किडनी की पथरी से बचाव में संतरा क्यों माना जाता है फायदेमंद?
क्या संतरा खाने से कम हो सकता है किडनी स्टोन का खतरा?
संतरे का सेवन और किडनी की सेहत, जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
किडनी की पथरी दुनियाभर में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। शोध बताते हैं कि संतरे जैसे साइट्रेट युक्त फलों का नियमित और संतुलित सेवन कुछ प्रकार की किडनी की पथरी बनने के जोखिम को कम कर सकता है। हालांकि, इसे इलाज नहीं बल्कि संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा माना जाना चाहिए।
📍 स्थान: भारत
📰 दिनांक: 31 जुलाई 2026
✍️ नीलम सैनी
किडनी की पथरी और संतरा: क्या है दोनों का संबंध?
किडनी की पथरी आज केवल बुजुर्गों तक सीमित समस्या नहीं रह गई है। अनियमित खानपान, कम पानी पीना और बदलती जीवनशैली के कारण युवाओं में भी इसके मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में संतरे को लेकर अक्सर यह दावा किया जाता है कि यह किडनी स्टोन को गलाने या खत्म करने का काम करता है। लेकिन क्या यह दावा पूरी तरह सही है? मेडिकल रिसर्च का जायज़ा बताता है कि संतरा सीधे तौर पर पथरी को खत्म नहीं करता, लेकिन इसके कुछ गुण ऐसी परिस्थितियां पैदा करने में मदद कर सकते हैं, जिनसे विशेष प्रकार की पथरी बनने का खतरा कम हो सकता है।
संतरे में मौजूद साइट्रेट क्यों है महत्वपूर्ण?
संतरे में प्राकृतिक रूप से साइट्रेट पाया जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यूरिन में साइट्रेट की पर्याप्त मात्रा कैल्शियम को आपस में जुड़कर क्रिस्टल बनने से रोकने में मदद कर सकती है। यही क्रिस्टल आगे चलकर कैल्शियम ऑक्सलेट स्टोन का रूप ले सकते हैं। यूरिनरी सिस्टम की सेहत के लिहाज़ से साइट्रेट को एक महत्वपूर्ण तत्व माना जाता है। यही कारण है कि कई मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पोटैशियम साइट्रेट जैसी दवाएं भी दी जाती हैं। हालांकि, संतरे में मौजूद साइट्रेट की मात्रा और उसका प्रभाव व्यक्ति की शारीरिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
संतरे का जूस या पूरा फल, क्या है बेहतर?
विशेषज्ञ आमतौर पर पूरे फल के सेवन को प्राथमिकता देते हैं। पूरे संतरे में फाइबर मौजूद होता है, जो ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद कर सकता है। वहीं बाजार में मिलने वाले कई पैक्ड ऑरेंज जूस में अतिरिक्त शुगर मिलाई जाती है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी नहीं मानी जाती। यदि कोई व्यक्ति संतरे का सेवन करना चाहता है तो ताजा और बिना अतिरिक्त चीनी वाला विकल्प अधिक उपयुक्त माना जाता है। हालांकि, इसकी मात्रा व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और अन्य चिकित्सकीय स्थितियों के अनुसार अलग हो सकती है।
क्या संतरा किडनी स्टोन का इलाज है?
इस विषय में सबसे बड़ी गलतफहमी यही है कि संतरा पथरी को घोल देता है। वर्तमान वैज्ञानिक साक्ष्य इस दावे की पुष्टि नहीं करते हैं। संतरा किसी भी प्रकार की किडनी स्टोन का प्रत्यक्ष इलाज नहीं है। कुछ शोध यह संकेत देते हैं कि साइट्रेट युक्त फल कुछ प्रकार की पथरी के जोखिम को कम करने में भूमिका निभा सकते हैं। लेकिन यदि किसी व्यक्ति की किडनी में पहले से बड़ी पथरी मौजूद है तो केवल संतरे के सेवन से उसका उपचार संभव नहीं माना जाता। ऐसे मामलों में चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक जांच महत्वपूर्ण होती हैं।
पर्याप्त पानी पीना क्यों है ज्यादा जरूरी?
