अमेरिका में भारतीय की मौत, पिकअप ट्रक ने कार को मारी टक्कर
ओहायो में 26 साल के भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत
दिलीप कुमार बुंगतावुला की सड़क हादसे में मौत, तीन घायल
अमेरिका के ओहायो में 26 वर्षीय भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर दिलीप कुमार बुंगतावुला की सड़क हादसे में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक इंटरस्टेट 480 पर विपरीत दिशा से आ रहा एक पिकअप ट्रक सेंटर मीडियन पार करके उनकी सेडान से टकरा गया। दिलीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए। उन्होंने 2025 में Kent State University से Computer Science में MSc पूरा किया था और हाल में अमेरिका में सॉफ्टवेयर की नौकरी शुरू की थी।
मेसिडोनिया, ओहायो, अमेरिका | 11 अगस्त 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris
अमेरिका के ओहायो राज्य में 26 वर्षीय भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर दिलीप कुमार बुंगतावुला की सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा इंटरस्टेट 480 पर मेसिडोनिया इलाके में हुआ, जहां विपरीत दिशा से आ रहा एक पिकअप ट्रक सेंटर मीडियन पार कर उनकी कार से टकरा गया।
पुलिस के मुताबिक टक्कर इतनी गंभीर थी कि दिलीप की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में तीन अन्य लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।
यह हादसा 7 अगस्त 2026 को हुआ था। भारत के न्यूयॉर्क स्थित महावाणिज्य दूतावास ने दिलीप की मौत की पुष्टि करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई और कहा कि वह परिवार को हर संभव सहायता दे रहा है।
दिलीप कुमार बुंगतावुला आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले के जेट्टीवारिपल्ली गांव के रहने वाले थे। उच्च शिक्षा के लिए वह अमेरिका गए थे और ओहायो की Kent State University में Computer Science की पढ़ाई की।
Kent State University के आधिकारिक Commencement रिकॉर्ड में दिलीप कुमार बुंगतावुला का नाम 8 मई 2025 के Master of Science, Computer Science स्नातक समूह में दर्ज है।
शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने अमेरिका में सॉफ्टवेयर क्षेत्र में नौकरी शुरू की थी। परिवार के मुताबिक वह हाल में अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे।
उनकी मौत ने परिवार और भारतीय प्रवासी समुदाय में गहरा सदमा पैदा किया है।
पुलिस के शुरुआती विवरण के मुताबिक दिलीप एक सेडान कार चला रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा में चल रहा पिकअप ट्रक सेंटर मीडियन पार कर गया और उनकी कार से आमने-सामने टकरा गया।
हादसे के बाद आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने दिलीप को घटनास्थल पर मृत पाया। तीन अन्य लोगों को चोटें आईं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस ने अभी हादसे के पीछे की पूरी वजह सार्वजनिक नहीं की है। यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि पिकअप ट्रक मीडियन क्यों पार कर गया था। जांच पूरी होने के बाद दुर्घटना की परिस्थितियों को लेकर अधिक जानकारी सामने आ सकती है।
इसलिए फिलहाल हादसे को किसी विशेष ड्राइविंग गलती, लापरवाही या नशे की हालत से जोड़ना उचित नहीं होगा।
न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया पर दिलीप की मौत पर शोक जताया। दूतावास के मुताबिक भारतीय नागरिक की 7 अगस्त को ओहायो में कार दुर्घटना में मौत हुई और मिशन परिवार के संपर्क में है।
दूतावास ने परिवार को हर संभव सहायता देने की बात कही है। इस तरह की घटनाओं में भारतीय मिशन आमतौर पर स्थानीय अधिकारियों और परिवार के बीच समन्वय में मदद करता है।
दिलीप के शव को भारत लाने की तैयारी परिवार की ओर से की जा रही है। अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर को आंध्र प्रदेश ले जाने की प्रक्रिया परिवार के लिए अगला अहम चरण है।
हादसे में दिलीप के अलावा तीन लोग घायल हुए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी स्थिति को लेकर विस्तृत मेडिकल जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
इस वजह से घायलों की हालत को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगा।
पुलिस की जांच में दुर्घटना से जुड़े वाहन, सड़क की स्थिति, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा अहम होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक दिलीप का परिवार आंध्र प्रदेश में सीमित आर्थिक संसाधनों वाला परिवार है। उनके पिता किसान हैं। परिवार ने उनकी उच्च शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक और व्यक्तिगत त्याग किया था।
दिलीप के अमेरिका जाकर पढ़ाई पूरी करने और फिर नौकरी शुरू करने से परिवार को बेहतर भविष्य की उम्मीद थी।
