एशियन गेम्स में भारत का बॉक्सिंग धमाका, अंकुश और परवीन ने जीते गोल्ड
Harish Qureshi
•
2026-10-02 16:50:42
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने मुक्केबाजी के 3 फाइनल जीते। अंकुश पंघाल, परवीन हुड्डा और लवलीना बोरगोहेन ने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया।
आइची-नागोया, जापान | 2 अक्टूबर 2026
By Mohd Haris
एशियन गेम्स 2026 में भारत की बॉक्सिंग का गोल्डन डे
2 अक्टूबर 2026 भारतीय मुक्केबाजी के लिए एशियन गेम्स का यादगार दिन रहा। भारत ने बॉक्सिंग के 3 फाइनल मुकाबले जीते और तीनों में स्वर्ण पदक हासिल किए। लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता, जबकि परवीन हुड्डा ने 65 किग्रा और अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में खिताब अपने नाम किया।
परवीन हुड्डा की करीबी जीत
महिलाओं के 65 किग्रा फाइनल में परवीन हुड्डा का सामना चीनी ताइपे की चेन निएन-चेन से हुआ। मुकाबला बेहद करीबी रहा और परवीन ने स्प्लिट डिसीजन से 3-2 की जीत दर्ज की।
परवीन ने मुकाबले की शुरुआत मजबूत तरीके से की। निर्णायक राउंड में उन्होंने दबाव के बीच अपनी काउंटर-पंचिंग और संयम का इस्तेमाल किया। जजों के 3-2 फैसले ने उन्हें स्वर्ण पदक दिलाया।
यह परवीन का एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, वह एशियन गेम्स में बॉक्सिंग गोल्ड जीतने वाली भारत की तीसरी महिला मुक्केबाज बनीं।
अंकुश पंघाल का 80 किग्रा में गोल्ड
पुरुषों के 80 किग्रा फाइनल में अंकुश पंघाल ने दक्षिण कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराया। अंकुश ने मुकाबले में तेज मूवमेंट और काउंटर-पंचिंग का प्रभावी इस्तेमाल किया।
अंकुश ने शुरुआती राउंड से ही बढ़त बनाई और पूरे मुकाबले में अपने डिफेंस तथा अटैक के बीच अच्छा संतुलन रखा। 4-0 के फैसले के साथ उन्होंने एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इस जीत के साथ अंकुश एशियन गेम्स में 80 किग्रा वर्ग का स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज बने।
लवलीना ने भी दिलाया स्वर्ण
भारत की गोल्डन बॉक्सिंग हैट्रिक की शुरुआत लवलीना बोरगोहेन ने की। महिलाओं के 75 किग्रा फाइनल में उन्होंने चीन की बाओ ज़ियी को 5-0 से हराया। यह जीत उनके 29वें जन्मदिन पर आई।
इस तरह 2 अक्टूबर को भारत ने मुक्केबाजी के सभी 3 फाइनल अपने नाम किए। भारत के लिए यह एशियन गेम्स 2026 के बॉक्सिंग अभियान का शानदार समापन भी रहा।
भारत का बॉक्सिंग अभियान
अंकुश की जीत के साथ भारत का एशियन गेम्स 2026 बॉक्सिंग अभियान 3 स्वर्ण और 3 कांस्य पदकों के साथ समाप्त हुआ। यानी भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 6 पदक हासिल किए।
2 अक्टूबर का प्रदर्शन इसलिए भी अहम रहा क्योंकि भारत ने एक ही दिन बॉक्सिंग के 3 अलग-अलग भार वर्गों के फाइनल में जीत दर्ज की।
अंकुश के लिए लगातार बड़ी सफलता
अंकुश पंघाल के लिए यह जीत हाल के समय में दूसरा बड़ा खिताब है। एशियन गेम्स स्वर्ण से पहले उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड जीता था।
अब एशियन गेम्स का स्वर्ण उनके अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ गया है।
भारत के लिए क्या मायने रखता है
भारत के बॉक्सिंग अभियान में 3 स्वर्ण पदकों का प्रदर्शन एशियन स्तर पर टीम की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है। खास तौर पर परवीन और अंकुश की करीबी तथा स्पष्ट जीतें अलग-अलग तरह की चुनौतियों के बीच भारतीय मुक्केबाजों की क्षमता दिखाती हैं।
हालांकि, एशियन गेम्स के प्रदर्शन को लंबे समय की अंतरराष्ट्रीय सफलता का अकेला पैमाना नहीं माना जाना चाहिए। ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और अन्य प्रमुख प्रतियोगिताओं में लगातार प्रदर्शन अलग चुनौती होता है।
निष्कर्ष
2 अक्टूबर 2026 भारतीय मुक्केबाजी के लिए स्वर्णिम दिन रहा। परवीन हुड्डा ने 65 किग्रा, अंकुश पंघाल ने 80 किग्रा और लवलीना बोरगोहेन ने 75 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीते।
अंकुश की 4-0 जीत और परवीन की 3-2 की करीबी जीत ने दिन को खास बनाया। इनके साथ लवलीना के गोल्ड ने भारत को बॉक्सिंग में 3 स्वर्ण दिलाए और भारतीय अभियान 3 स्वर्ण तथा 3 कांस्य के साथ समाप्त हुआ।
वीडियो देखें
ADVERTISEMENT
Harish Qureshi
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।