घर पर प्राकृतिक फेशियल करना क्यों हो सकता है आसान?
फेशियल का मकसद त्वचा की सतह से गंदगी और अतिरिक्त तेल को साफ करना तथा त्वचा को बेहतर तरीके से मॉइस्चराइज करना होता है। इसके लिए बाजार में कई तरह के उत्पाद उपलब्ध हैं, लेकिन घर पर भी साधारण और अपेक्षाकृत हल्के तरीकों से त्वचा की देखभाल की जा सकती है। हालांकि, प्राकृतिक या घरेलू सामग्री का इस्तेमाल पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं माना जाना चाहिए। हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है और किसी सामग्री से एलर्जी या जलन हो सकती है। इसलिए चेहरे पर कोई भी नया मिश्रण लगाने से पहले छोटी जगह पर पैच टेस्ट करना बेहतर होता है।
घर पर फेशियल के लिए किन चीजों की जरूरत होगी?
घरेलू फेशियल के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की आवश्यकता नहीं होती। सामान्य त्वचा की देखभाल के लिए साफ पानी, हल्का फेस क्लींजर, दही या बारीक पिसा ओट्स जैसे विकल्प और त्वचा के अनुकूल मॉइस्चराइजर इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर त्वचा बहुत संवेदनशील है तो घरेलू नुस्खों में कई चीजें मिलाने के बजाय साधारण त्वचा देखभाल की प्रक्रिया अपनाना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
पहला चरण: चेहरे की सफाई
सबसे पहले चेहरे को हल्के क्लींजर और सामान्य या गुनगुने पानी से साफ करें। इससे धूल, पसीना और त्वचा की सतह पर मौजूद अतिरिक्त तेल हटाने में मदद मिलती है। चेहरे को साफ करते समय जोर से रगड़ने से बचें। साफ करने के बाद मुलायम तौलिये से चेहरे को थपथपाकर सुखाएं।
दूसरा चरण: हल्की एक्सफोलिएशन
फेशियल के अगले चरण में मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने के लिए बहुत हल्की एक्सफोलिएशन की जा सकती है। इसके लिए बारीक पिसा हुआ ओट्स पानी या दही के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। मिश्रण को चेहरे पर बहुत हल्के हाथ से लगाएं और रगड़ने के बजाय कुछ समय बाद पानी से धो लें। बहुत ज्यादा स्क्रब करने से त्वचा में जलन, लालिमा या सूखापन हो सकता है।
महत्वपूर्ण: मुंहासों, कटे हुए हिस्से, सनबर्न या पहले से irritated त्वचा पर स्क्रब नहीं करना चाहिए।
तीसरा चरण: फेस पैक
फेस पैक के लिए सादे दही का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि दही हर व्यक्ति की त्वचा के लिए उपयुक्त हो। इसलिए संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को पहले पैच टेस्ट करना चाहिए।फेस पैक को चेहरे पर पतली परत में लगाएं और आंखों तथा होंठों के आसपास के हिस्से से बचें। इसे सूखने तक चेहरे पर खींचाव महसूस होने देना जरूरी नहीं है। थोड़ी देर बाद सामान्य पानी से धो लें।
चौथा चरण: मॉइस्चराइजिंग
फेशियल का अंतिम और महत्वपूर्ण चरण मॉइस्चराइजिंग है। चेहरा धोने के बाद त्वचा के प्रकार के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाएं।मॉइस्चराइजर त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद करता है। तैलीय त्वचा के लिए हल्का मॉइस्चराइजर और शुष्क त्वचा के लिए अपेक्षाकृत अधिक मॉइस्चराइजिंग उत्पाद इस्तेमाल किया जा सकता है।
नींबू सीधे चेहरे पर लगाना क्यों ठीक नहीं?
घरेलू नुस्खों में नींबू का इस्तेमाल अक्सर बताया जाता है, लेकिन इसे सीधे चेहरे पर लगाना उचित नहीं माना जाता। नींबू का रस अम्लीय होता है और संवेदनशील त्वचा पर जलन पैदा कर सकता है।इसके अलावा, कुछ साइट्रस पदार्थ त्वचा पर लगे रहने के बाद धूप के संपर्क में आने पर प्रतिक्रिया पैदा कर सकते हैं। इसलिए चेहरे पर नींबू का रस लगाने जैसे प्रयोगों से बचना बेहतर है।
बेकिंग सोडा और तेज स्क्रब से भी बचें
चेहरे की त्वचा को साफ करने के लिए बेकिंग सोडा या बहुत खुरदरे घरेलू स्क्रब का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत प्रभावित हो सकती है और जलन या रूखापन बढ़ सकता है।इसी तरह, रोजाना एक्सफोलिएशन करना भी जरूरी नहीं है। त्वचा की जरूरत के अनुसार ही एक्सफोलिएशन किया जाना चाहिए।
फेशियल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
घरेलू फेशियल करते समय कुछ सामान्य सावधानियां जरूरी हैं।
* किसी भी नए पदार्थ को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करें।
* आंखों और होंठों के आसपास घरेलू मिश्रण न लगाएं।
* चेहरे को जोर से न रगड़ें।
* मुंहासों या घाव वाली जगह पर स्क्रब न करें।
* जलन, खुजली या लालिमा होने पर तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें।
* फेशियल के बाद त्वचा को मॉइस्चराइज करें।
* दिन में बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।
* बहुत संवेदनशील या समस्या वाली त्वचा में त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
क्या प्राकृतिक फेशियल से त्वचा गोरी हो जाती है?
फेशियल का मुख्य उद्देश्य त्वचा की सफाई और देखभाल है। किसी घरेलू फेशियल से त्वचा का प्राकृतिक रंग स्थायी रूप से बदलने का दावा वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं है।चेहरे की चमक पर नींद, पोषण, पानी का सेवन, धूप से बचाव और नियमित त्वचा देखभाल जैसे कई कारकों का प्रभाव पड़ता है। इसलिए त्वचा को स्वस्थ रखने पर ध्यान देना चाहिए, न कि रंग बदलने वाले दावों पर।
कितनी बार करें घरेलू फेशियल?
फेशियल की जरूरत हर व्यक्ति की त्वचा और इस्तेमाल की जाने वाली प्रक्रिया पर निर्भर करती है। रोजाना स्क्रब या कई तरह के घरेलू पैक लगाने के बजाय सरल और नियमित त्वचा देखभाल अधिक उपयोगी हो सकती है।अगर किसी व्यक्ति को लगातार मुंहासे, खुजली, लालिमा, दाने या त्वचा में जलन रहती है तो घरेलू प्रयोगों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
निष्कर्ष
घर पर प्राकृतिक फेशियल को त्वचा की सामान्य देखभाल का एक सरल तरीका बनाया जा सकता है। चेहरे की सफाई, हल्की एक्सफोलिएशन, उपयुक्त फेस पैक और मॉइस्चराइजिंग इसके प्रमुख चरण हो सकते हैं। हालांकि, प्राकृतिक होने का मतलब हमेशा सुरक्षित होना नहीं है। इसलिए किसी भी घरेलू सामग्री का इस्तेमाल सोच-समझकर करें, पैच टेस्ट जरूर करें और नींबू या बहुत तेज स्क्रब जैसे पदार्थों से बचें। स्वस्थ त्वचा के लिए नियमित सफाई, मॉइस्चराइजिंग और धूप से सुरक्षा को प्राथमिकता देना ज्यादा जरूरी है।