किडनी स्टोन की रोकथाम में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की मानी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर में पानी की कमी यूरिन को अधिक सघन बना देती है, जिससे खनिज तत्व आपस में मिलकर पथरी का निर्माण कर सकते हैं। संतरे का सेवन तभी अधिक लाभकारी हो सकता है जब उसे पर्याप्त जल सेवन और संतुलित आहार के साथ जोड़ा जाए। केवल किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहना वैज्ञानिक दृष्टिकोण से उचित नहीं माना जाता।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
हर व्यक्ति के लिए एक जैसा आहार उपयुक्त नहीं होता। यदि किसी मरीज को क्रॉनिक किडनी डिजीज, डायबिटीज, पोटैशियम से जुड़ी समस्याएं या कोई अन्य गंभीर स्वास्थ्य स्थिति है, तो उसे अपने चिकित्सक की सलाह के बिना आहार में बड़े बदलाव नहीं करने चाहिए। कुछ मामलों में अत्यधिक फलों के रस का सेवन कैलोरी और शुगर की मात्रा बढ़ा सकता है। इसलिए संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। संतरे के फायदे तभी बेहतर रूप से प्राप्त किए जा सकते हैं जब उसका सेवन संयमित मात्रा में किया जाए।
कौन-कौन से कारक बढ़ाते हैं पथरी का खतरा?
कम पानी पीना, अत्यधिक नमक का सेवन, अधिक प्रोसेस्ड फूड खाना, शारीरिक गतिविधियों की कमी और पारिवारिक इतिहास जैसे कई कारण किडनी स्टोन के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा कुछ लोगों में बार-बार पथरी बनने की आनुवंशिक प्रवृत्ति भी देखी जाती है। ऐसे में केवल संतरे को समाधान मान लेना पर्याप्त नहीं होगा। संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी, नियमित स्वास्थ्य जांच और डॉक्टर की सलाह ही दीर्घकालिक बचाव का बेहतर रास्ता मानी जाती है।
क्या नींबू और संतरा दोनों फायदेमंद हैं?
नींबू और संतरा दोनों ही साइट्रेट के स्रोत हैं। विभिन्न अध्ययनों में साइट्रेट के संभावित लाभों का उल्लेख मिलता है, लेकिन यह ध्यान रखना आवश्यक है कि अलग-अलग फलों में इसकी मात्रा भिन्न हो सकती है। साथ ही, प्रत्येक व्यक्ति के शरीर में इसका प्रभाव भी अलग हो सकता है। इसलिए किसी एक फल को चमत्कारी इलाज बताना पत्रकारिता और चिकित्सा, दोनों दृष्टिकोणों से उचित नहीं होगा। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को हमेशा वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर समझना चाहिए।
भविष्य की तस्वीर क्या कहती है?
किडनी स्टोन के मामलों में बढ़ोतरी ने जीवनशैली आधारित रोकथाम को पहले से अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। न्यूट्रिशन साइंस और यूरोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे शोध यह संकेत देते हैं कि स्वस्थ खानपान, पर्याप्त तरल पदार्थ का सेवन और नियमित चिकित्सकीय निगरानी जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संतरा भी इसी स्वस्थ जीवनशैली का एक हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसे सम्पूर्ण समाधान के रूप में प्रस्तुत करना भ्रामक होगा। इसका लाभ सबसे अधिक तब देखने को मिलता है जब इसे संतुलित भोजन और चिकित्सकीय सलाह के साथ अपनाया जाए।
निष्कर्ष
किडनी की पथरी के संदर्भ में संतरा एक संभावित सहायक आहार विकल्प हो सकता है क्योंकि इसमें मौजूद प्राकृतिक साइट्रेट कुछ प्रकार की पथरी बनने के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, यह न तो हर प्रकार की पथरी का इलाज है और न ही डॉक्टर द्वारा निर्धारित उपचार का विकल्प। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार अपनाना और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेना आज भी किडनी की सेहत बनाए रखने की सबसे प्रभावी रणनीति मानी जाती है।