मिज़ोरम के 29 वर्षीय फुटबॉलर लालियानज़ुआला छांगटे को 2026 का Indian Footballer of the Year चुना गया है। यह सम्मान उन्हें साथी पेशेवर खिलाड़ियों के वोट के आधार पर मिला। छांगटे इससे पहले 2023-24 सीजन में भी यह पुरस्कार जीत चुके हैं। इस साल FPAI Awards में महिला वर्ग में मनीषा कल्याण को Indian Women’s Player of the Year चुना गया, जबकि अन्य श्रेणियों में भी भारतीय फुटबॉल के कई खिलाड़ियों और क्लबों को सम्मान मिला।
Location: भारत / मिज़ोरम
Date: 30 अगस्त 2026
Byline: Apurva Choudhary
छांगटे को दूसरी बार मिला बड़ा सम्मान
भारतीय फुटबॉल में लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहे लालियानज़ुआला छांगटे ने एक बार फिर बड़ा व्यक्तिगत सम्मान अपने नाम किया है। उन्हें Indian Footballer of the Year 2026 चुना गया है।
इस पुरस्कार की खास बात यह है कि विजेता का चयन साथी पेशेवर खिलाड़ियों के वोट के आधार पर होता है। ऐसे में छांगटे को मिला सम्मान उनके प्रदर्शन के साथ-साथ साथी खिलाड़ियों के बीच उनकी प्रतिष्ठा को भी दर्शाता है।
छांगटे इससे पहले 2023-24 सीजन में भी Indian Footballer of the Year का पुरस्कार जीत चुके हैं। दूसरी बार यह सम्मान हासिल करना उनके लगातार प्रभावी प्रदर्शन की ओर इशारा करता है।
2025-26 सीजन में छांगटे का प्रदर्शन चर्चा में
छांगटे भारतीय फुटबॉल के प्रमुख आक्रामक खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। उनकी गति, ड्रिब्लिंग और विपक्षी डिफेंस पर दबाव बनाने की क्षमता ने उन्हें क्लब और राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान दिलाई है।
2025-26 सीजन में उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें एक बार फिर FPAI के प्रतिष्ठित व्यक्तिगत पुरस्कार के लिए चुना गया। खिलाड़ियों के वोट से मिलने वाला यह सम्मान उनके करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ता है।
हाल ही में उनके क्लब करियर में भी बदलाव देखने को मिला है। ऐसे में आने वाले सीजन में उनके प्रदर्शन पर भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों की नजर रहेगी।
मनीषा कल्याण भी बनीं बड़ी विजेता
FPAI Awards में महिला वर्ग का प्रमुख सम्मान मनीषा कल्याण के नाम रहा। उन्हें Indian Women’s Player of the Year चुना गया।
मनीषा भारतीय महिला फुटबॉल की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं और अंतरराष्ट्रीय तथा क्लब स्तर पर उनके प्रदर्शन ने उन्हें लगातार चर्चा में बनाए रखा है।
छांगटे और मनीषा को मिले सम्मान यह भी दिखाते हैं कि भारतीय फुटबॉल में पुरुषों के साथ-साथ महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भी लगातार पहचान मिल रही है।
East Bengal FC को भी सम्मान
FPAI Awards में East Bengal FC को पुरुष और महिला दोनों लीग खिताबों के लिए सम्मानित किया गया।
क्लब के लिए यह उपलब्धि इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों वर्गों में सफलता ने उसके घरेलू फुटबॉल प्रदर्शन को मजबूत किया है। व्यक्तिगत पुरस्कारों के साथ क्लबों को मिली यह पहचान भारतीय फुटबॉल के प्रतिस्पर्धी स्तर को भी सामने लाती है।
दूसरे प्रमुख विजेता कौन रहे?
इस साल के पुरस्कारों में Phrangki Buam को I-League Player of the Year चुना गया। वहीं Sanan Mohammed K ने Young Player of the Year का पुरस्कार हासिल किया।
इससे भारतीय फुटबॉल के अलग-अलग स्तरों पर प्रभावी प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पहचान मिली है।
FPAI Award की अहमियत क्यों है?
FPAI यानी Football Players’ Association of India से जुड़े पुरस्कारों की खासियत यह है कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन साथी पेशेवर खिलाड़ियों की राय के आधार पर भी सामने आता है।
किसी खिलाड़ी के लिए साथी फुटबॉलरों से वोट हासिल करना उसकी पेशेवर पहचान और मैदान पर प्रभाव का महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है। छांगटे का दूसरी बार यह सम्मान जीतना इसी वजह से उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।
भारतीय फुटबॉल के लिए क्या मायने?
छांगटे की उपलब्धि भारतीय फुटबॉल में स्थानीय प्रतिभाओं के बढ़ते प्रभाव को भी रेखांकित करती है। मिज़ोरम जैसे फुटबॉल-प्रेमी राज्य से आने वाले छांगटे ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई है।
उनकी सफलता युवा फुटबॉलरों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है, खासकर उन खिलाड़ियों के लिए जो देश के अलग-अलग राज्यों और फुटबॉल अकादमियों से निकलकर शीर्ष स्तर पर पहुंचने का सपना देखते हैं।
आगे छांगटे पर रहेगी नजर
दूसरी बार Indian Footballer of the Year का सम्मान मिलने के बाद अब छांगटे के सामने अपनी निरंतरता बनाए रखने की चुनौती होगी। क्लब फुटबॉल के साथ राष्ट्रीय टीम में भी उनसे महत्वपूर्ण प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
भारतीय फुटबॉल के लिए भी ऐसे खिलाड़ियों का लगातार शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे टीम की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान को मजबूती मिल सकती है।
संपादकीय निष्कर्ष
लालियानज़ुआला छांगटे का दूसरी बार Indian Footballer of the Year बनना उनके करियर की बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धि है। साथी पेशेवर खिलाड़ियों के वोट से मिला यह सम्मान उनके प्रदर्शन और भारतीय फुटबॉल में बढ़ती पहचान को दर्शाता है।
FPAI Awards में मनीषा कल्याण और अन्य खिलाड़ियों को मिले सम्मान के साथ इस साल के पुरस्कार भारतीय फुटबॉल के पुरुष और महिला दोनों वर्गों में उभरती प्रतिभाओं की तस्वीर पेश करते हैं। अब छांगटे के लिए अगली चुनौती इस उपलब्धि को लगातार अच्छे प्रदर्शन में बदलने की होगी।