ललिता गौतम केस में सपा का प्रदर्शन, बेकसूरों की रिहाई की मांग
मेरठ में ललिता गौतम प्रकरण पर सपा प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से की मुलाकात
Location:-
Meerut
Date:- 12 July 2026
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ललिता गौतम मामला: पुलिस कार्रवाई पर सपा ने सरकार को घेरा
मेरठ के चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड के बाद प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमों को लेकर समाजवादी पार्टी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। पार्टी नेताओं ने निष्पक्ष जांच और बेकसूरों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की, जबकि प्रशासन की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
ललिता
गौतम प्रकरण पर बढ़ी राजनीतिक हलचल
ललिता गौतम हत्याकांड के बाद मेरठ में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर प्रदर्शन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर, विधायक अतुल प्रधान और जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गुर्जर शामिल रहे।
डीएम को सौंपा गया ज्ञापन
सपा नेताओं ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में कहा कि प्रदर्शन के दौरान कई निर्दोष युवाओं पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई हुई है तो उसे वापस लिया जाए।
सरकार और पुलिस पर लगाए आरोप
मीडिया से बातचीत में विधायक अतुल प्रधान ने उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया गया और उसके बाद बड़ी संख्या में मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उनकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। हालांकि इन आरोपों पर पुलिस प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
शाहिद मंजूर ने क्या कहा
पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी नागरिकों को प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ कठोर व्यवहार किया गया और कई लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की न्यायिक अथवा निष्पक्ष जांच कराने की मांग दोहराई।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार 21 वर्षीय बीए छात्रा ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने के लिए घर से निकली थीं। इसके बाद वह लापता हो गईं। 17 मई को उनका अधजला शव जंगल क्षेत्र से बरामद हुआ। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी।
घटना के बाद विभिन्न संगठनों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसी प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी, जिसके बाद कई लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए।
मामले का राजनीतिक असर
ललिता गौतम हत्याकांड अब केवल एक आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है। विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई से जोड़कर सरकार को घेर रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।
प्रशासनिक पक्ष का इंतजार
समाजवादी पार्टी ने जिन आरोपों को सार्वजनिक रूप से उठाया है, उन पर जिला प्रशासन और पुलिस की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले के सभी तथ्यों और जांच रिपोर्ट के सामने आने के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन संभव होगा।
ललिता गौतम हत्याकांड और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर मेरठ में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक ओर विपक्ष निष्पक्ष जांच और मुकदमे वापस लेने की मांग कर रहा है, वहीं प्रशासन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। मामले की निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया ही आगे की स्थिति को स्पष्ट करेगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।