शुक्रवार, 16 October 2026
🔔 Google पर Shah Times की खबरें पाने के लिए क्लिक करें
EDITION:
World

सिंधु जल संधि पर भारत का बड़ा रुख, हेग कोर्ट का फैसला ठुकराया; कहा- अधिकार नहीं

Apurva Choudhary • 2026-09-01 07:21:19
सिंधु जल संधि पर भारत का बड़ा रुख, हेग कोर्ट का फैसला ठुकराया; कहा- अधिकार नहीं
भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर विवाद एक नए कानूनी और कूटनीतिक मोड़ पर पहुंच गया है। 31 अगस्त को हेग स्थित Court of Arbitration ने कहा कि 1960 की संधि प्रभावी बनी हुई है और भारत के उसे एकतरफा तौर पर abeyance में रखने के फैसले का कानूनी आधार नहीं है। भारत ने इस निष्कर्ष को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि संबंधित निकाय अवैध रूप से गठित है और उसे भारत के संप्रभु फैसलों पर अधिकार नहीं है। 

Location: नई दिल्ली, भारत
Date: 31 अगस्त 2026
Byline: Apurva Choudhary 

भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर विवाद एक नए कानूनी और कूटनीतिक मोड़ पर पहुंच गया है। 31 अगस्त को हेग स्थित Court of Arbitration ने कहा कि 1960 की संधि प्रभावी बनी हुई है और भारत के उसे एकतरफा तौर पर abeyance में रखने के फैसले का कानूनी आधार नहीं है। भारत ने इस निष्कर्ष को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि संबंधित निकाय अवैध रूप से गठित है और उसे भारत के संप्रभु फैसलों पर अधिकार नहीं है। 

हेग कोर्ट के फैसले पर भारत ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत ने इस Court of Arbitration की वैधता को कभी स्वीकार नहीं किया है। नई दिल्ली के अनुसार, यह निकाय सिंधु जल संधि के प्रावधानों के अनुरूप गठित नहीं हुआ और इसलिए इसके फैसले भारत के लिए बाध्यकारी नहीं हैं।
भारत ने यह भी दोहराया कि अप्रैल 2025 में संधि को abeyance में रखने का उसका फैसला अभी भी लागू है। सरकार के मुताबिक कोर्ट की टिप्पणियों का भारत के संप्रभु निर्णयों और संबंधित परियोजनाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। 

कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
Court of Arbitration ने 31 अगस्त को सिंधु जल संधि की स्थिति और जम्मू-कश्मीर स्थित रैटल हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना से जुड़े अंतरिम उपायों पर अलग-अलग निर्णय दिए।
कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि भारत द्वारा संधि को abeyance में रखने के लिए बताए गए आधार संधि को निलंबित या समाप्त करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। कोर्ट ने संधि को प्रभावी बनाए रखने की बात कही। 
रैटल परियोजना के मामले में भी कुछ निर्माण गतिविधियों पर अंतरिम पाबंदियां लगाई गई हैं। परियोजना से जुड़े कुछ तकनीकी मुद्दों पर World Bank द्वारा नियुक्त Neutral Expert की अलग प्रक्रिया जारी है। 

भारत ने कार्यवाही में हिस्सा क्यों नहीं लिया?
भारत का तर्क है कि विवाद के समाधान के लिए Court of Arbitration की समानांतर प्रक्रिया शुरू करना सिंधु जल संधि में तय व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर भारत ने इस निकाय की कार्यवाही को स्वीकार नहीं किया।
नई दिल्ली का कहना है कि जब वह इस निकाय की स्थापना और अधिकार क्षेत्र को ही मान्यता नहीं देता, तो उसके फैसले को अपनी संप्रभु कार्रवाई पर लागू मानने का सवाल भी नहीं उठता। 

पाकिस्तान ने फैसले का स्वागत किया
पाकिस्तान ने Court of Arbitration के फैसले का स्वागत किया है। पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि फैसला उसकी उस स्थिति की पुष्टि करता है कि सिंधु जल संधि दोनों देशों के लिए बाध्यकारी है। 

