मुजफ्फरनगर में
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता ने राजस्व वसूली अभियान
की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को बकाया वसूली, विद्युत चोरी पर सख्ती और कांवड़ यात्रा से पहले
सभी बिजली व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य राजस्व सुधारने
के साथ श्रद्धालुओं को सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना है।
Location:- Muzaffarnagar
Date:- 4 July 2026
Byline:-
कांवड़ यात्रा से
पहले बिजली विभाग की दोहरी चुनौती राजस्व वसूली अभियान पर बढ़ा फोकस
मुजफ्फरनगर में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने आगामी कांवड़ यात्रा और विभागीय राजस्व लक्ष्यों को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य अभियंता (विद्युत) विनोद कुमार ने क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट किया कि राजस्व वसूली और निर्बाध विद्युत आपूर्ति दोनों विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिन उपभोक्ताओं पर 5 हजार रुपये से अधिक का बकाया है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही वसूली अभियान को समयबद्ध ढंग से संचालित कर निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
कांवड़ यात्रा की
तैयारियों पर विशेष निर्देश
कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। ऐसे में बिजली व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा जनसुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों के लिए चुनौती बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्य अभियंता ने कांवड़ मार्गों पर विद्युत लाइनों की मरम्मत, जर्जर तारों के प्रतिस्थापन, ट्रांसफार्मरों के रखरखाव तथा अन्य तकनीकी कार्य समय से पूरे करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक कमियों को दूर किया जाए।
विद्युत चोरी और
संदिग्ध खपत पर निगरानी
समीक्षा बैठक में केवल बकाया वसूली ही नहीं बल्कि विद्युत चोरी रोकने पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्य अभियंता ने ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान करने को कहा जिनकी बिजली खपत कम है लेकिन स्वीकृत संयोजित भार अधिक है। ऐसे मामलों में तकनीकी जांच और मीटर परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि विद्युत चोरी संबंधी शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और जहां नियमों का उल्लंघन मिले वहां विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विभाग का मानना है कि तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान कम किए बिना वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी नहीं बनाया जा सकता।
राजस्व सुधार क्यों
महत्वपूर्ण है
बिजली वितरण कंपनियों के लिए समय पर राजस्व संग्रह संचालन का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। यही राशि रखरखाव, नई परियोजनाओं, ट्रांसफार्मर बदलने, लाइन सुधार और उपभोक्ता सेवाओं पर खर्च की जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए बकाया वसूली आवश्यक है। हालांकि यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमों और पारदर्शिता के साथ हो ताकि किसी वैध उपभोक्ता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासनिक जवाबदेही
पर जोर
मुख्य अभियंता ने सभी अधिशासी अभियंताओं और क्षेत्रीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन और निगम मुख्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि फील्ड स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण, मॉनिटरिंग और समयबद्ध रिपोर्टिंग के माध्यम से तैयारियों की लगातार समीक्षा की जाएगी।
कांवड़ यात्रा के
दौरान बिजली व्यवस्था क्यों संवेदनशील रहती है
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान अस्थायी शिविर, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल केंद्र और सुरक्षा व्यवस्थाओं के कारण बिजली की मांग सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे समय में ट्रांसफार्मरों पर अतिरिक्त भार और स्थानीय फॉल्ट की संभावना भी बढ़ जाती है। इसी वजह से विभाग पहले से ही रखरखाव कार्य पूरा करने और संभावित जोखिम वाले स्थानों की पहचान करने पर ध्यान देता है। इससे आपूर्ति बाधित होने की आशंका कम होती है और आपात स्थिति में त्वरित मरम्मत संभव हो पाती है।
क्या केवल सख्ती ही
समाधान है
राजस्व वसूली को लेकर विभाग की सख्ती प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन ऊर्जा क्षेत्र के जानकार यह भी मानते हैं कि उपभोक्ता जागरूकता, बिलिंग की पारदर्शिता, समय पर शिकायत निस्तारण और डिजिटल भुगतान सुविधाओं को बढ़ावा देना भी उतना ही आवश्यक है। यदि विभाग सख्ती के साथ बेहतर उपभोक्ता सेवाएं भी सुनिश्चित करता है तो दीर्घकाल में राजस्व संग्रह और उपभोक्ता संतुष्टि दोनों में सुधार देखने को मिल सकता है।
आगे की राह
आगामी दिनों में कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले बिजली विभाग की तैयारियों की वास्तविक परीक्षा होगी। यदि सभी तकनीकी कार्य समय पर पूरे होते हैं और राजस्व वसूली अभियान भी निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचता है तो विभाग के लिए यह प्रशासनिक सफलता मानी जाएगी। फिलहाल विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि बकाया वसूली, विद्युत चोरी पर कार्रवाई और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना समान रूप से उसकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। आने वाले सप्ताह यह तय करेंगे कि योजनाएं जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।