घंटों बैठकर काम करना पड़ सकता है भारी, जानिए कैसे रखें अपनी सेहत का ख्याल
ऑफिस में लंबे समय तक बैठने वालों के लिए जरूरी सलाह, एक्सपर्ट्स ने बताए आसान उपाय
डेस्क जॉब कर रहे हैं? ये छोटी-छोटी आदतें बचा सकती हैं कई स्वास्थ्य समस्याओं से
ऑफिस और वर्क फ्रॉम होम के बढ़ते चलन के कारण लाखों लोग रोज़ाना कई घंटे बैठकर काम करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बैठे रहने से मांसपेशियों, हृदय, रीढ़ और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। यह लेख जोखिमों और बचाव के वैज्ञानिक तरीकों पर आधारित जानकारी प्रस्तुत करता है।
📍 स्थान: भारत
📰 दिनांक: 1 अगस्त 2026
✍️ नीलम सैनी
लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, आइए जानते हैं
डिजिटल दौर में कंप्यूटर और लैपटॉप पर घंटों काम करना लाखों लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। चाहे ऑफिस हो या वर्क फ्रॉम होम, लगातार कई घंटे कुर्सी पर बैठे रहने की आदत धीरे-धीरे स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या केवल बैठने की नहीं, बल्कि बिना रुके लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य स्वास्थ्य संस्थान भी नियमित शारीरिक गतिविधि को स्वस्थ जीवनशैली का अहम हिस्सा मानते हैं। उनका कहना है कि यदि दिनभर बैठकर काम करना आपकी मजबूरी है, तो बीच-बीच में शरीर को सक्रिय रखना बेहद जरूरी है।
लगातार बैठे रहने से क्या हो सकते हैं नुकसान?
विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक बैठे रहने से पीठ और गर्दन में दर्द, कंधों में अकड़न, वजन बढ़ना, मांसपेशियों की कमजोरी और खराब मुद्रा (पोश्चर) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ अध्ययनों में अत्यधिक निष्क्रिय जीवनशैली को हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज़ और समय से पहले मृत्यु के बढ़े हुए जोखिम से भी जोड़ा गया है। हालांकि जोखिम व्यक्ति की उम्र, खानपान, व्यायाम और समग्र जीवनशैली पर भी निर्भर करता है।
सही पोश्चर अपनाना क्यों जरूरी है?
काम करते समय रीढ़ सीधी रखने, दोनों पैरों को जमीन पर टिकाने और स्क्रीन को आंखों के स्तर पर रखने की सलाह दी जाती है। गलत पोश्चर लंबे समय में कमर और गर्दन पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। यदि संभव हो तो ऐसी कुर्सी का उपयोग करें जो पीठ को पर्याप्त सहारा दे और कार्यस्थल को अपनी ऊंचाई के अनुसार व्यवस्थित करें।
हर कुछ देर में उठना क्यों है जरूरी?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लगातार कई घंटे बैठे रहने के बजाय नियमित अंतराल पर उठकर कुछ मिनट टहलना या हल्की स्ट्रेचिंग करना लाभदायक हो सकता है। इससे रक्त संचार बेहतर रहता है और मांसपेशियों पर लगातार पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है।
आंखों का भी रखें विशेष ध्यान
कंप्यूटर स्क्रीन पर लगातार देखने से आंखों में थकान, सूखापन और धुंधलापन महसूस हो सकता है। विशेषज्ञ समय-समय पर स्क्रीन से नजर हटाकर दूर की वस्तु देखने और पर्याप्त पलकें झपकाने की सलाह देते हैं। यदि समस्या बनी रहे तो नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
पर्याप्त पानी पीना भी है जरूरी
काम में व्यस्त रहने के दौरान कई लोग पानी पीना भूल जाते हैं। पर्याप्त पानी पीने से शरीर में पानी की कमी होने का खतरा कम होता है और व्यक्ति अधिक सक्रिय महसूस कर सकता है।
नियमित व्यायाम की भूमिका
यदि आपका अधिकांश दिन बैठकर गुजरता है, तो केवल ऑफिस के दौरान सावधानी बरतना पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञ सप्ताहभर में नियमित शारीरिक गतिविधि, तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना, योग या अन्य व्यायाम को भी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है असर
लंबे समय तक स्क्रीन के सामने काम करने से मानसिक थकान और तनाव भी बढ़ सकता है। छोटे-छोटे ब्रेक, गहरी सांस लेने के अभ्यास और काम के बाद परिवार या दोस्तों के साथ समय बिताना मानसिक संतुलन बनाए रखने में मददगार हो सकता है।
क्या स्टैंडिंग डेस्क बेहतर विकल्प है?
कुछ लोग स्टैंडिंग डेस्क का उपयोग करते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि पूरे दिन केवल खड़े रहना भी समाधान नहीं है। सबसे बेहतर तरीका बैठने, खड़े होने और चलते रहने के बीच संतुलन बनाए रखना है।
निष्कर्ष
लंबे समय तक बैठकर काम करना आधुनिक जीवनशैली की सामान्य आवश्यकता बन चुका है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि स्वास्थ्य से समझौता किया जाए। सही पोश्चर, नियमित ब्रेक, पर्याप्त पानी, हल्की शारीरिक गतिविधि और संतुलित दिनचर्या अपनाकर कई स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सकता है। यदि लगातार कमर, गर्दन या अन्य शारीरिक समस्याएं बनी रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।