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पीएम मोदी के वडोदरा कार्यक्रम की एक घंटे में फुल बुकिंग, 42 हजार से ज्यादा लोग वेटिंग में
Mohammad Naved
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2026-09-08 10:53:06
वडोदरा में पीएम मोदी के कार्यक्रम के लिए बुकमायशो पर मुफ्त रजिस्ट्रेशन एक घंटे में फुल हो गया। 42 हजार से अधिक लोग वेटिंग में हैं और प्रवेश लाइव क्यूआर कोड से होगा।
लोकेशन
वडोदरा, गुजरात
डेट
8 सितंबर 2026
बाय
Mohd Naved
वडोदरा में कार्यक्रम की बुकिंग ने बनाया रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंगलवार को होने वाले वडोदरा कार्यक्रम को लेकर लोगों की दिलचस्पी का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि मुफ्त ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होने के करीब एक घंटे के भीतर सभी उपलब्ध सीटें भर गईं। इसके बाद 42 हजार से अधिक आवेदकों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया।
इस कार्यक्रम की एक अहम खासियत इसका डिजिटल रजिस्ट्रेशन और प्रवेश सिस्टम है। वडोदरा नगर निगम ने पहली बार प्रधानमंत्री के सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए निजी डिजिटल टिकटिंग प्लेटफॉर्म बुकमायशो का इस्तेमाल किया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक रजिस्ट्रेशन, सत्यापन, प्रवेश और सीटिंग मैनेजमेंट को डिजिटल सिस्टम से जोड़ा गया है।
बुकमायशो पर मुफ्त रजिस्ट्रेशन
वडोदरा में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को “नमो फॉर विकसित भारत” नाम दिया गया है। कार्यक्रम महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी के पवेलियन ग्राउंड में आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के लिए लोगों को बुकमायशो के जरिए मुफ्त रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई। रजिस्ट्रेशन खुलने के बाद उपलब्ध सीटें तेजी से भर गईं। सीटें पूरी होने के बाद रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया गया, जबकि 42 हजार से अधिक लोगों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया।
सरकारी जानकारी के अनुसार यह पहल सार्वजनिक कार्यक्रमों में डिजिटल माध्यम से भागीदारी और भीड़ प्रबंधन को व्यवस्थित करने की दिशा में एक नया प्रयोग है।
प्रवेश के लिए लाइव क्यूआर कोड
कार्यक्रम में प्रवेश की व्यवस्था भी डिजिटल रखी गई है। सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों के बुकमायशो अकाउंट में डिजिटल एम-टिकट उपलब्ध कराया जाएगा।
इस एम-टिकट पर लाइव क्यूआर कोड होगा। कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश के समय इसी क्यूआर कोड को स्कैन करके पहचान और रजिस्ट्रेशन का सत्यापन किया जाएगा।
डिजिटल व्यवस्था का दायरा केवल रजिस्ट्रेशन तक सीमित नहीं है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सत्यापन, प्रवेश और सीटिंग की प्रक्रिया को भी डिजिटल सिस्टम से संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया को व्यवस्थित करना और कार्यक्रम स्थल पर लोगों की आवाजाही को नियंत्रित रखना है।
42 हजार से अधिक लोग वेटिंग में क्यों?
रजिस्ट्रेशन के दौरान उपलब्ध क्षमता की तुलना में मांग काफी ज्यादा रही। रिपोर्टों के अनुसार सीटें भरने के बाद 42 हजार से अधिक लोग वेटिंग लिस्ट में चले गए।
यह आंकड़ा कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की तेज मांग को दर्शाता है। हालांकि वेटिंग लिस्ट में शामिल सभी लोगों को कार्यक्रम में प्रवेश मिलेगा, ऐसा कोई दावा आधिकारिक तौर पर नहीं किया गया है। प्रवेश उपलब्ध सीटों और प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार ही होगा।
इसलिए वेटिंग लिस्ट के आंकड़े को कार्यक्रम में वास्तविक उपस्थिति का आंकड़ा मानना सही नहीं होगा। यह उन लोगों की संख्या है जिन्होंने उपलब्ध सीटें भरने के बाद भी रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया।
प्रधानमंत्री का वडोदरा दौरा क्यों अहम है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 सितंबर को गुजरात और महाराष्ट्र के दौरे पर हैं। वडोदरा में दोपहर करीब 12 बजे वह 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उद्घाटन करेंगे और कुछ परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार वडोदरा कार्यक्रम में पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे के तीन महत्वपूर्ण खंड राष्ट्र को समर्पित किए जाएंगे। इनकी कुल लंबाई 326 रूट किलोमीटर है और इनके विकास पर 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है।
इन खंडों में सानंद उत्तर से मकरपुरा, न्यू उंबरगांव से न्यू सफाले और न्यू सफाले से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल से जुड़े हिस्से शामिल हैं।
माल ढुलाई गलियारे से क्या बदलेगा?
पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारा देश के औद्योगिक और बंदरगाह नेटवर्क के लिए अहम बुनियादी ढांचा परियोजना है। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक संबंधित खंडों के चालू होने से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण से सीधा संपर्क मजबूत होगा।
इससे आयात और निर्यात से जुड़े माल की आवाजाही तेज करने, औद्योगिक केंद्रों और बंदरगाहों के बीच संपर्क बेहतर करने तथा लॉजिस्टिक्स लागत घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है। मुंबई के मौजूदा रेलवे नेटवर्क पर माल ढुलाई का दबाव कम करना भी इसका एक उद्देश्य है।
प्रधानमंत्री इन खंडों के साथ मालगाड़ी सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाएंगे। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार न्यू सानंद उत्तर, न्यू मकरपुरा, न्यू उंबरगांव और न्यू जेएनपीटी से मालगाड़ी सेवाओं की शुरुआत की जाएगी।
तीन रेलवे और तीन हाईवे परियोजनाओं की आधारशिला
वडोदरा कार्यक्रम में केवल माल ढुलाई गलियारे से जुड़ी परियोजनियां ही शामिल नहीं हैं। प्रधानमंत्री तीन रेलवे परियोजनाओं और तीन राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।
कुल मिलाकर गुजरात में होने वाला कार्यक्रम परिवहन, रेलवे, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक संपर्क से जुड़ी कई परियोजनाओं को एक साथ सामने लाता है।
सरकार के मुताबिक इन परियोजनाओं का व्यापक उद्देश्य माल और यातायात की आवाजाही को अधिक प्रभावी बनाना तथा विभिन्न परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर संपर्क तैयार करना है।
डिजिटल एंट्री सिस्टम का महत्व
बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में भीड़ प्रबंधन एक अहम प्रशासनिक चुनौती रहता है। ऐसे आयोजनों में प्रवेश के दौरान पहचान सत्यापन, टिकट जांच और सीट आवंटन में समय लग सकता है।
वडोदरा कार्यक्रम में क्यूआर आधारित डिजिटल प्रवेश इसी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने का प्रयास है। प्रत्येक सफल पंजीकरण से जुड़े डिजिटल टिकट के जरिए प्रवेश की पुष्टि की जाएगी।
इस व्यवस्था से प्रशासन को पहले से पंजीकृत लोगों की संख्या और प्रवेश व्यवस्था का बेहतर रिकॉर्ड रखने में मदद मिलेगी। हालांकि किसी भी डिजिटल सिस्टम की प्रभावशीलता उसके तकनीकी संचालन, नेटवर्क उपलब्धता और स्थल पर लागू व्यवस्था पर निर्भर करती है।
क्या यह प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में पहली ऐसी पहल है?
रिपोर्टों के मुताबिक वडोदरा कार्यक्रम प्रधानमंत्री के सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए निजी डिजिटल टिकटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए मुफ्त रजिस्ट्रेशन कराने की पहली ऐसी पहल है।
इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में भारी संख्या में लोगों की भागीदारी देखी गई है। लेकिन वडोदरा कार्यक्रम में बुकमायशो आधारित रजिस्ट्रेशन, डिजिटल एम-टिकट और लाइव क्यूआर सत्यापन को एक ही प्रक्रिया में जोड़ा गया है।
इस पहल का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह राजनीतिक कार्यक्रमों में डिजिटल सार्वजनिक भागीदारी के एक अलग मॉडल को सामने रखती है। भविष्य में ऐसी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल बड़े सरकारी या सार्वजनिक आयोजनों में किस स्तर तक होता है, यह देखना अहम होगा।
कार्यक्रम के साथ महाराष्ट्र दौरा भी
वडोदरा कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री महाराष्ट्र जाएंगे। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार मुंबई में शाम करीब 5 बजकर 45 मिनट पर वह ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करेंगे और वहां मौजूद लोगों को संबोधित करेंगे।
इस तरह 8 सितंबर का प्रधानमंत्री का कार्यक्रम गुजरात में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और महाराष्ट्र में वित्तीय तकनीक से जुड़े कार्यक्रमों पर केंद्रित रहेगा।
वडोदरा कार्यक्रम से सामने आया बड़ा संकेत
वडोदरा में रजिस्ट्रेशन की तेज रफ्तार ने एक अहम प्रशासनिक और डिजिटल पहल को सामने रखा है। एक तरफ 42 हजार से अधिक लोगों का वेटिंग में जाना कार्यक्रम की मांग को दिखाता है, दूसरी तरफ डिजिटल प्रवेश व्यवस्था बड़े सार्वजनिक आयोजनों के प्रबंधन में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को रेखांकित करती है।
फिर भी वेटिंग लिस्ट को वास्तविक भीड़ का आंकड़ा मानना उचित नहीं होगा। अंतिम उपस्थिति कार्यक्रम स्थल की क्षमता, प्रशासनिक अनुमति और सफल रजिस्ट्रेशन वाले लोगों की वास्तविक मौजूदगी पर निर्भर करेगी।
वडोदरा कार्यक्रम की निगाह अब दो पहलुओं पर रहेगी। पहला, 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का जमीनी असर और दूसरा, डिजिटल रजिस्ट्रेशन से लेकर क्यूआर आधारित प्रवेश तक पूरी व्यवस्था कितनी सुचारु रहती है। यही दोनों पहलू इस कार्यक्रम को राजनीतिक आयोजन से आगे एक प्रशासनिक और बुनियादी ढांचा परीक्षण के रूप में भी महत्वपूर्ण बनाते हैं।
Mohammad Naved
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।