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जयपुर को गुलाबी शहर क्यों कहा जाता है? जानिए इसका पूरा इतिहास

Neelam Saini 2026-08-01 16:39:49
जयपुर को गुलाबी शहर क्यों कहा जाता है? जानिए इसका पूरा इतिहास

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जयपुर को ‘गुलाबी शहर’ के नाम से दुनिया भर में जाना जाता है। लेकिन यह पहचान केवल रंग की वजह से नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक निर्णय, सांस्कृतिक विरासत और वास्तुकला की अनूठी परंपरा से जुड़ी है। यह लेख उसी इतिहास, तथ्यों और वर्तमान महत्व का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

📍 स्थान: जयपुर, राजस्थान
📰 दिनांक: 1 अगस्त 2026
**✍️ नीलम सैनी

जयपुर को गुलाबी शहर क्यों कहा जाता है? जानिए पूरा इतिहास

भारत के सबसे प्रसिद्ध विरासत शहरों में शामिल जयपुर अपनी शानदार वास्तुकला, भव्य महलों और सांस्कृतिक विरासत के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। लेकिन इसकी सबसे अलग पहचान है “गुलाबी शहर”। यह नाम केवल पर्यटन प्रचार का हिस्सा नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक घटना से जुड़ा हुआ है जिसने जयपुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। आज भी जयपुर आने वाले लाखों पर्यटक सबसे पहले इसकी गुलाबी रंग की इमारतों और व्यवस्थित नगर नियोजन से प्रभावित होते हैं। यही कारण है कि वर्ष 2019 में यूनेस्को ने जयपुर को विश्व धरोहर शहर (World Heritage City) का दर्जा भी प्रदान किया।

जयपुर की स्थापना कैसे हुई?

जयपुर की स्थापना वर्ष 1727 में कछवाहा शासक महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने की थी। उस समय आमेर की बढ़ती आबादी और पानी की समस्या को देखते हुए नई राजधानी बसाने का निर्णय लिया गया। शहर का नक्शा प्रसिद्ध वास्तुकार और विद्वान विद्याधर भट्टाचार्य ने भारतीय वास्तुशास्त्र और नगर नियोजन के सिद्धांतों के अनुसार तैयार किया। उस दौर में यह भारत के सबसे सुव्यवस्थित योजनाबद्ध शहरों में गिना जाता था।

आखिर गुलाबी रंग ही क्यों चुना गया?

जयपुर हमेशा से गुलाबी नहीं था।

इतिहासकारों के अनुसार वर्ष 1876 में ब्रिटेन के तत्कालीन प्रिंस ऑफ वेल्स (बाद में किंग एडवर्ड सप्तम) भारत यात्रा पर आने वाले थे। उनके स्वागत को भव्य और यादगार बनाने के लिए तत्कालीन महाराजा सवाई राम सिंह द्वितीय ने पूरे शहर को टेराकोटा मिश्रित गुलाबी रंग से रंगवाने का आदेश दिया। भारतीय संस्कृति में गुलाबी रंग को आतिथ्य, गर्मजोशी और स्वागत का प्रतीक माना जाता है। विदेशी मेहमानों के सम्मान में चुना गया यही रंग बाद में जयपुर की स्थायी पहचान बन गया।

कैसे बनी स्थायी परंपरा?

प्रिंस ऑफ वेल्स की यात्रा समाप्त होने के बाद भी लोगों ने शहर की गुलाबी पहचान को पसंद किया। बाद के वर्षों में स्थानीय प्रशासन ने पुराने शहर की इमारतों पर इसी रंग को बनाए रखने के नियम लागू किए। आज भी जयपुर के परकोटा क्षेत्र में भवनों के बाहरी हिस्से को निर्धारित गुलाबी या टेराकोटा रंग में रंगना अनिवार्य माना जाता है, ताकि शहर की ऐतिहासिक पहचान सुरक्षित रहे।

क्या वास्तव में पूरा शहर गुलाबी है?

यह एक आम धारणा है कि पूरा जयपुर गुलाबी रंग का है, जबकि वास्तविकता इससे थोड़ी अलग है। मुख्य रूप से पुराना परकोटा क्षेत्र, हवामहल, सिटी पैलेस, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार और आसपास की ऐतिहासिक इमारतें ही उस पारंपरिक रंग योजना का पालन करती हैं। आधुनिक जयपुर में विभिन्न प्रकार की वास्तुकला देखने को मिलती है।

यूनेस्को की मान्यता क्यों मिली?

साल 2019 में यूनेस्को ने जयपुर को विश्व धरोहर शहर घोषित किया। यूनेस्को के अनुसार जयपुर की विशेषता केवल उसकी इमारतें नहीं हैं, बल्कि उसका सुव्यवस्थित शहरी नियोजन, चौड़ी सड़कें, बाजारों की संरचना, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक वास्तुकला इसे वैश्विक स्तर पर विशिष्ट बनाती है।

पर्यटन पर क्या पड़ा असर?

गुलाबी शहर की पहचान ने जयपुर को भारत के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल कर दिया है। हर वर्ष देश-विदेश से लाखों पर्यटक हवामहल, आमेर किला, सिटी पैलेस, जंतर-मंतर, जलमहल और स्थानीय बाजार देखने पहुंचते हैं। पर्यटन से होटल उद्योग, हस्तशिल्प, आभूषण कारोबार, स्थानीय कला और रोजगार को भी व्यापक लाभ मिलता है।

विरासत संरक्षण की चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते शहरीकरण, प्रदूषण और पर्यटन के दबाव के कारण ऐतिहासिक इमारतों का संरक्षण बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। विरासत संरक्षण के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और पर्यटकों की भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक मानी जाती है ताकि शहर की मूल पहचान आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रह सके।

निष्कर्ष

गुलाबी शहर केवल एक उपनाम नहीं, बल्कि जयपुर के इतिहास, संस्कृति और अतिथि सत्कार की जीवंत पहचान है। वर्ष 1876 में विदेशी मेहमान के स्वागत के लिए लिया गया एक निर्णय आज विश्व पर्यटन मानचित्र पर जयपुर की सबसे बड़ी पहचान बन चुका है। यही कारण है कि इतिहास, वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत में रुचि रखने वाले यात्रियों के लिए जयपुर आज भी भारत के सबसे आकर्षक शहरों में गिना जाता है।

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Neelam Saini

Neelam Saini

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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