मुजफ्फरनगर के विकास खंड शाहपुर स्थित कुकड़ा पंचायत सचिवालय के निरीक्षण में मुख्य विकास अधिकारी को वर्ष 1966 में निर्मित भवन अत्यंत जर्जर मिला। इसके बाद तकनीकी मूल्यांकन, ध्वस्तीकरण और नए सचिवालय निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। यह कार्रवाई ग्रामीण प्रशासनिक सेवाओं को सुरक्षित और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
📍 मुजफ्फरनगर
📰 13 जुलाई 2026
✍️ वसी सिद्धीकी
कुकड़ा पंचायत सचिवालय निरीक्षण: जर्जर भवन पर प्रशासन का बड़ा फैसला
मुजफ्फरनगर जिले के विकास खंड शाहपुर अंतर्गत कुकड़ा ग्राम पंचायत सचिवालय का सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी कमलकिशोर कंडारकर ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि वर्ष 1966 में निर्मित पंचायत सचिवालय भवन अत्यंत जर्जर और जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुका है। भवन की स्थिति ऐसी है कि उसका नियमित उपयोग नहीं किया जा रहा और पंचायत स्तर की कई प्रशासनिक गतिविधियां भी वहां संचालित नहीं हो रही हैं।
निरीक्षण के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर सुरक्षित और सुचारु प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
जर्जर भवन बना चिंता का विषय
निरीक्षण में पाया गया कि लगभग छह दशक पुराने भवन की संरचना कमजोर हो चुकी है। भवन के उपयोग में सुरक्षा संबंधी जोखिम को देखते हुए पंचायत सचिवालय का नियमित संचालन प्रभावित है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सचिवालय केवल प्रशासनिक भवन नहीं होते, बल्कि प्रमाण पत्र, विकास योजनाओं की जानकारी, जनसुनवाई और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण केंद्र भी होते हैं। ऐसे में भवन की खराब स्थिति ग्रामीणों की सुविधा को सीधे प्रभावित कर सकती है।
तकनीकी परीक्षण के बाद होगी आगे की कार्रवाई
मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी शाहपुर और सहायक खंड विकास अधिकारी (पंचायत) को निर्देश दिए कि सक्षम प्राधिकारी से भवन का स्ट्रक्चरल असेसमेंट कराया जाए। तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इसके साथ ही नए पंचायत सचिवालय भवन के निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को शीघ्र भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि निर्माण प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
लोक निर्माण विभाग को भी किया गया सक्रिय
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर बातचीत कर संबंधित अभियंता को तत्काल मौके पर भेजने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य भवन की तकनीकी जांच और आवश्यक परीक्षण को समयबद्ध तरीके से पूरा कराना है।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी मूल्यांकन के बिना किसी भवन को ध्वस्त करना उचित प्रक्रिया नहीं माना जाता। इसलिए पहले विशेषज्ञों की रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी।
ग्रामीण प्रशासन के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं पंचायत सचिवालय
उत्तर प्रदेश में पंचायत सचिवालय ग्रामीण शासन व्यवस्था की सबसे अहम इकाई माने जाते हैं। यहीं से ग्राम पंचायतों के अधिकांश प्रशासनिक कार्य, अभिलेखों का रखरखाव, योजनाओं की निगरानी और नागरिक सेवाओं का संचालन होता है।
यदि सचिवालय भवन लंबे समय तक अनुपयोगी बना रहता है तो सरकारी योजनाओं की निगरानी और आम लोगों की सुविधा दोनों प्रभावित हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित आधारभूत ढांचा स्थानीय शासन की गुणवत्ता को मजबूत बनाता है।
समयबद्ध कार्रवाई पर दिया गया जोर
मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी औपचारिकताएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए सचिवालय निर्माण की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
यह निर्देश ऐसे समय दिए गए हैं जब ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने और पंचायत स्तर पर डिजिटल एवं पारदर्शी सेवाओं को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
क्या होगा आगे
अब सबसे पहले भवन का तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा। यदि विशेषज्ञ भवन को असुरक्षित घोषित करते हैं तो नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी। इसके बाद नए पंचायत सचिवालय के निर्माण के लिए शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजा जाएगा।
हालांकि निर्माण की समय-सीमा, बजट और स्वीकृति संबंधी निर्णय शासन स्तर पर होने वाली प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।
संपादकीय दृष्टिकोण
कुकड़ा पंचायत सचिवालय का निरीक्षण केवल एक भवन की खराब स्थिति का मामला नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण प्रशासनिक ढांचे की गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़ा विषय भी है। प्रशासन ने जिस तरह तकनीकी परीक्षण, नियमानुसार ध्वस्तीकरण और नए भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं, उससे संकेत मिलता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि प्रस्ताव कितनी तेजी से स्वीकृत होता है और ग्रामीणों को नया पंचायत सचिवालय कब तक उपलब्ध हो पाता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।