हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन परिसर में हुए IED विस्फोट मामले में NIA ने हरमन हैरी और जसन सैनी को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के मुताबिक, दोनों की गिरफ्तारी के बाद मामले में NIA द्वारा गिरफ्तार आरोपियों की संख्या आठ हो गई। जांच कथित साजिश और नेटवर्क की कड़ियों पर केंद्रित है।
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नई दिल्ली | 26 सितंबर 2026 | अपूर्वा चौधरी
नालागढ़ IED ब्लास्ट केस में NIA की नई कार्रवाई
हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन परिसर में हुए IED विस्फोट मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। NIA के मुताबिक, हरमन हैरी और जसन सैनी को विस्फोट से जुड़ी कथित साजिश की जांच के दौरान गिरफ्तार किया गया है।
इन दोनों गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में NIA द्वारा गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या आठ हो गई है। एजेंसी का कहना है कि जांच का उद्देश्य आरोपियों की विशिष्ट भूमिका का पता लगाने के साथ-साथ कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों और आपसी कड़ियों की पहचान करना है।
1 जनवरी को हुआ था IED विस्फोट
नालागढ़ पुलिस स्टेशन परिसर में IED विस्फोट 1 जनवरी 2026 को सुबह करीब 9:40 बजे हुआ था। NIA के अनुसार, विस्फोट जांच अधिकारी के कमरे से सटी बाहरी दीवार के पास हुआ था।
घटना के बाद शुरुआती मामला नालागढ़ पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जांच अपने हाथ में ली और 8 मई 2026 को मामले को दोबारा दर्ज किया। एजेंसी ने इसके लिए भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी यूएपीए की संबंधित धाराओं का इस्तेमाल किया।
मामले का NIA के पास जाना जांच के दायरे को व्यापक बनाता है, क्योंकि एजेंसी अब केवल विस्फोट की स्थानीय परिस्थितियों की जांच तक सीमित नहीं है। उसके अनुसार, जांच में कथित साजिश, आरोपियों के बीच संपर्क और इस घटना से जुड़े व्यापक नेटवर्क की संभावित कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है।
हरमन हैरी और जसन सैनी गिरफ्तार
NIA के अनुसार, जांच के दौरान हरमन हैरी और जसन सैनी की कथित भूमिका सामने आई। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया।
एजेंसी का कहना है कि दोनों की गिरफ्तारी विस्फोट से जुड़ी कथित साजिश की कड़ियों को सामने लाने और उससे जुड़े व्यापक नेटवर्क की जांच आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है।
गिरफ्तारी अपने आप में किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं करती। दोनों आरोपियों की भूमिका और मामले में उनकी कथित संलिप्तता का अंतिम निर्धारण आगे की जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
पहले छह आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
नई गिरफ्तारियों से पहले NIA इस मामले में छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। एजेंसी के मुताबिक, इनमें महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा, मनप्रीत सिंह उर्फ मनी, अरशदीप सिंह कंडोला उर्फ अर्श कंडोला, करणप्रीत सिंह और दिलजोत सिंह सैनी शामिल हैं।
NIA के अनुसार, इन छह आरोपियों को शुरुआत में पंजाब पुलिस ने अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें नालागढ़ पुलिस स्टेशन IED विस्फोट मामले में NIA की जांच से जोड़ा गया और एजेंसी ने उन्हें अपनी हिरासत में लिया।
इससे जांच का दायरा हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ से आगे पंजाब तक पहुंचता दिखाई देता है। हालांकि आरोपियों के बीच संपर्क और विस्फोट में उनकी कथित भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष अभी जांच का विषय है।
NIA अब किन पहलुओं की जांच कर रही है
NIA ने कहा है कि जांच का एक प्रमुख उद्देश्य आरोपियों की विशिष्ट भूमिकाओं का पता लगाना है। इसके साथ ही एजेंसी कथित साजिश में शामिल लोगों के बीच संबंधों और आपसी संपर्क की भी जांच कर रही है।
एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मामले में और कौन-कौन लोग कथित तौर पर जुड़े हो सकते हैं। इसके अलावा जांच का दायरा उस कथित आपराधिक साजिश की पूरी तस्वीर सामने लाने तक है, जिसके तहत नालागढ़ पुलिस स्टेशन परिसर में IED विस्फोट हुआ था।
ऐसी जांच में आरोपियों के बयानों के साथ-साथ डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य, संपर्कों, घटनाक्रम और अन्य उपलब्ध सबूतों की पड़ताल की जा सकती है। हालांकि इन सभी पहलुओं पर अंतिम जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
अगस्त में भी हुई थी कार्रवाई
नालागढ़ IED विस्फोट मामले में NIA की कार्रवाई पिछले कुछ महीनों में लगातार आगे बढ़ी है। एजेंसी की आधिकारिक प्रेस-रिलीज सूची के अनुसार, 13 अगस्त 2026 को नालागढ़ थाना IED विस्फोट मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की घोषणा की गई थी। इसके बाद 31 अगस्त को तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी से संबंधित प्रेस रिलीज जारी की गई।
अब सितंबर के अंत में हरमन हैरी और जसन सैनी की गिरफ्तारी के बाद NIA की ओर से गिरफ्तार आरोपियों की संख्या आठ हो गई है। इससे स्पष्ट है कि मामले में एजेंसी की जांच कई चरणों में आगे बढ़ी है।
हालांकि गिरफ्तारी की संख्या बढ़ना अपने आप में किसी आरोपी के खिलाफ आरोपों की पुष्टि नहीं है। मामले में आरोपों की वैधानिक जांच और न्यायिक परीक्षण की प्रक्रिया अलग से जारी रहेगी।
केस में कानूनी धाराओं का इस्तेमाल
NIA ने 8 मई को मामले को दोबारा दर्ज करते समय भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम की संबंधित धाराओं को शामिल किया था।
विस्फोटक पदार्थ अधिनियम विस्फोटक पदार्थों से जुड़े अपराधों पर लागू होता है, जबकि यूएपीए के तहत ऐसे मामलों में प्रावधान लागू हो सकते हैं जिनमें कानून के दायरे में आने वाली गैरकानूनी गतिविधियों या अन्य गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी आरोपों की जांच हो।
इस मामले में कौन-सी धाराएं किस आरोपी पर किस आधार पर लागू होती हैं, यह जांच और आगे की न्यायिक कार्यवाही के रिकॉर्ड से स्पष्ट होगा। इसलिए फिलहाल आरोपों और जांच एजेंसी के दावों को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
जांच जारी, और गिरफ्तारियों की संभावना पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं
NIA ने कहा है कि मामले की जांच जारी है। एजेंसी फिलहाल आरोपियों की भूमिकाओं, उनके बीच कथित संपर्क और अन्य संभावित लोगों की पहचान पर काम कर रही है।
जांच के इस चरण में यह कहना जल्दबाजी होगी कि मामले में आगे कितने लोग जांच के दायरे में आएंगे या और गिरफ्तारियां होंगी। NIA की ओर से फिलहाल आगे की संभावित गिरफ्तारियों की कोई निश्चित संख्या या समयसीमा सार्वजनिक नहीं की गई है।
मामले की आगे की कानूनी स्थिति जांच एजेंसी द्वारा जुटाए जाने वाले साक्ष्यों और संबंधित अदालतों में होने वाली कार्यवाही पर निर्भर करेगी।
आरोप अभी न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं
नालागढ़ IED विस्फोट मामले में गिरफ्तार किए गए सभी लोगों के खिलाफ आरोपों को अभी न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। गिरफ्तारी जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और दोष सिद्धि के लिए अदालत में आरोपों तथा साक्ष्यों की न्यायिक जांच आवश्यक होती है।
NIA की ओर से जारी जानकारी में भी मौजूदा कार्रवाई को जांच के संदर्भ में बताया गया है। एजेंसी का कहना है कि वह आरोपियों की विशिष्ट भूमिका, कथित साजिश की कड़ियों और मामले के व्यापक नेटवर्क की जांच जारी रखे हुए है।
इसलिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि दो नई गिरफ्तारियों के बाद NIA के मुताबिक मामले में कुल आठ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि विस्फोट से जुड़ी कथित साजिश और अन्य संभावित कड़ियों की जांच अभी जारी है।