी खराबी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
इसी वजह से बॉयलर संचालन, प्रेशर कंट्रोल, सेफ्टी वाल्व, नियमित निरीक्षण और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था औद्योगिक सुरक्षा के अहम हिस्से हैं।
श्री सिटी हादसे में इनमें से किसी स्तर पर चूक हुई या नहीं, इसका फैसला जांच के बाद ही किया जा सकेगा।
क्या फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट चल रही थी?
शुरुआती घटनाक्रम के अनुसार घटना के समय फैक्ट्री में कर्मचारी मौजूद थे और नाइट शिफ्ट से जुड़े कर्मचारी भी परिसर में थे।
हालांकि शिफ्ट में कुल कितने कर्मचारी मौजूद थे, हादसे के समय वे किस हिस्से में थे और कितने लोग सीधे प्रभावित हुए, इसकी अंतिम आधिकारिक जानकारी अभी सामने आना बाकी है।
इसलिए कर्मचारियों की कुल संख्या को लेकर किसी अपुष्ट आंकड़े को अंतिम तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
आगे क्या होगा?
हादसे के बाद जांच एजेंसियां विस्फोट के कारण और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति की पड़ताल करेंगी।
जांच में बॉयलर की तकनीकी स्थिति, रखरखाव रिकॉर्ड, ऑपरेशन प्रोटोकॉल, सुरक्षा निरीक्षण और घटनास्थल की परिस्थितियों की समीक्षा महत्वपूर्ण हो सकती है।
साथ ही मृतकों और घायलों की आधिकारिक पहचान, नुकसान का आकलन और परिवारों के लिए घोषित सहायता की जानकारी भी आगे सामने आ सकती है।
घायलों का इलाज प्राथमिकता
हादसे में घायल कर्मचारियों का इलाज अस्पतालों में जारी है। गंभीर रूप से घायल लोगों की स्थिति पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आगे अपडेट जारी किए जाने की उम्मीद है।
ऐसे मामलों में शुरुआती मेडिकल आंकड़ों में बदलाव संभव होता है। इसलिए घायलों की संख्या और उनकी स्थिति के संबंध में अंतिम आधिकारिक बुलेटिन को प्राथमिक आधार माना जाना चाहिए।
आंध्र प्रदेश में औद्योगिक सुरक्षा की चुनौती
श्री सिटी की घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान खींचा है।
फैक्ट्री में उत्पादन लक्ष्य के साथ श्रमिकों की सुरक्षा भी बुनियादी जिम्मेदारी है। खासकर उन यूनिट्स में जहां बॉयलर, केमिकल, ज्वलनशील सामग्री या उच्च दबाव वाले उपकरण इस्तेमाल होते हैं, वहां नियमित निरीक्षण और आपातकालीन तैयारी का महत्व अधिक होता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।