इससे साफ है कि दोनों देशों की कानूनी व्याख्या एक-दूसरे से बिल्कुल अलग है। भारत कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को ही चुनौती दे रहा है, जबकि पाकिस्तान फैसले को संधि की बाध्यकारी प्रकृति की पुष्टि मान रहा है।

असली विवाद क्या है?
सिंधु जल संधि पर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद नया नहीं है। 1960 में हुई इस संधि के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह नदियों के पानी के इस्तेमाल और अधिकारों का ढांचा तय किया गया था।
वर्तमान विवाद खास तौर पर पश्चिमी नदियों पर भारत की जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़ा है। रैटल और किशनगंगा परियोजनाओं के डिजाइन तथा संचालन को लेकर पाकिस्तान लंबे समय से आपत्ति जताता रहा है।
इन तकनीकी विवादों के समाधान को लेकर Neutral Expert की प्रक्रिया भी अलग से चल रही है। रैटल और किशनगंगा परियोजनाओं को लेकर दोनों प्रक्रियाओं के समानांतर चलने से मामला और जटिल हो गया है। 

भारत-पाकिस्तान संबंधों पर असर
सिंधु जल संधि को लेकर यह नया घटनाक्रम दोनों देशों के पहले से तनावपूर्ण संबंधों में एक और संवेदनशील मुद्दा जोड़ता है।
पानी का सवाल पाकिस्तान के लिए कृषि और खाद्य सुरक्षा से सीधे जुड़ा है, जबकि भारत के लिए जम्मू-कश्मीर में जलविद्युत परियोजनाओं और अपने जल संसाधनों के इस्तेमाल का मुद्दा महत्वपूर्ण है।
इसलिए कोर्ट के फैसले और भारत की अस्वीकृति के बाद आने वाले राजनीतिक तथा कूटनीतिक कदमों पर नजर रहेगी।

आगे क्या होगा?
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि दोनों देश इस विरोधाभासी स्थिति को किस तरह आगे ले जाते हैं। Court of Arbitration ने संधि को प्रभावी माना है, जबकि भारत उसके अधिकार क्षेत्र और फैसले दोनों को स्वीकार नहीं कर रहा है।
दूसरी ओर, रैटल और किशनगंगा से जुड़े तकनीकी मामलों में Neutral Expert की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में कानूनी, कूटनीतिक और तकनीकी—तीनों स्तरों पर घटनाक्रम महत्वपूर्ण रह सकता है।

संपादकीय निष्कर्ष
सिंधु जल संधि पर हेग स्थित Court of Arbitration के फैसले ने भारत और पाकिस्तान के बीच जल विवाद को एक नए चरण में पहुंचा दिया है। कोर्ट ने संधि को प्रभावी माना और भारत के एकतरफा abeyance फैसले को स्वीकार नहीं किया, जबकि भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस निकाय के अधिकार क्षेत्र को मान्यता नहीं देता। 
ADVERTISEMENT
Apurva Choudhary

Apurva Choudhary

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

सिंधु जल संधि पर भारत अडिग, पाकिस्तान की बयानबाज़ी से रुख नहीं बदलेगा

2026-07-02 06:32:14

SCO Summit में PM मोदी का आतंकवाद पर कड़ा संदेश, बोले—डबल स्टैंडर्ड की कोई जगह नहीं

2026-09-01 22:24:10

सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की चिंता, क्या भारत पानी को हथियार बना सकता है?

2026-08-22 16:52:56

एससीओ में मोदी का कड़ा संदेश, आतंकवाद पर दोहरे मानदंड मंजूर नहीं

2026-09-01 12:43:10

भारत के दबाव के बीच मसूद अजहर पर पाकिस्तान का बड़ा एक्शन, 70 लाख का इनाम

2026-09-14 19:44:46

पाकिस्तान में स्कूल की छत गिरने से 29 लोगों की मौत

2026-10-15 15:40:21

हेग अदालत के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक, 17 लोग घायल

2026-10-06 12:17:06

संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान को जवाब, आतंकवाद और कश्मीर मुद्दे पर तीखी आपत्ति

2026-09-26 16:20:53

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर
▶ YouTube Channel 📸 Instagram Reels