नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर 148 और 150 के बीच नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर करीब 85 करोड़ रुपये के फ्लाईओवर को मंजूरी दी है। इससे छह सेक्टरों की कनेक्टिविटी सुधरेगी।
नोएडा | 1 सितंबर 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सेक्टर 148 और सेक्टर 150 के बीच करीब 85 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर बनाने की योजना को मंजूरी दी गई है। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कृष्ण करुणेश की मंजूरी के बाद परियोजना से जुड़ी तैयारियां आगे बढ़ाई जा रही हैं।
इस परियोजना का मकसद एक्सप्रेसवे के दोनों ओर बसे सेक्टरों के बीच सीधी आवाजाही उपलब्ध कराना और मौजूदा क्रॉसिंग प्वाइंट तथा अंडरपास पर यातायात का दबाव कम करना है।
प्रस्तावित फ्लाईओवर से सेक्टर 148, 149, 150, 151, 152 और 153 के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। अभी इन इलाकों के लोगों को एक्सप्रेसवे के एक तरफ से दूसरी तरफ जाने के लिए मौजूदा कट और इंटरचेंज का इस्तेमाल करना पड़ता है।
इस व्यवस्था में कई बार अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। व्यस्त समय में वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति भी बनती है। प्रस्तावित फ्लाईओवर इन सेक्टरों के बीच अधिक सीधा मार्ग उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक प्रस्तावित फ्लाईओवर की लंबाई करीब 500 मीटर होगी। यह एक्सप्रेसवे के ऊपर से गुजरते हुए सेक्टर 148 और सेक्टर 150 को सीधे जोड़ने का काम करेगा।
फ्लाईओवर का डिजाइन तैयार किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। परियोजना के अगले चरण में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जानी है।
इसलिए अभी निर्माण की शुरुआत या पूरा होने की तारीख बताना उचित नहीं होगा।
फिलहाल आसपास के सेक्टरों के बीच आवाजाही के लिए एक्सप्रेसवे के नीचे बने अंडरपास का इस्तेमाल किया जाता है। अधिकारियों और स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक यह अंडरपास अपेक्षाकृत संकरा है।
व्यस्त समय में यहां वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। मानसून के दौरान जलभराव की समस्या भी सामने आती है, जिससे यातायात और अधिक बाधित हो सकता है।
नए फ्लाईओवर का उद्देश्य इसी निर्भरता को कम करना है।
नोएडा प्राधिकरण के अनुमान के मुताबिक इस परियोजना से संबंधित सेक्टरों में रहने वाले करीब 2 लाख लोगों को लाभ मिल सकता है। आसपास के करीब 20 गांवों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होने की उम्मीद है।
यह लाभ केवल सेक्टर 148 और 150 तक सीमित नहीं रहेगा। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर स्थित आसपास के सेक्टरों के बीच स्थानीय यातायात के लिए भी सीधा मार्ग उपलब्ध होगा।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक सेक्टर 150 और उसके आसपास तेजी से आवासीय विकास हो रहा है। स्पोर्ट्स सिटी क्षेत्र में आवासीय परियोजनाओं और खेल सुविधाओं के विकास के साथ भविष्य में यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना है।
प्राधिकरण ने इसी भविष्य की यातायात जरूरत को ध्यान में रखते हुए फ्लाईओवर की योजना तैयार की है।
फ्लाईओवर बनने के बाद सेक्टर 148 से सेक्टर 150 की ओर जाने वाले वाहनों को एक्सप्रेसवे के मौजूदा कट या संकरे अंडरपास पर निर्भरता कम होगी।
इससे स्थानीय यातायात के लिए सीधा क्रॉस-एक्सप्रेसवे मार्ग उपलब्ध होगा। साथ ही सेक्टर 149, 151, 152 और 153 के आसपास के मार्गों पर भी आवाजाही आसान होने की उम्मीद है।
हालांकि परियोजना का वास्तविक असर निर्माण पूरा होने और यातायात शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
यहां एक अहम बात समझना जरूरी है। परियोजना को मंजूरी मिलने की रिपोर्ट सामने आई है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि निर्माण कार्य पूरा होने के करीब है।
नोएडा प्राधिकरण से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक विस्तृत योजना और निर्माण संबंधी तैयारियां आगे बढ़ाई जा रही हैं। कुछ रिपोर्टों में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया का उल्लेख है।
अभी निर्माण शुरू होने की निश्चित तारीख और परियोजना पूरी होने की समयसीमा सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर पहले से महामाया फ्लाईओवर और सेक्टर 128 के पास क्रॉसिंग की सुविधा मौजूद है। प्राधिकरण ने अलग-अलग स्थानों पर अंडरपास भी विकसित किए हैं।
सेक्टर 148-150 का प्रस्तावित फ्लाईओवर इसी नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम है। खास तौर पर दक्षिणी नोएडा के तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में यातायात प्रबंधन के लिहाज से इसकी अहमियत बढ़ सकती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।