लेकिन करियर शुरू होने के कुछ समय बाद ही सड़क हादसे में उनकी मौत ने परिवार की पूरी उम्मीदों को गहरे सदमे में बदल दिया।
दिलीप के परिवार की आर्थिक मदद के लिए North America Telugu Society ने फंडरेज़र शुरू किया है। संगठन ने बताया कि परिवार को इस अचानक हुई मौत के बाद आर्थिक और भावनात्मक दोनों स्तरों पर कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
फंडरेज़र का उद्देश्य परिवार को सहायता उपलब्ध कराना और भारत में अंतिम संस्कार तथा अन्य जरूरी खर्चों में मदद करना है।
विदेश में किसी भारतीय नागरिक की अचानक मौत के बाद शव को भारत लाने, कानूनी औपचारिकताओं और अंतिम संस्कार से जुड़े खर्च परिवार के लिए अतिरिक्त बोझ बन सकते हैं।
दिलीप का मामला उन हजारों भारतीय छात्रों और युवा प्रोफेशनल्स की स्थिति की याद दिलाता है जो अमेरिका में शिक्षा और रोजगार के लिए जाते हैं।
अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय विद्यार्थी STEM यानी Science, Technology, Engineering और Mathematics क्षेत्रों में उच्च शिक्षा लेते हैं। कई छात्र पढ़ाई के बाद टेक्नोलॉजी कंपनियों में करियर शुरू करते हैं।
दिलीप ने भी Computer Science में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद सॉफ्टवेयर क्षेत्र में काम शुरू किया था। Kent State University के आधिकारिक रिकॉर्ड से उनकी शैक्षणिक उपलब्धि की पुष्टि होती है।
लेकिन विदेश में रहने वाले छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए सड़क सुरक्षा, स्थानीय ट्रैफिक कानून और आपातकालीन संपर्क व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होती है।
पुलिस ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी से इतना स्पष्ट है कि पिकअप ट्रक ने सेंटर मीडियन पार करके दिलीप की कार को टक्कर मारी।
लेकिन दुर्घटना की पूरी वजह अभी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पिकअप ट्रक के चालक ने नियंत्रण क्यों खोया या वाहन मीडियन पार करने की स्थिति में कैसे पहुंचा।
जब तक जांच एजेंसियां अपने निष्कर्ष जारी नहीं करतीं, तब तक हादसे के कारण को लेकर अटकलों से बचना जरूरी है।
दिलीप के परिवार के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया उनके पार्थिव शरीर को भारत लाना है। रिपोर्टों के अनुसार परिवार अमेरिका में जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है।
भारतीय महावाणिज्य दूतावास की सहायता इस प्रक्रिया में परिवार के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
ऐसी स्थिति में स्थानीय पुलिस रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाणपत्र, पोस्टमॉर्टम और अन्य कानूनी दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही शव को भारत भेजने की व्यवस्था की जाती है।
दिलीप की कहानी उन युवाओं जैसी थी जो छोटे शहर और सीमित संसाधनों से निकलकर विदेश में उच्च शिक्षा और बेहतर करियर का सपना देखते हैं।
उन्होंने Computer Science में मास्टर डिग्री पूरी की और फिर अमेरिका में सॉफ्टवेयर नौकरी शुरू की। उनकी पेशेवर यात्रा अभी शुरुआती दौर में थी।
एक सड़क हादसे ने इस यात्रा को अचानक खत्म कर दिया।
इस घटना का सबसे मार्मिक पहलू यही है कि परिवार जिस भविष्य के लिए वर्षों तक मेहनत करता रहा, वह भविष्य बेटे की मौत के साथ अधूरा रह गया।
अमेरिका के ओहायो में 26 वर्षीय भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर दिलीप कुमार बुंगतावुला की सड़क हादसे में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक इंटरस्टेट 480 पर विपरीत दिशा से आ रहा पिकअप ट्रक सेंटर मीडियन पार कर उनकी कार से टकराया।
दिलीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए। हादसे की परिस्थितियों की पुलिस जांच जारी है। अभी दुर्घटना के पीछे की पूरी वजह सामने नहीं आई है।
आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले से अमेरिका पहुंचे दिलीप ने 2025 में Kent State University से Computer Science में MSc पूरा किया था। इसके बाद उन्होंने अमेरिका में सॉफ्टवेयर क्षेत्र में नौकरी शुरू की थी। विश्वविद्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी उनकी डिग्री की पुष्टि होती है।
भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने परिवार के साथ संपर्क में रहने और हर संभव सहायता देने की बात कही है। वहीं North America Telugu Society ने परिवार की मदद के लिए फंडरेज़र शुरू किया है।
अब परिवार की प्राथमिकता उनके पार्थिव शरीर को भारत लाना और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करना है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह पर अंतिम तस्वीर साफ होगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।