बेलग्रेड, सर्बिया | 31 अगस्त 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को बेलग्रेड में सर्बिया के विदेश मंत्री मार्को जूरिच से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और सर्बिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों की समीक्षा की और आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।
रिजिजू ने बैठक को गर्मजोशी और सार्थक बातचीत वाला बताया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने भारत-सर्बिया संबंधों को और गहरा करने के तरीकों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
सर्बिया के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के रिश्ते आर्थिक क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहे हैं। विदेश मंत्री मार्को जूरिच ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग की बड़ी संभावनाओं पर जोर दिया।
यह पहल भारत-सर्बिया संबंधों को पारंपरिक राजनीतिक और कूटनीतिक संपर्क से आगे ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सर्बिया ने बेलग्रेड में होने वाले एक्सपो 2027 में भारत की भागीदारी को लेकर भी संतोष जताया है। सर्बियाई विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत वहां अपनी सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक क्षमता पेश करेगा।
रिजिजू की सर्बिया यात्रा का प्रमुख उद्देश्य गुटनिरपेक्ष आंदोलन यानी NAM की पहली शिखर बैठक की 65वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित उच्चस्तरीय स्मृति बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करना है।
यह बैठक 31 अगस्त और 1 सितंबर को बेलग्रेड में आयोजित हो रही है। इसका विषय है, “गुटनिरपेक्षता की विरासत: आज की दुनिया के लिए सबक।”
1961 में गुटनिरपेक्ष आंदोलन की पहली बैठक भी बेलग्रेड में हुई थी। भारत इसके संस्थापक सदस्यों में शामिल था। इसलिए मौजूदा बैठक का भारत के लिए ऐतिहासिक और कूटनीतिक महत्व है।
बैठक के दौरान सर्बियाई विदेश मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भारत के समर्थन और सर्बिया की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के लिए नई दिल्ली के रुख की सराहना की।
सर्बिया और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर 2023 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बेलग्रेड का दौरा किया था। सर्बियाई विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को दोनों देशों के राजनीतिक संवाद के लिए महत्वपूर्ण बताया।
NAM बैठक से पहले रिजिजू ने बेलग्रेड में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने सर्बिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने भारतीय समुदाय की सांस्कृतिक गतिविधियों और भारत-सर्बिया संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान पर चर्चा की।
रिजिजू ने भारतीय समुदाय के बच्चों से भी बातचीत की और इस मुलाकात को भावनात्मक अनुभव बताया।
रिजिजू ने बेलग्रेड में म्यूजियम ऑफ यूगोस्लाविया और पूर्व यूगोस्लाव राष्ट्रपति जोसिप ब्रोज़ टीटो के मकबरे हाउस ऑफ फ्लावर्स का भी दौरा किया।
उन्होंने कहा कि इन ऐतिहासिक स्थलों से यूगोस्लाविया के राजनीतिक इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और टीटो के जीवन एवं विरासत को समझने का अवसर मिला।
टीटो गुटनिरपेक्ष आंदोलन के प्रमुख संस्थापक नेताओं में शामिल थे। बेलग्रेड का NAM से यह ऐतिहासिक रिश्ता मौजूदा स्मृति बैठक को खास महत्व देता है।
रिजिजू और जूरिच की मुलाकात में किसी नए समझौते या विशिष्ट परियोजना की घोषणा नहीं हुई। बातचीत का फोकस मौजूदा द्विपक्षीय रिश्तों की समीक्षा और सहयोग के नए अवसर तलाशने पर रहा।
सर्बिया की ओर से AI और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं का उल्लेख बताता है कि दोनों देश अपने संबंधों को नए तकनीकी और आर्थिक क्षेत्रों तक ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।