केरल के 38 स्थानीय निकाय वार्डों के उपचुनाव में UDF ने 19 और LDF ने 18 सीटें जीतीं। नतीजों में दोनों प्रमुख गठबंधनों के बीच करीबी मुकाबला रहा।
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केरल
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29 सितंबर 2026
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Wasi Siddiqui
38 वार्डों के उपचुनाव में UDF को 19 सीटें
केरल के स्थानीय निकाय उपचुनाव के नतीजों में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी UDF ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की है। लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी LDF के उम्मीदवारों ने 18 वार्डों में जीत हासिल की। 1 सीट अन्य के खाते में गई।
यह उपचुनाव राज्य के अलग-अलग स्थानीय निकायों के 38 वार्डों में कराया गया था। नतीजों में UDF और LDF के बीच बेहद करीबी मुकाबला सामने आया। आधिकारिक चुनावी ट्रेंड में अलग-अलग वार्डों के उम्मीदवारों की जीत और वोट अंतर दर्ज किए गए हैं।
38 वार्डों में हुआ मतदान
स्थानीय निकाय उपचुनाव के लिए 28 सितंबर को मतदान कराया गया था। चुनाव आयोग के अनुसार कुल मतदान प्रतिशत 58.82 रहा। मतदान राज्य के 12 जिलों में हुआ था।
इन चुनावों में 182160 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। चुनावी प्रक्रिया में पुरुष और महिला मतदाताओं की भागीदारी दर्ज की गई। अलग-अलग क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत में अंतर भी देखने को मिला।
उपचुनाव में कोच्चि और कोझिकोड नगर निगम के 1-1 वार्ड शामिल थे। इसके अलावा 3 नगरपालिका वार्ड, 3 जिला पंचायत वार्ड, 7 ब्लॉक पंचायत वार्ड और 23 ग्राम पंचायत वार्डों में भी मतदान कराया गया था।
UDF और LDF के बीच करीबी मुकाबला
नतीजों का सबसे अहम पहलू दोनों प्रमुख गठबंधनों के बीच सीटों का करीबी अंतर है। UDF को 19 सीटें मिलीं, जबकि LDF 18 वार्डों में विजयी रहा।
इस तरह दोनों गठबंधनों के बीच केवल 1 सीट का अंतर रहा। बाकी 1 वार्ड में किसी अन्य राजनीतिक समूह या उम्मीदवार ने जीत दर्ज की।
राज्य निर्वाचन आयोग के चुनावी ट्रेंड में विजेता उम्मीदवार, उनके वोट और निकटतम प्रतिद्वंद्वी के वोट सहित वार्डवार आंकड़े दर्ज किए गए हैं। इससे प्रत्येक सीट के नतीजे और जीत का अंतर अलग-अलग देखा जा सकता है।
उपचुनाव की जरूरत क्यों पड़ी
इन स्थानीय निकाय सीटों पर अलग-अलग कारणों से रिक्तियां पैदा हुई थीं। कुछ स्थानीय प्रतिनिधियों के विधानसभा चुनाव में निर्वाचित होने के बाद संबंधित पद खाली हुए। कुछ सीटें सदस्यों की मृत्यु और इस्तीफे के कारण रिक्त हुईं।
इन्हीं रिक्त पदों को भरने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव कराया। मतदान से पहले चुनाव आयोग ने 38 वार्डों में चुनाव कार्यक्रम जारी किया था। कुल 126 उम्मीदवार मैदान में थे।
मतदान में महिलाओं की भागीदारी
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उपचुनाव में कुल 182160 लोगों ने मतदान किया। इनमें 84070 पुरुष और 98090 महिलाएं शामिल थीं।
जिलावार मतदान प्रतिशत में भी अंतर रहा। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार कन्नूर में मतदान प्रतिशत 84.55 रहा, जबकि कोट्टायम में यह 54.24 प्रतिशत दर्ज किया गया।
ये आंकड़े बताते हैं कि स्थानीय निकाय स्तर पर मतदाताओं की भागीदारी अलग-अलग क्षेत्रों में एक समान नहीं रही।
कई स्तरों पर हुआ चुनाव
इस उपचुनाव में केरल के स्थानीय शासन ढांचे के कई स्तर शामिल रहे। नगर निगम, नगरपालिका, जिला पंचायत, ब्लॉक पंचायत और ग्राम पंचायत के वार्डों में मतदान हुआ।
स्थानीय निकाय चुनावों में वार्ड स्तर का प्रतिनिधित्व सीधे स्थानीय प्रशासन से जुड़ा होता है। इसलिए इन सीटों के नतीजे संबंधित पंचायत, नगरपालिका या निगम की स्थानीय राजनीतिक संरचना पर असर डाल सकते हैं।
हालांकि 38 वार्डों के उपचुनाव को पूरे राज्य की राजनीतिक स्थिति का पूर्ण प्रतिनिधि मानना उचित नहीं होगा। ये चुनाव सीमित संख्या वाली स्थानीय सीटों पर हुए हैं और इनके नतीजों का राजनीतिक अर्थ क्षेत्रवार परिस्थितियों के साथ समझना जरूरी है।
चुनावी आंकड़ों का संदर्भ
केरल में 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों के आधिकारिक आंकड़ों में UDF समूह ने कुल वार्ड जीत के मामले में 8021 सीटें दर्ज की थीं, जबकि LDF समूह के खाते में 6584 वार्ड थे। ये आंकड़े पूरे स्थानीय निकाय चुनाव से जुड़े हैं और मौजूदा उपचुनाव के 38 वार्डों से अलग चुनावी संदर्भ हैं।
इसलिए 2026 के उपचुनाव के 19 बनाम 18 सीटों के आंकड़े को 2025 के पूरे स्थानीय निकाय चुनाव के आंकड़ों के साथ सीधे जोड़कर राज्यव्यापी सीट स्थिति का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
आगे क्या होगा
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार चुनावी प्रक्रिया को पूरा करने की समयसीमा 1 अक्टूबर तक निर्धारित की गई है। निर्वाचित उम्मीदवारों को चुनावी खर्च से संबंधित खाते 29 अक्टूबर तक जमा करने होंगे।
अब संबंधित स्थानीय निकायों में विजयी उम्मीदवारों के निर्वाचन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद इन वार्डों में नए निर्वाचित प्रतिनिधि स्थानीय निकाय की कार्यप्रणाली में शामिल होंगे।
नतीजों का राजनीतिक संदर्भ
इन उपचुनावों में UDF और LDF के बीच सीटों का अंतर केवल 1 रहा। इसलिए इन परिणामों का राजनीतिक महत्व संबंधित वार्डों के स्थानीय समीकरण, पिछले चुनावी प्रदर्शन, उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़ और स्थानीय मुद्दों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
उपचुनाव सीमित सीटों पर होते हैं। इसलिए इनके आधार पर पूरे राज्य के मतदाता रुझान या भविष्य के विधानसभा चुनाव का निश्चित निष्कर्ष निकालना चुनावी आंकड़ों से आगे जाना होगा।
फिलहाल उपलब्ध सत्यापित आंकड़ा यही है कि 38 स्थानीय निकाय वार्डों के उपचुनाव में UDF ने 19 सीटें जीतीं, LDF ने 18 सीटें हासिल कीं और 1 सीट अन्य के खाते में गई।