मेघालय के चर्चित हनीमून हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने शिलांग सत्र न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। अब मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी और अदालत में ट्रायल की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।
📍 स्थान: शिलांग, मेघालय
📰 तारीख: 30 जुलाई 2026
✍️ Byline: Apurva Choudhary
हनीमून हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोनम रघुवंशी ने किया आत्मसमर्पण
मेघालय के बहुचर्चित हनीमून हत्याकांड में बुधवार को महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आया। अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की आरोपी सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद शिलांग की सत्र अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय ने मेघालय हाई कोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया था, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई जमानत को बरकरार रखा गया था।
पूर्वी खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक स्यिम ने पुष्टि की कि सोनम ने मंगलवार को अदालत के समक्ष सरेंडर किया और आगे की न्यायिक प्रक्रिया अब अदालत के निर्देशों के अनुसार चलेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों रद्द की जमानत?
सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने 23 जुलाई को सुनवाई के दौरान मेघालय हाई कोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया। अदालत ने माना कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत जारी रखना उचित नहीं है।
हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि छह महीने के भीतर मुकदमे की सुनवाई पूरी नहीं होती, तो आरोपी कानून के तहत नई जमानत याचिका दाखिल कर सकती है।
क्या है पूरा मामला?
इंदौर निवासी ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी मई 2025 में अपनी पत्नी सोनम के साथ हनीमून मनाने मेघालय गए थे। यात्रा के दौरान उनके लापता होने के बाद पुलिस ने व्यापक तलाश शुरू की।
दो जून 2025 को पुलिस को सोहरा क्षेत्र के वेई सॉडोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद हुआ। जांच के दौरान पुलिस ने हत्या की साजिश का खुलासा करते हुए सोनम सहित पांच लोगों को आरोपी बनाया।
चार अन्य आरोपी भी शामिल
जांच एजेंसियों के अनुसार इस मामले में सोनम के अलावा उनके कथित प्रेमी राज कुशवाहा, आकाश राजपूत, आनंद कुर्मी और विशाल सिंह चौहान को भी गिरफ्तार किया गया था। सभी आरोपियों को जून 2025 में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न स्थानों से हिरासत में लिया गया था।
790 पन्नों की चार्जशीट दाखिल
मेघालय पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच के बाद प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में लगभग 790 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अब आगे क्या होगा?
सोनम रघुवंशी के आत्मसमर्पण के बाद अब अदालत में नियमित ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अभियोजन पक्ष अपने साक्ष्य और गवाह पेश करेगा, जबकि बचाव पक्ष को भी अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। मामले में अंतिम फैसला अदालत द्वारा सभी साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर सुनाया जाएगा।